
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : January 23, 2026 11:33 AM IST
Medically Verified By: Dr Rakesh Pandit
निपाह वायरस क्या है? निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं? क्या यह बीमारी किडनी को खराब करती है? क्या इसका इलाज संभव है? बंगाल में निपाह वायरस के मामले दर्ज होने के बाद से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और उनके मन में इससे जुड़े कई सवाल भी है?
Nipah Virus: हाल ही में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 2 संदिग्ध मामले सामने आए थे। इनका पता चलने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी सतर्क हो गए है। हालांकि, निपाह के केस आने के बाद लोगों के मन में डर का माहौल बन गया है। इसके बाद से निपाह वायरस लोगों के बीच में चर्चा का विषय बन गया। कोई कहता है कि निपाह वायरस कुछ नहीं है और 2-4 दिन में ठीक हो जाता है। तो वहीं कई लोग निपाह वायरस को गंभीर ले रहे हैं। आपको बता दें कि निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है। यह जानवरों से इंसानों में फैलती है। जब निपाह वायरस से संक्रमित कोई जानवर खाद्य पदार्थों को दूषित कर देता है और इसके बाद इंसान उसका सेवन करता है, तो वह भी संक्रमित हो सकती है। हालांकि, निकट संपर्क से निपाह वायरस इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। निपाह वायरस गंभीर है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज किया जाए तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है। आपको भी निपाह वायरस के लक्षण जैसे-तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, खांसी और गले की खराश जैसी समस्याओं को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आकाश हेल्थकेयर के वरिष्ठ सलाहकार और इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. राकेश पंडित बताते हैं, "निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है। इसका मतलब है कि यह बीमारी जानवरों से इंसानों में फैलती है। हालांकि, यह वायरस निकट संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी आसानी से फैल सकता है। यह श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। यह वायरस कई रूप ले सकती है।"
डॉ. राकेश आगे बताते हैं कि जब स्थिति गंभीर होती है तो रोगियों को एन्सेफलाइटिस हो सकता है। यह एक घातक स्थिति होती है, जिसमें मस्तिष्क में सूजन हो जाती है। हालांकि, निपाह वायरस कोरोना वायरस या इंफ्लूएंजा जैसे वायरसों की तरह तेजी से नहीं फैलता है। यह निकट संपर्क या लंबे समय तक संपर्क में रहने से संक्रामक होता है।
जुपिटर अस्पताल, पुणे के कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सुश्रुत गणपुले बताते हैं, "वैसे तो निपाह वायरस का इलाज संभव है। इसके लक्षणों और जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन, अगर निपाह वायरस का समय पर इलाज न किया जाए तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। निपाह वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक मानी जाती है।"
सिटी इमेजिंग एंड क्लिनिकल लैब्स के फाउंडर डॉ. आकार कपूर बताते हैं, "निपाह वायरस होने पर शुरुआत में बुखार सामान्य वायरस जैसा लग सकता है। लेकिन, जब यह वायरस धीरे-धीरे शरीर में फैलता है, तो सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। इतना ही नहीं, निपाह वायरस की वजह से तंत्रिका संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यह वायरस फेफड़ों और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यानी यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।"
निपाह वायरस के संपर्क में आने के 4 से 14 दिनों में इसके लक्षण दिख सकते हैं।

वीएनए अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं, "जब निपाह वायरस गंभीर रूप लेता है, तो यह किडनी को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। इसलिए निपाह वायरस का समय पर इलाज बहुत जरूरी है। जब यह वायरस धीरे-धीरे फैलता है, तो किडनी को नुकसान पहुंचाता है और किडनी फेलियर का कारण भी बन सकता है।"
एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के चेयरमैन डॉ. प्रांजित भौमिक बताते हैं, "निपाह वायरस के इलाज के लिए वर्तमान में कोई भी एंटीवायरल दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि, लक्षणों और जटिलताओं को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाइयां लिख सकते हैं। सतर्कता, जल्दी निदान और जन जागरूकता ही निपाह वायरस से बचा सकता है। अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति को निपाह वायरस है, तो उनके निकट संपर्क में आने से बचें।"