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नैपकिन रैश क्या होता है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक की स्किन को करता है प्रभावित, रिपोर्ट से जानें

Napkin Rash Kya Hota Hai: अगर डायपर पहनाने के बाद आपके बच्चे की थाई या प्राइवेट पार्ट पर रैशेज और दाने हो रहे हैं तो सावधान हो जाए। यह फंगल इंफेक्शन पैदा कर सकता है। आइए रिपोर्ट से जानते हैं।

Written By Vidya Sharma
Published : May 20, 2026 10:30 AM IST

नैपकिन या डायपर रैश

Diaper Ya Napkin Rash Ke Kya Lakshan Hain: आपने देखा होगा कि जब किसी बच्चे को लंबे समय तक डायपर पहनाकर रखा जाए तो उसकी जांघों, कूल्हों और प्राइवेट पार्ट की तरह रैशेज और रेडनेस होनी शुरू हो जाती है। ऐसा उन महिलाओं के साथ भी होता है जो सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करती हैं। यह समस्या बहुत ही आम है जो गीले कपड़े या फिर उस हिस्से पर हवा न लगने से होती है जहां टाइट कपड़ा पहना हो। आज हम आपको वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशनद्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के माध्यम से नैपकिन रैश के लक्षण और उपचार के बारे में बताने वाले हैं।

अगर स्थित पर सही समय पर ध्यान नहीं दिया जाए तो शिशुओं का नैपकिन यानी कि डायपर वाला एरिया कैंडिडा फंगल इन्फेक्शन से संक्रमित हो सकता है। यह समस्या तब पैदा होती है जब आमतौर पर नैपकिन रैश डायरिया से लगातार नमी के कारण होता है, मल या मूत्र का लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में रहना और कभी-कभी दाने अंडरलाइंग स्किन कंडीशन के कारण हो सकते हैं। वहीं अगर आप साबुन या डिटर्जेंट को हटाने के लिए नैपकिन को गलत तरीके से धोते हैं यो भी यह नैपकिन रैश का कारण बन सकता है। आइए आपको इसके लक्षणों और उपचार के बारे में बताएं।

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नैपकिन रैश के संकेत और लक्षण

अगर आपको सामान्य रेडनेस और नैपकिन रैश में अंतर करना है तो इन बातों पर ध्यान दें। अगर नैपकिन एरिया में लाल दाने, सूजन और जलन महसूस हो तो समझ जाएं कि यह नैपकिन रैश है। इसका निदान आप क्लीनिकल साइन और लक्षणों के आधार पर करें। डायपर रैश को मैनेज करने का एक ही उद्देश्य होना चाहिए और वह यह कि एक तो बच्चे या व्यक्ति को लक्षणों से राहत मिले और दूसरा उन्हें फिर होने से रोकें।

बिना दवा के नैपकिन रैश कैसे ठीक करें?

अगर आप बिना डॉक्टर के पास जाए, नैपकिन रैश को घर पर ही ठीक करना चाहते हैं तो इन कुछ उपायों को आजमा सकते हैं, जैसे- 

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  • कपड़े के नैपकिन के उपयोग करें
  • कपड़े के नैपकिन को ढकने के लिए वाटरप्रूफ पेंट का उपयोग न करें
  • केयर टेकर को बताएं दें कि अगर संभव हो तो नैपकिन वाले एरिया को हवा और धूप में रखें
  • खासतौर से गंभीर नैपकिन रैश होने पर केयर टेकर को शिक्षित करें और सलाह दें कि-
  • मूत्र या मल से गंदा होने पर नैपकिन क्षेत्र को धोकर साफ करें और फिर सुखाएं
  • नियमित रूप से नैपकिन बदलें
  • नैपकिन की सही से धुलाई और सफाई

दवाइयों से डायपर रैश को कैसे ठीक या मैनेज करें?

अगर घरेलू उपायों से डायपर और नैपकिन रैश ठीक न हों तो आप वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्टमें बताए उपायों को आजमा सकते हैं जो इस प्रकार हैं- 

  1. सिल्वर सल्फैडजिन क्रीम 1% का उपयोग करें, जिसे दाने ठीक होने तक प्रत्येक नैपकिन बदलने पर लगाया जाता है।
  2. अगर 3 दिनों के अंदर कोई सुधार नहीं होता है, तो कैंडिडा फंगल इन्फेक्शन पर शक जा सकता है।
  3. निस्टेटिन मरहम 100,000 IU/g से उपचार करें, और इसे हर नैपकिन बदलने के बाद लगाएं।

दाने साफ होने के बाद 2 हफ्तों तक इसका इस्तेमाल जारी रखें। अगर  7 दिनों के बाद भी कोई सुधार नहीं होता है तो आप डॉक्टर के पास जाएं।

डिस्क्लेमर- अगर डायपर पहनाने के बाद आपके बच्चे के जननांगों के आस-पास रेडनेस और दाने हो रहे हैं तो नैपकिन रैश है। समय पर ध्यान न देने पर यह कैंडिडा फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। इसलिए अपने बच्चे को गीला कपड़ा या डायपर ज्यादा देर तक न पहनाकर रखें। साथ ही महिलाएं भी पीरियड्स के दौरान लंबे समय तक सैनिटरी पैड न लगाएं, इससे भी नैपकिन रैश हो सकता है।