PCOS क्या है? जानें क्यों बढ़ रहे हैं इसके मामले और इससे जुड़ी सारी ABCD

PCOS के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। महिलाओं में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं-

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Written By: Anju Rawat | Published : February 4, 2026 10:19 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Archana Dhawan Bajaj

पीसीओएस एक हार्मोनल डिसऑर्डर है। इसमें ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं और पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं। बदलती जीवनशैली और तनाव, पीसीओएस के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। आजकल महिलाओं में पीसीओएस के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। खासकर, किशोरियों और युवा महिलाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल और तनाव को पीसीओएस का मुख्य कारण माना जाता है। पीसीओएस की वजह से शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं और इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं। इसलिए पीसीओएस के लक्षणों पर शुरुआत में गौर करना बहुत जरूरी है। अन्यथा, यह प्रजनन क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। आइए, नर्चर की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन से जानते हैं पीसीओएस से जुड़ी जानकारी-

PCOS के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

पीसीओएस के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। इसके लिए कुछ कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

  • बदलती हुई खराब जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या को पीसीओएस का मुख्य कारण माना जाता है।
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी होने पर भी पीसीओएस की समस्या हो सकती है।
  • अगर आप प्रोसेस्ड और जंक फूड का सेवन करते हैं, तो पीसीओएस का खतरा बढ़ सकता है।
  • तनाव पीसीओएस के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए मानसिक शांति बहुत जरूरी है।
  • अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो भी पीसीओएस का खतरा ज्यादा रहता है।

इसके अलावा, जेनेटिक कारण भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। अगर आपके परिवार में किसी महिला को PCOS रहा हो, तो आपमें भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

pcos

PCOS से शरीर में होने वाले बदलाव

  • पीसीओएस की वजह शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आते हैं। इसकी वजह से पीरियड्स का अनियमित होने लगते हैं और कई बार महीनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं। यह ओव्यूलेशन में दिक्कत का एक संकेत होता है, इसलिए इससे प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है।
  • पीसीओएस की वजह से वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इसकी वजह से पेट के आस-पास फैट जमा होने लगता है। अगर तेजी से वजन बढ़ रहा है तो यह पीसीओएस का संकेत हो सकता है।
  • पीसीओएस की वजह से आपके चेहरे पर मुंहासे और ऑयली स्किन की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से सिर के बालों का झड़ना शुरू हो सकता है। ऐसा हार्मोनल असंतुलन की वजह से हो सकता है।
  • PCOS की वजह से ओव्यूलेशन नहीं हो पाता है और इससे प्रेग्नेंसी में रुकावट आ सकती है।

क्या PCOS सिर्फ प्रजनन से जुड़ी समस्या है?

ज्यादातर लोगों को लगता है कि पीसीओएस सिर्फ प्रजनन से जुड़ी समस्या है। लेकिन, यह सिर्फ पीरियड्स या प्रेग्नेंसी तक सीमित नहीं है। जब पीसीओएस लंबे समय तक कंट्रोल में नहीं आता है, तो यह कई रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है।

  • पीसीओएस की वजह से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
  • यह ब्लड प्रेशर को भी बढ़ाता है।
  • कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से बढ़ता है।
  • तनाव और एंग्जाइटी का स्तर बढ़ता है।

PCOS and pregnancy

PCOS का इलाज क्या है?

पीसीओएस का कोई स्थायी इलाज नहीं है। लेकिन, सही डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करके इसे काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है।

  • लो-ग्लाइसेमिक डाइट लेना चाहिए। अपनी डाइट में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स जरूर शामिल करें।
  • रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें और वजन को कंट्रोल में रखें। अगर आपका ओवरवेट है, तो वजन को कम करने का प्रयास करें।

    स्ट्रेस को कम करना बहुत जरूरी होता है।

  • PCOS को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए, करना सही नहीं है, लेकिन इससे डरने की भी जरूरत नहीं।

सही जानकारी, समय पर पहचान और लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके महिलाएं PCOS के साथ भी स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकती हैं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।