
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : November 21, 2025 9:01 AM IST
Medically Verified By: Dr. Kaival Gundavda
Pancreatic Cancer Kya Hota Hai: पैंक्रियाटिक कैंसर हमारे पैंक्रियास (Pancreas) से शुरू होता है। यह पेट के पीछे एक ग्लैंड है जो खाना पचाने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है। चूंकि पैंक्रियाज शरीर में काफी अंदर होता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को अक्सर लोग पहचान नहीं पाते। यही वजह है कि यह कैंसर अक्सर देर से पता चलता है।
अगर हम इस बीमारी को समझ लें, लक्षणों को पहचान लें, और अच्छी लाइफस्टाइल अपना लें, तो इससे काफी फर्क आ सकता है। पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण और बचाव के तरीकों को विस्तार से जानने के लिए हमने एसएसओ हॉस्पिटल के हेपेटोपैनक्रिएटोबिलरी (HPB) और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर कैवल गुंदवडा से बात की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या जानकारी दी।
पैंक्रियाटिक कैंसर तब होता है जब पैंक्रियास में असामान्य कोशिकाएं (Abnormal Cells) बेकाबू होकर बढ़ने लगती हैं। सबसे आम प्रकार है पैंक्रियाटिक एडेनोकार्सिनोमा, जो उन नलिकाओं (Ducts) में बनता है जो पाचन एंजाइम (Digestive Enzymes) ले जाती हैं।
यह कैंसर तेज़ी से आस-पास के अंगों, जैसे लिवर, आंत और लिम्फ नोड्स, में फैल सकता है। इसे जल्दी पकड़ना मुश्किल है क्योंकि लक्षण धीरे-धीरे आते हैं और लोग अक्सर इसे पेट या पाचन की आम समस्यामान लेते हैं।
चूंकि ये लक्षण आम पेट या लिवर की बीमारियों जैसे होते हैं, लोग इन्हें अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर ये लक्षण कुछ हफ्तों से ज्यादा रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इस वर्ल्ड पैंक्रियाटिक कैंसर दिवस पर, जागरूकता (Awareness) ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। लक्षणों को जल्दी पहचानना, समय पर डॉक्टर से मिलना, और एक सेहतमंद लाइफस्टाइल अपनाना इस मुश्किल बीमारी के खतरे को कम करने और परिणाम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
रक्त कैंसर के 3 प्रकार हैं। इसमें ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मायलोमा शामिल हैं।
50 साल से ऊपर और धूम्रपान या शराब का सेवन करने वाले लोगों में पेट के कैंसर का जोखिम ज्यादा रहता है।
जी हां, एसिडिटी और गैस पेट के कैंसर का संकेत हो सकते हैं। लेकिन, सभी मामलों में यह कैंसर की तरफ इशारा नहीं करता है।
पित्ताशय में लगातार सूजन होना, गांठें बनना, शरीर का वजन बढ़ जाने, संक्रमण और उम्र बढ़ने के साथ पित्ताशय में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।