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Blockages in nerves and arteries: शरीर का खून धमनियों के रास्ते ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्वों को महत्त्वपूर्ण अंगों तक पहुंचाता है। बंद धमनियों के कारण अक्सर दिल के दौरे या स्ट्रोक का खतरा बना रहता हैं। बहुत से लोगों को अपनी बंद धमनियों के कारण पैरों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। आर्टरीज ब्लॉक होने के कारण पैरों में भी कुछ लक्षण दिखायी देते हैं। हृदय में धमनियों के बंद होने के कारण पैरों और शरीर के निचले हिस्सों में ब्लड सर्कुलेशन में रूकावट डाल सकता है। जब ब्लॉकेज के कारण पैरों की धमनियां संकुचित होने लगती हैं , तो इस स्थिति को पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) कहा जाता है। वैस्कुलर सर्जन और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अशांक बंसल, (Dr. Ashank Bansal, Interventional Radiologist, Apollo Spectra Hospital, Mumbai.) कहते हैं कि, ज़्यादातर लोगों को इस बारे में पूरी जानकारी नही होती हैं। इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि धमनी में रुकावट आने के क्या कारण हौं और आपकी नसों और धमनियों को ब्लॉकेज से बचाने के लिए क्या करना चाहिए।
जब फैट्स और कोलेस्ट्रॉल धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर जमा हो जाते हैं, तो धमनियां बंद हो सकती हैं। इसे पेरिफेरल आर्टरी डिजिज के नाम से जाना जाता है। यह अक्सर धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर लेवल, डायबिटीज और अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल जैसी क्रोनिक हेल्थ कंडीशन्स और कसरत ना करने या आलस करने वाली लाइफस्टाइल के कारण होता है। समय के साथ, ये कंडीशन्स रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, पैरों में रक्त के प्रवाह को कम करते हैं और दर्द, संक्रमण और यहां तक कि ऑर्गन डैमेज का रिस्क भी बढ़ा सकते हैं।”

एक्सपर्ट के अनुसार अगर ये लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे नजरअंदाज नही करना चाहिए। क्योंकि समय रहते निदान और इलाज मिल जाने से मरीज को जल्द आराम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
बंद धमनियों का निदान करने के लिए विशेषज्ञ एंकल-ब्रेकियल इंडेक्स (ABI) जैसे टेस्ट के साथ-साथ एक कुछ फिजिकल टेस्ट भी कर सकते हैं। विशेषकर, टखने की जांच की जाती है और हाथ में ब्लड प्रेशर लेवल को चेक किया जाता है। इसके अलावा डॉपलर अल्ट्रासाउंड, सीटी एंजियोग्राफी या एमआर एंजियोग्राफी जैसे इमेजिंग स्क्रिनिंग की मदद से ब्लॉकेज के स्तर की जांच की जाती है। इन टेस्ट्स की मदद से मरीज के लिए सही इलाज तय करने में मदद होती है।
पैरों की धमनियों के बंद होने का उपचार हर मरीज के स्थिती पर निर्भर करता है। जीवनशैली में बदलाव और कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने वालीदवाएं मरीजों को दी जाती हैं। अधिक गंभीर मामलों में, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और कॉम्लिकेशन्स का रिस्क कम करने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती हैं।
पैरों में धमनियों के बंद होने को रोकने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी हैं। जैसे आप अपनी लाइफस्टाइल को अधिक हेल्दी बनाएं और इस तरह की आदतें अपनाएं। जैसे-
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।