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What is Open Heart Surgery: आधुनिक जीवनशैली ने हमारी दिनचर्या को तेज और सुविधाजनक तो बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही स्वास्थ्य समस्याएं भी तेजी से बढ़ी हैं। इनमें सबसे गंभीर और चिंताजनक बीमारी हृदय रोग है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तनाव और असंतुलित आहार ने दिल की बीमारियों को आम बना दिया है। देश और दुनिया में हर साल लाखों लोग दिल की बीमारियों के शिकार होते हैं और कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि दवाओं और सामान्य उपचार से जीवन बचाना संभव नहीं होता। ऐसे में, ओपन हार्ट सर्जरी मरीज के लिए जीवनदान साबित होती है। आइए, डॉ. सौरभ जायसवाल, वरिष्ठ सलाहकार- कार्डिएक सर्जरी, नारायण अस्पताल, जयपुर से जानते हैं ओपन हार्ट सर्जरी क्या है और इसकी जरूरत पड़ती है?
ओपन हार्ट सर्जरी एक ऑपरेशन है, जिसमें डॉक्टर मरीज के हृदय तक सीधी पहुंच बनाते हैं। इस दौरान मरीज को पूर्ण बेहोशी (जनरल एनेस्थीसिया) दी जाती है। ऑपरेशन के समय अक्सर हार्ट-लंग मशीन का सहारा लिया जाता है, जो हृदय और फेफड़ों का काम संभालते हुए शरीर में खून और ऑक्सीजन का संचार बनाए रखती है। इस प्रक्रिया के जरिए डॉक्टर हृदय की जटिल समस्याओं जैसे ब्लॉकेज, वाल्व की खराबी, या जन्मजात दोष को ठीक कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ओपन हार्ट सर्जरी का निर्णय तब लिया जाता है जब अन्य विकल्प काम नहीं आते। यह सर्जरी कई गंभीर स्थितियों में की जाती है, जैसे:
जब हृदय की धमनियों में वसा और कोलेस्ट्रॉल जमा होकर खून का प्रवाह बाधित कर देते हैं, तो दिल तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट (CABG) नामक ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है।
हृदय में चार वाल्व होते हैं, जो खून के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। जब ये वाल्व ठीक से काम नहीं करते, तो सांस फूलना, थकान और हृदय की धड़कन असामान्य होना जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसी स्थिति में वाल्व को रिपेयर या रिप्लेस करना पड़ता है।
कई बच्चों का जन्म हृदय की संरचनात्मक खामियों के साथ होता है। इनमें छेद होना या रक्त प्रवाह का मार्ग गलत होना जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन्हें ठीक करने के लिए भी ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है।
एओर्टा शरीर की सबसे बड़ी धमनी है। जब इसमें असामान्य सूजन या फटने का खतरा होता है, तो ओपन हार्ट सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बनती है।
ओपन हार्ट सर्जरी अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता से की जाती है। इसकी प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:
1. मरीज को जनरल एनेस्थीसिया देकर गहरी नींद में सुलाया जाता है।
2. डॉक्टर मरीज के सीधा हार्ट तक पहुंचते हैं ।
3. हार्ट-लंग मशीन मरीज के हृदय और फेफड़ों का काम संभालती है।
4. सर्जन हृदय पर आवश्यक प्रक्रिया करते हैं — जैसे ब्लॉकेज हटाना, बायपास करना, वाल्व रिपेयर करना या हृदय की संरचना सुधारना।
5. सर्जरी पूरी होने के बाद रिकवरी के लिए मरीज को आईसीयू में रखा जाता है।
ओपन हार्ट सर्जरी के बाद मरीज का स्वास्थ्य धीरे-धीरे सुधरता है। रिकवरी में 6 से 12 हफ्ते का समय लग सकता है। इस दौरान:
भारत में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारतीय हृदय रोग सोसायटी के आंकड़ों के अनुसार, हर साल लाखों मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों ही नहीं, छोटे कस्बों और गांवों में भी हृदय रोग तेजी से फैल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर जाँच और सही इलाज मिलने पर यह सर्जरी जीवन को बचाने में कारगर साबित होती है।
हालांकि ओपन हार्ट सर्जरी जीवन रक्षक है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका रोकथाम है। इसके लिए:
ओपन हार्ट सर्जरी आज के समय में लाखों लोगों के लिए जीवनदान साबित हो रही है। यह न केवल हृदय की गंभीर समस्याओं का समाधान करती है, बल्कि मरीजों को स्वस्थ और सामान्य जीवन जीने का अवसर देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और सर्जरी से कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। दिल की बीमारियों से जंग जीतने में ओपन हार्ट सर्जरी निस्संदेह सबसे बड़ा हथियार है। इसके अलावा मिनिमल इनवेसिव अथवा छोटे चीरे की सर्जरी द्वारा भी हृदय की बीमारियों का इलाज किया जाता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।