पेशाब से जुड़ी बीमारी 'ओलिगुरिया' क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और गंभीरता के बारे में

क्या आपको बहुत कम मात्रा में पेशाब आता है? अगर हां, तो यह एक गंभीर समस्या हो सकती है। इस स्थिति को नजरअंदाज न करें। यह किडनी से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 3, 2026 2:24 PM IST

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Medically Verified By: DR. Vineet

स्वस्थ शरीर के लिए किडनी का सही तरीके से काम करना बहुत जरूरी है। किडनी खून को साफ करती है और शरीर से सारे हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के रास्ते बाहर निकालती है। लेकिन, जब किसी व्यक्ति को सामान्य से बहुत कम पेशाब आने लगे, तो यह एक गंभीर हो सकती है। मेडिकल टर्म में इसे ओलिगुरिया कहा जाता है। VNA हॉस्पिटल के यूरोलॉजी हेड डॉ. विनीत मल्होत्रा से जानते हैं इसके बारे में-

ओलिगुरिया क्या है?

डॉ. विनीत बताते हैं, "एक स्वस्थ व्यक्ति सामान्य तौर पर पूरे दिन में लगभग 800 से 2000 मिलीलीटर तक पेशाब करता है। लेकिन, अगर किसी व्यक्ति का पूरे दिन में 400 मिलीलीटर से कम पेशाब हो जाए तो इस स्थिति को ओलिगुरिया कहा जाता है। हालांकि, नवजात शिशुओं और बच्चों में पेशाब की मात्रा, वजन के आधार पर तय किया जाता है। आपको बता दें कि यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि इसे किसी बीमारी का संकेत माना जाता है।"

ओलिगुरिया के लक्षण क्या हैं?

पेशाब की मात्रा कम होने पर आपको कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है। इसमें शामिल हैं-

  • अगर दिनभर में बहुत कम बार और कम मात्रा में पेशाब आता है, तो इसे ओलिगुरिया का सबसे आम लक्षण माना जाता है।
  • ओलिगुरिया की स्थिति में पेशाब का रंग भी गहरा पीला हो सकता है। यह पानी की कमी का संकेत माना जाता है।
  • हाथ, पैर और चेहरे पर सूजन होना ओलिगुरिया का एक लक्षण हो सकता है।
  • शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं। कुछ लोगों में शरीर में खून की कमी हो जाती है। इससे थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना और सांस लेने में तकलीफ होना भी ओलिगुरिया के लक्षण हो सकते हैं।

ओलिगुरिया के कारण क्या हैं?

ओलिगुरिया कई कारणों से हो सकता है। इसमें शामिल हैं-

  • जब किडनी को पेशाब बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त या तरल पदार्थ नहीं मिल पाता है, तो ओलिगुरिया हो सकता है। इस स्थिति में किडनी स्वस्थ ही रहती है।
  • शरीर में पानी की कमी होने पर ओलिगुरिया हो सकता है। इसकी वजह से व्यक्ति को उल्टी, दस्त, ज्यादा पसीना आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • जब दिल सही तरीके से खून को पंप नहीं कर पाता है, तो किडनी तक पहुंचने वाला ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे पेशाब कम मात्रा में आ सकता है।
  • कई बार किडनी के अंदरूनी हिस्सों या कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने की वजह से पेशाब की मात्रा कम हो सकती है।
  • कुछ दर्द निवारक या एंटीबायोटिक्स दवाइयां इस समस्या का कारण बन सकती हैं।
  • कुछ मामलों में किडनी पेशाब तो बनाती है, लेकिन रास्ते में रुकावट के कारण वह बाहर नहीं आ पाता।

कितनी गंभीर है यह समस्या?

इस समस्या को हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। इसे एक मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। इसलिए समय पर इलाज जरूर कराना चाहिए।

इस स्थिति में शरीर में पोटैशियम और सोडियम का स्तर बिगड़ जाता है। इससे दिल की धड़कन अचानक रुक सकती है।

जब पेशाब पूरी तरह से बाहर नहीं निकलता है, तो क्रोनिक किडनी डिजीज का खतरा रहता है।

Disclaimer: अगर आपको पिछले 24 घंटे में कम पेशाब आया है, तो इस संकेत की अनदेखी न करें। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें और सभी जरूरी जांच कराएं। इस समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है।

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