समांथा रूथ प्रभु करा रही हैं मायोसाइटिस का इलाज, मसल्स को कमजोर कर देती है यह बीमारी, जानें इसके लक्षण-कारण

समांथा को मायोसाइटिस नामक बीमारी है जो ऑटो इम्यून बीमारियों में गिनी जाती है। पढ़ें इसके बारे में विस्तार से यहां।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 9, 2023 6:28 PM IST

Myositis  Symptoms and treatment: अभिनत्री  समांथा रूथ प्रभु (Samatha Ruth Pradbhu) अक्सर सुर्खियों में रहती हैं कभी अपनी पर्सनल लाइफ तो कभी अपनी फिल्मों के लिए। समांथा बीते कुछ समय से एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं और अपनी इस बीमारी के कारण भी उनके बारे में खूब बातें हो रही हैं। समांथा ने तकरीबन सालभर पर अपनी बीमारी के बारे में खुलासा किया और उन्होंने इसके बारे में सार्वजनिक स्तर पर बात की। समांथा को मायोसाइटिस नामक बीमारी है जो एक ऑटो इम्यून बीमारी (auto immune disease) है। आइए जानें इस बीमारी के बारे में विस्तार से। (What is Myositis in Hindi)

क्या है मायोसाइटिस, क्यों होती है ये बीमारी (Causes of Myositis )

यह मसल्स से जुड़ी हुई एक बीमारी है जिसमें पूरे शरीर में सूजन बढ़ सकती है। खासकर, हिप्स, पैरों, कंधे और थाइज के आसपास मौजूद मसल्स सबसे अधिक प्रभावित होती है। शरीर में लगातार सूजन बनी रहने के कारण मरीज के मसल्स कमजोर होने लगते हैं। इस वजह से उन्हें रोजमर्रा के छोटे-मोटे काम जैसे बालों में कंघी करना या चम्मच से खाना खा पाने में भी दिक्कत होने लगती है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार मायोसाइटिस बीमारी का सही कारण (actual causes of Myositis disease) बता पाना मुश्किल है। हालांकि, इम्यूनिटी कमजोर होने के साथ इस बीमारी के लक्षण गम्भीर हो सकते हैं। वहीं,  कुछ पुरानी बीमारियों को भी मायोसाइटिस का कारण बताया जाता है जैसे-

  • रूमेटाइड आर्थराइटिस
  • ल्यूपस

मायोसाइटिस के लक्षण (Symptoms of Myositis disease)

  • मांसपेशियों में तेज दर्द और अकड़न (Muscles pain and cramps)
  • बहुत अधिक थकान महसूस करना (Extreme fatigue)
  • भूख ना लगना (low appetite)
  • खाना खाने या पानी निगलने में दिक्कत
  • सांस लेने में परेशानी आना (breathing related problems)

मायोसाइटिस का इलाज क्या है? (Treatment of Myositis)

इस बीमारी का कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे यह पूरी तरह से ठीक हो जाए। हालांकि, मायोसाइटिस के उपचार के लिए डॉ्रों द्वारा कुछ दवाइयों के साथ-साथ कई प्रकार की थेरेपीज की भी मदद लेते हैं। जैसा कि यह एक ऑटो-इम्यून बीमारी है और इस बीमारी से उभरने के लिए आपके शरीर और इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत आवश्यक है। ऐसे में इलाज के दौरान फोकस इसी बात पर किया जाता है कि मरीज की इम्यून पॉवर को तेजी से बढ़ाया जा सके।

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