
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 13, 2026 6:00 PM IST
prateek yadav death reason (Image edited with the help of Chatgpt)
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह के बेटे प्रतीक यादव के निधन उनके चाहने वाले काफी आहत हुए हैं। महज 38 साल की उम्र में बीजेपी नेता अपर्णा सिंह के पति प्रतीक यादव की मृत्यु की मृत्यु से लोग काफी परेशान हैं और निधान का कारण जानना चाहते हैं। लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने प्रतीक यादव की मृत्यु के बाद एएनआई को इंटरव्यू देते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही प्रतीक यादव को पल्मोनरी एम्बोलिज्म हुआ था और उसके कारण उनके हार्ट पर भी काफी प्रेशर पड़ा था। साथ ही डॉ. रुचिता ने यह भी बताया कि वे काफी समय से वे प्रतीक यादव की हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या का इलाज कर रही थी। कुछ दिन पहले ही उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की समस्या के कारण अस्पताल में एडमिट किया गया था।
#WATCH | Lucknow, UP: Dr Ruchita Sharma, Associate Director, Department of Medicine says, "We received news regarding the passing away of Prateek Yadav, and we are deeply saddened by this loss. He was a long-standing patient of ours; I had been treating him for quite some time… pic.twitter.com/Q1LfOghIcp
— ANI (@ANI) May 13, 2026
पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक गंभीर कार्डियोवैस्कुलर डिजीज है, जिसका मतलब है फेफड़ों और हार्ट को प्रभावित करने वाली बीमारी। इसमें शरीर के किसी हिस्से में बना ब्लड क्लोट यानी खून का थक्का जब खून साथ बहकर फेफड़ों तक आ जाता है और फेफड़ों की किसी बारीक संरचना यानी ब्लड वेसल या आर्टरी में फंस जाता है, तो उससे यह समस्या पैदा हो जाती है। ज्यादातर मामलों में देखा गया है पल्मोनरी एम्बोलिज्म का कारण बनने वाला खून का थक्का आमतौर पर टांगों में ही बनता है, जो आमतौर पर डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) से जुड़ा होता है।
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पल्मोनरी एम्बोलिज्म इमरजेंसी कंडीशन है और अगर समय पर इमरजेंसी डॉक्टरों की देखभाल न मिल पाए तो इससे मरीज की जान जाने का खतरा बन जाता है। ऐसा आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि जब खून के किसी थक्के के कारण कोई आर्टरी ब्लॉक हो जाती है, तो उसके कारण ब्लड फ्लो प्रभावित हो जाता है जिससे खून में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और ब्रेन तक ऑक्सीजन पहुंचना धीरे-धीरे कम होने लगती है। उधर हार्ट को ब्लड पंप करने में और ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और ब्लॉकेज लगातार बढ़ती रहती है। जिससे ब्रेन डैमेज या हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे पहले यह जानना होगा कि यह एक इमरजेंसी कंडीशन है, लेकिन इसके लक्षण अचानक या फिर धीरे-धीरे दोनों तरीके से विकसित हो सकते हैं। इसके कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं -
धीरे-धीरे यह स्थिति गंभीर होती जाती है और इसके साथ-साथ कुछ गंभीर लक्षण भी देखे जा सकते हैं जैसे खांसी के साथ खून आना और मरीज को होश न रहना।
सही समय पर सही इलाज करके पल्मोनरी एम्बोलिज्म को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। भारत में पल्मोनरी एम्बोलिज्म से ज्यादातर मामले, जिनका इलाज समय पर शुरू किया गया था उनमें मरीजों को पूरी तरह से रिकवर किया जा सकता है। एडवांस दवाओं की मदद से खून के थक्के को अंदर ही घोलकर खत्म कर दिया जाता है। खून के थक्के को घोलने और नए थक्के बनने से रोकने के लिए एंटीकॉएग्युलेंट दवाओं का उपयोग किया जाता है, जिन्हें ब्लड थिनर मेडिसिन भी कहते हैं।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल पल्मोनरी एम्बोलिज्म से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल पल्मोनरी एम्बोलिज्म या किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।