साइनस का समय पर करा ले इलाज नहीं तो हो सकते हैं अस्थमा के शिकार

अगर समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो बाद में अस्थमा जैसे कई गंभीर रोग भी हो सकते है।

WrittenBy

Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 16, 2018 5:58 PM IST

बदलते पर्यावरण और बदलती जीवन शैली में लोगों को श्वांस की बीमारी होने का खतरा बढ़ गया है। अक्सर देखा जाता है कि लोग लगातार काम की वजह से छोटे-छोटे लक्षणों को इग्नोर करते हैं और बड़ी बीमारी के शिकार हो जाते हैं। साइनस की बीमारी को ही देखा जाय तो सामान्यतया यह सर्दी के रूप में शुरू होती है और बडी समस्या बन जाती है। साइनस की बीमारी में सामान्यतया बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। कुछ मामलों में यह वायरल इंफेक्शन की वजह से भी होता है। साइनस फंगल इंफेक्शन की वजह से भी होता है। अगर यह बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से हो और फंगल इंफेक्शन हो जाय तो यह खतरनाक भी हो सकता है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो बाद में अस्थमा जैसे कई गंभीर रोग भी हो सकते है।

यह भी पढ़ेंः उत्तर भारत में दमा के सर्वाधिक मरीज क्यों हैं ?

एक्सपर्ट्स की माने तो यह नाक में होने वाला बहुत सामान्य रोग है। इस रोग में  नाक की हड़डी भी बढ़ जाती है। कुछ मामलों में नाक की हड्डी तिरछी भी हो जाती है। साइनस में इंसान को सांस लेने में परेशानी होती है। साइनस से परेशान इंसान को धूल, धुआं और ठंडी हवा में ज्यादा परेशानी होती है।

साइनस के कारण 

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि साइनस दरअसल इंसान के सर के अंदर की कैविटी की वजह से होता है। नाक से जब इंसान सांस लेता है तो उसकी मदद के लिए एक कैविट होती है जो सांस लेने मेें सरलता लाती है। जब इंसान में किसी इंफेक्शन की वजह से सांस के मार्ग में बाधा आती है तो कैविटी जमने लगती है। कैविटी जमने के बाद इंफेक्शन होने लगता है। कभी-कभी तो मवाद या बलगम भी भरने लगता है। इस स्थिति में इंसान को ज्यादा परेशानी होती है।

यह भी पढ़ेंः फंगल इंफेक्शन से बचाते हैं ये तीन हर्ब्स। 

तीन मुख्य कारण 

  1. सबसे प्रमुख कारण तो बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। इस समस्या से बचने के लिए साफ हवा और ठीक से साफ-सफाई की जरूरत होती है।
  2. फंगल इंफेक्शन की वजह से भी साइनस की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए हमेशा सतर्क रहने की जरूरत होती है। साइनस की समस्या वायरल इंफेक्शन की वजह से भी हो सकती है।
  3. नाक की हड्डी ढ़ेडी होने पर भी साइनस की समस्या हो सकती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सर्जरी की जरूरत होती है।

यह भी पढ़ेंः क्या अस्थमा की बीमारी खान-पान से ठीक हो सकती है ? जानें नये फैक्ट्स।

इलाज

अगर सिटी स्कैन व एलर्जी टेस्ट आदि करवाकर यदि नाक की हड्डी एवं साइनस की बीमारी सामने आती है, तो उस मरीज को घबराने की जरूरत नहीं है। इसका ऑपरेशन दूरबीन विधि से या फिर नाक की इंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी करा सकते हैं। साइनस से ग्रसित व्यक्तियों को धुंए और धूल से बचना चाहिए।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source