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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 19, 2019 7:13 PM IST
स्पेनिश फ्लू क्या है ? स्पेनिश फ्लू के लक्षण, कारण और बचाव.
स्पेनिश फ्लू की चुनौती दुनिया के सामने आने वाली है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के पूर्व प्रमुख ने स्पेनिश फ्लू की चेतावनी दी है. स्पेनिश फ्लू के बारे में WHO के पूर्व प्रमुख ने कहा है कि यह अब तक का सबसे खतरनाक फ्लू वायरस होगा. स्पेनिश फ्लू के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी सतर्क व तैयार रहने के लिए कहा है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर स्पेनिश फ्लू वायरस फैलता है तो 8 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर में स्पेनिश फ्लू क्या है, स्पेनिश फ्लू के लक्षण क्या होते हैं, और स्पेनिश फ्लू से बचने के उपाय क्या हो सकते हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की महामारी वाला फ्लू 1918 में देखने को मिला था. 1918 में स्पेनिश फ्लू वायरस की वजह से लगभग 5 करोड़ लोगों की मौत हो गयी थी. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि स्पेनिश फ्लू वायरस जो अब दस्तक देने वाला है वो पहले से ज्यादा खतरनाक है. इसके बारे में विशेषज्ञ कहते हैं कि स्पेनिश फ्लू इस बार इसलिए भी खतरनाक होगा क्योंकि पहले कि तुलना में ज्यादा लोग एक देश से दूसरे देश की यात्रा करते हैं. इसकी वजह से इस फ्लू के फैलने की आशंका बहुत तेज है. विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेनिश फ्लू पूरी दुनिया में 36 घंटे के अंदर फैल सकता है.
अभी तक जितने भी फ्लू हैं उनके लक्षण एक दूसरे से मिलते रहे हैं. स्पेनिश फ्लू के लक्षम भी सामान्य फ्लू की तरह ही होते हैं. ठंड के साथ बुखार आना, गले में इंफेक्शन, सांस लेने में तकलीफ होना, नाक से पानी बहना, सर्दी-जुकाम के साथ खांसी की परेशानी, अचानक से शरीर में कमजोरी लगने लगना, कई बार बुखार नहीं उतरता. जैसे लक्षण स्पेनिश फ्लू में देखे जाते हैं.
स्पेनिश फ्लू के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के पूर्व प्रमुख के नेतृत्व में "द ग्लोबल प्रीपेयर्डनेस मॉनिटरिंग बोर्ड" ने जो रिपोर्ट जारी की है उसके अनुसार स्पेनिश फ्लू से बचाव के उपाय अभी पूरी दुनिया में अपर्याप्त है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह बहुत तेजी से फैलने वाल फ्लू वायरस है, यह बहुत ही खतरनाक है. उनका मानना है कि यह इबोला वायर से भी ज्यादा खतरनाक है. स्पेनिश फ्लू जिस रिपोर्ट से दुनियाभर में चर्चा में आया है उसे "ए वर्ल्ड एट रिस्क" नाम दिया है.
किसी भी तरह के वायरस इंफेक्शन से बचने के जो उपाय हैं, अभी उन्हीं उपायों को अपनाकर लोगों को बचने की सलाह दी जा रही है. कोशिश यह होनी चाहिए कि स्पेनेश फ्लू से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से लोगों को बचाया जाए.
इस खतरनाक महामारी के बारे में जारी रिपोर्ट के अनुसार स्पेनिश फ्लू हवा के जरिए फैलता है. इंसान की सांस से हवा में फैलने के बात यह अन्य इंसानों को अपनी चपेट में ले सकता है. इस खतरानक स्पेनिश फ्लू वायरस के बारे में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह किसी गरीब देश में फैला तो इससे कई करोड़ लोग मौत के शिकार हो सकते हैं. अभी तक इस तरह के फ्लू वायरस से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं.
रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था ने स्पेनिश फ्लू का खतरा दुनिया के किन देशों में ज्यादा है, उसे भी बताया है. स्पेनिश फ्लू और अन्य नये वायरसों का किन देशों में ज्यादा खतरा है इसे वो मैप के द्वारा बताने की कोशिश कर रहे हैं. विश्व में वायरस की वजह से होने वाली महामारी में सबसे ज्यादा खतरनाक स्पेनिश फ्लू को ही माना जाता है. इसके बाद इबोला वायरस, जीका वायरस, निपाह और रूबेला वायरस का नंबर आता है.
पूर्व में आये इस फ्लू वायरस का असर सबसे ज्यादा ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और यूनाटेड स्टेट पर हुआ था.
इसके बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेनिश फ्लू ज्यादातर बच्चों, बुजूर्गों और कमजोर लोगों को शिकार बनाता है. हलांकि 1918 में आयी इस महामारी के शिकार सबसे ज्यादा युवा लोग हुये थे.
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