
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : January 12, 2026 8:13 AM IST
What is Rheumatic Arthritis: रूमेटाइडअर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का इम्यूनसिस्टम गलती से अपने जोड़ों पर हमला करने लगता है। इसकी वजह से व्यक्ति को गंभीर जोड़ों के दर्द का सामना करना पड़ता है। रूमेटाइडअर्थराइटिस की वजह से हाथ, पैर, कंधों, कलाइयो और घुटनों के जोड़ों पर दर्द महसूस हो सकता है। इतना ही नहीं, रूमेटाइडअर्थराइटिस की वजह से आपको जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। जब यह स्थिति गंभीर रूप लेती है, तो जोड़ो के साथ ही फेफड़ों, हृदय और आंखों को भी प्रभावित करने लगती है। रूमेटाइडअर्थराइटिस का समय पर इलाज बहुत जरूरी है। अन्यथा, पीड़ित व्यक्ति की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। आइए, नारायणाहॉस्पिटल, जयपुर के डायरेक्टर - रुमेटोलॉजी डॉ. राहुल जैन से जानते हैं रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण क्या हैं?
रूमेटाइडअर्थराइटिस के रोगियों को जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी समस्याएं बेहद आम हैं। अगर आपको अक्सर ही जोड़ों में दर्द और सूजन रहती है तो इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह रूमेटाइडअर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। इसकी वजह से आपको जोड़ों में जकड़न भी महसूस हो सकती है।
थकान और कमजोरी भी रूमेटाइडअर्थराइटिस के संकेत हो सकते हैं। रूमेटाइडअर्थराइटिस होने पर व्यक्ति को बार-बार थकान महसूस हो सकती है। इसलिए इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, हरबार की थकान रूमेटाइडअर्थराइटिस नहीं होता है। इसलिए आपको बिना जांच कराए चिंता करने की जरूरत नहीं है।
रूमेटाइडअर्थराइटिस की वजह से भूख न लगना एक आम समस्या है। इसकी वजह से आपको भूख कम लग सकती है। भूख न लगना एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
रूमेटाइडअर्थराइटिस का कोई स्थायी इलाज नहीं होता है। लेकिन, कुछ दवाइयों, थेरेपी और बदलाव करके इसकी वजह से होने वाले दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है।
रूमेटाइडअर्थराइटिस का इलाज करने के लिए डॉक्टर दवाइयां लिख सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर NSAIDs (Non-steroidal anti-inflammatory drugs) लिख सकते हैं। इन दवाइयों के सेवन से शरीर के दर्द और सूजन में आराम मिलता है। इसके अलावा भी कईऐसी दवाइयां हैं, जो रूमेटाइडअर्थराइटिस के मरीजों के लिए लिखी जा सकती है।
रूमेटाइडअर्थराइटिस के रोगियों के लिए फिजियोथेरेपी भी बहुत जरूरी है। इस अर्थराइटिस के रोगियों को रेगुलरएक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे जोड़ों में फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती है। फिजियोथेरेपी करने से आपको दर्द से राहत मिल सकती है।
रूमेटाइडअर्थराइटिस के कई मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है। जब दवाइयों और फिजियोथेरेपी से लाभ नहीं मिलता है, तो सर्जरी का सहारा लिया जाता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।