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कब एक साधारण सा इन्फेक्शन बन जाता है जानलेवा सेप्सिस? इमरजेंसी डॉक्टर ने किया सावधान

What is Sepsis in Hindi: सेप्सिस को लेकर जागरूकता बहुत जरूरी है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारी जैसे ही दिखाई देते हैं। सही समय पर पहचान और तुरंत इलाज से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

कब एक साधारण सा इन्फेक्शन बन जाता है जानलेवा सेप्सिस? इमरजेंसी डॉक्टर ने किया सावधान
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Saifa M. Latheef

Written by Mukesh Sharma |Published : March 12, 2026 3:37 PM IST

What is Sepsis Disease: हेल्थ से जुड़ी छोटी-मोटी सस्याएं जैसे बुखार, खांसी, यूरिन इन्फेक्शन, छोटी-मोटी चोट का घाव और उसमें इन्फेक्शन बनना आदि को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं। लेकिन डॉक्टर हमेशा कहते हैं कि इन्फेक्शन को बुखार व खांसी जैसी समस्याओं की तरह आम नहीं समझना चाहिए और इसका इलाज समय पर व पूरा होना चाहिए। क्योंकि कुछ प्रकार के इन्फेक्शन तब तक शरीर में बने रहते हैं, जब तक उनके इलाज का कोर्स पूरा न हो जाए। यहां तक कि कुछ संक्रमण तो शरीर में गंभीर रूप भी ले सकते हैं और इनमें से एक के बारे में डॉक्टर आपको इस लेख में बताने वाले हैं। ग्रेटर नोएडा में शारदाकेयर-हेल्थसिटी इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट की क्लिनिकल हेड डॉ. सइफा एम. तलीफ इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।

अक्सर हम किसी छोटे-मोटे इन्फेक्शन, बुखार, खांसी, घाव या यूरिन प्रॉब्लम को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही साधारण दिखने वाला संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और शरीर में सेप्सिस नाम की जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। सेप्सिस तब होता है जब शरीर किसी संक्रमण के खिलाफ अत्यधिक प्रतिक्रिया देने लगता है और इससे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचने लगता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति सेप्टिक शॉक तक पहुंच सकती है, जो जान के लिए खतरा बन सकती है।Dr Saifa Latheef, MBBS, DNB-EM, MRCEM(UK), FACEE (AIIMS), FGID, MNAMS, Clinical Head, Emergency Medicine, Sharda Care Healthcity

क्या है सेप्सिस और कैसे होता है?

सेप्सिस एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है जो तब विकसित होती है जब शरीर में मौजूद किसी संक्रमण जैसे फेफड़ों का संक्रमण (निमोनिया), मूत्र मार्ग का संक्रमण, पेट का संक्रमण या किसी घाव में हुए संक्रमण के कारण शरीर की इम्यून सिस्टम अत्यधिक प्रतिक्रिया देने लगती है। इस प्रतिक्रिया के कारण शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) तेजी से फैलने लगती है, जिससे रक्त संचार प्रभावित हो सकता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे किडनी, फेफड़े, दिल और दिमाग ठीक से काम नहीं कर पाते।

सेप्सिस होने का खतरा सबसे ज्यादा उन लोगों को होता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है जैसे बुजुर्ग, छोटे बच्चे, डायबिटीज के मरीज, कैंसर के मरीज, किसी बीमारी के कारण लंबे समय से अस्पताल में भर्ती लोग या ऑटोइम्यून बीमारियों की दवाएं ले रहे लोग आदि।

(और पढ़ें - क्या जरूरत से ज्यादा साफ-सफाई से इम्यूनिटी कमजोर होती है?)

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

सेप्सिस एक जानलेवा हेल्थ इमरजेंसी है और इसकी एक खास बात है जो इसे और खतरनाक बनाती है और वे हैं इसके शुरुआती लक्षण। क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में कई बार सामान्य संक्रमण जैसे लगते हैं, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं और अक्सर लोग इन्हें इग्नोर कर देते हैं। लेकिन कुछ लक्षण हैं जो छोटे-मोटे संक्रमण के दौरान भी इग्नोर नहीं किए जाने चाहिए।

  • तेज बुखार या शरीर का तापमान बहुत कम हो जाना
  • सांस लेने में तकलीफ या सांस तेज चलना
  • दिल की धड़कन बहुत तेज होना
  • बहुत ज्यादा कमजोरी या भ्रम (कन्फ्यूजन) महसूस होना
  • पेशाब कम आना या ब्लड प्रेशर का अचानक गिरना

अगर किसी संक्रमण के साथ ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इमरजेंसी में समय पर इलाज शुरू करना सेप्सिस से होने वाले गंभीर नुकसान को रोक सकता है।

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बचाव और समय पर इलाज क्यों जरूरी ?

सेप्सिस को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है संक्रमण की समय रहते पहचान करना और उसका सही इलाज करवाना। किसी भी संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर अगर लक्षण लगातार बढ़ रहे हों। कुछ सावधानियों का पालन करके सेप्सिस के खतरे को कम किया जा सकता है -

  • संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह से समय पर इलाज करवाना
  • घावों की साफ-सफाई और सही देखभाल करना
  • वैक्सीनेशन को समय पर पूरा करवाना
  • डायबिटीज या अन्य पुरानी बीमारियों को नियंत्रित रखना
  • किसी भी इन्फेक्शन की दवाओं का कोर्स पूरा करना

सेप्सिस एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए इसके लक्षणों को समझना और तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बहुत महत्वपूर्ण है। सही समय पर इलाज मिलने से मरीज की स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है और जीवन बचाया जा सकता है। लोगों में जागरूकता बढ़ाना और छोटे-मोटे संक्रमण को भी गंभीरता से लेना सेप्सिस से बचाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।