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क्या है पैप स्मीयर टेस्ट,कब कराना चाहिए यह टेस्ट और क्या है इसका प्रोसीजर,एक्सपर्ट से जानें सबकुछ

महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट क्यों कराना चाहिए और पैप स्मीयर टेस्ट की पूरी प्रक्रिया क्या है। पढ़ें यहां विस्तार से। 

क्या है पैप स्मीयर टेस्ट,कब कराना चाहिए यह टेस्ट और क्या है इसका प्रोसीजर,एक्सपर्ट से जानें सबकुछ
A Pap smear is a painless process, and the surrounding region abnormalities may develop into cervical cancer. Screening guidelines for women aged 30 to 65 include pap smears every three years, high-risk HPV testing every five years, or a combination of the two every five years.

Written by Sadhna Tiwari |Updated : July 14, 2022 7:01 AM IST

What is Pap Smear Test: सर्विकल कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला एक सबसे आम प्रकार का कैंसर है। दुनियाभर में हर वर्ष सर्विकल कैंसर की वजह से भारी संख्या में महिलाओं की मृत्यु (cervical cancer mortality rate) हो जाती है। पैप स्मीयर टेस्ट (Pap smear test) सर्विकल कैंसर का पता लगाने का एक अच्छा तरीका है। अपोलो डायग्नोस्टिक, पुणे की मैनेजर टेक्निकल ऑपरेशंस डॉ. प्रेरणा अग्रवाल (Dr. Prerna Agrawal, Apollo Diagnostic, Pune) ने बताया सर्विकल कैंसर का समय पर निदान और इस कैंसर की गम्भीरता से बचने के लिए क्या करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट क्यों कराना चाहिए और पैप स्मीयर टेस्ट की पूरी प्रक्रिया क्या है। पढ़ें यहां विस्तार से।  (What Is Pap Smear Test in Hindi)

क्या है सर्विकल कैंसर के कारण और लक्षण (Cervical Cancer Causes)

सर्विकल कैंसर के कई कारण हो सकते हैं। यह कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) की वजह से होता है। इसके अलावा सर्विकल कैंसर के अन्य कारण हैं-

  • सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन और बीमारियां (STD)
  • कमजोर रोग-प्रतिरोधक शक्ति (Low immunity)
  • सर्विक्स में घाव

सर्विकल कैंसर के लक्षण (Symptoms of Cervical Cancer in Hindi)

  • हेवी पीरियड फ्लो (Heavy bleeding during periods)
  • पेट में दर्द (stomach pain)
  • मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होना ( bleeding after menopause)
  • बदबू के साथ योनि से स्राव (vaginal discharge)
  • यूरिन पास करते समय दर्द और तकलीफ महसूस करना (discomfort while urinating)

पैप स्मीयर टेस्ट क्यों है जरूरी? (Why is Pap Smear Test important for women)

डॉ. प्रेरणा अग्रवाल के अनुसार, सर्विकल कैंसर को रोकने का सबसे अच्छा तरीका स्क्रीनिंग (screening) ही है। पैप टेस्ट की मदद से महिलाओं को उनके स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाने में मदद हो सकती है। इसीलिए, डॉक्टर महिलाओं को कम से कम एक पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test) कराने की सलाह जरूर देंगे।  समय पर जांच कराने से सर्विकल कैंसर से बचने में मदद मिल सकती है। हमारे देश में कैंसर के जल्द निदान को कैंसर की वजह से होने वाली मृत्यु दर को बढ़ने से रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है। सर्विकल कैंसर से बचाव के प्रयास के तौर पर  21 वर्ष से 60 साल की उम्र की महिलाओं को उनकी उम्र के अनुसार, डॉक्टर हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।।

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कैसे किया जाता है पैप स्मीयर टेस्ट

पैप स्मीयर टेस्ट के लिए महिलाओं के सर्विक्स या गर्भाशय ग्रीवा से कोशिकाओं को इकट्ठा किया जाता है। पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होने वाले बदलावों और कैंसरस सेल्स का पता लगाने का भी तरीका है। जब टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो इसका अर्थ है कि, टेस्ट के दौरान सर्विक्स पर कोई कैंसरस सेल नहीं मिलीं।

वहीं, जब टेस्ट के दौरान रिजल्ट असामान्य हों, तो यह गर्भाशय ग्रीवा पर असामान्य कोशिकाओं की उपस्थिति का भी संकेत दे सकता है। हालांकि, टेस्ट के दौरान अगर सर्विकल कैंसर का पता चलता है, तो इसका तुरंत इलाज किया जा सकता है। इसीलिए, 21-65 आयु वर्ग की महिलाओं को हर साल बिना चूके पैप स्मीयर टेस्ट  कराना चाहिए। आमतौर पर पैप स्मीयर टेस्ट को 30 वर्ष की उम्र के बाद से ह्यूमन पेपिलोमा वायरस या एचपीवी (human papilloma virus) के साथ जोड़कर देखा जा सकता है।  अगर आप इस आधार पर पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहते हैं तो  ऐसे में आप 3 साल के बजाय हर 5 साल में टेस्ट करा सकती हैं।

पैप टेस्ट के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Things to keep in mind before pap smear test in Hindi)

पैप स्मीयर टेस्ट करते समय महिलाओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने की सलाह (tips for pap smear test) दी जाती है। जैसे,

  • कभी भी पीरियड्स के दौरान पैप स्मीयर कराने ना जाएं क्योंकि इस समय टेस्ट करने से सही और सटीक परिणाम सामने नहीं आ सकते हैं।  (pap smear during periods)
  • इसी तरह टेस्ट से पहले डूशिंग और स्प्रे, इंटिमेट वॉशिंग सोल्यूशन या अन्य किसी भी प्रकार के केमिकल प्रॉडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

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