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Written By: Anshumala | Published : November 27, 2018 1:56 PM IST
मानव शरीर के इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं को लिम्फोकेट्स और जो कोशिकाएं कैंसर से ग्रसित होती हैं, उन्हें लिम्फोमा या लिम्फ कैंसर कहते हैं। © Shutterstock
आजकल की जीवनशैली और खान-पान की आदतों की वजह से कैंसर का खतरा लोगों में बढ़ता ही जा रहा है। ऐसा ही एक कैंसर है लिम्फोमा कैंसर, जो शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है। इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। गले में लिम्फोमा कैंसर बेहद खतरनाक है क्योंकि इससे कई बार सांस की नली प्रभावित हो जाती है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। यदि आपको लंबे समय से गर्दन की ग्रंथियों में सूजन है, तो यह लिम्फोमा होने के खतरे का संकेत है। लिम्फोमा अक्सर लिम्फ नोड्स से शुरू होता है लेकिन यह पेट, आंत, त्वचा या किसी और अंग में भी पाया जा सकता है। इसे भी पढ़ें- इन 5 तरीकों से धूम्रपान की लत छुड़ाने में करें दूसरों की मदद
गले में सूजन और दर्द
वैसे तो गले के संक्रमण के कारण भी गले में सूजन, खराश और हल्का दर्द हो सकता है। इसके अलावा गले संबंधित रोग जैसे टॉन्सिल आदि के कारण भी गले में समस्या हो सकती है। गले में सूजन और दर्द लगातार दो हफ्तों तक बना रहे और दर्द सामान्य से तेज हो तो आपको तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए क्योंकि ये गले में लिंफोनिया कैंसर के संकेत हो सकते हैं।
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क्या है लिम्फोमा
मानव शरीर के इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं को लिम्फोकेट्स और जो कोशिकाएं कैंसर से ग्रसित होती हैं उन्हें लिम्फोमा या लिम्फ कैंसर कहते हैं। कैंसर इन कोशिकाओं को प्रभावित करता है और शरीर की अन्य बीमारियों के लिए प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ब्लड कैंसर का सबसे ज्यादा होने वाला प्रकार लिम्फोमा है।
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लिम्फोमा कैंसर
कैंसर होने की स्थिति में शरीर में रेड ब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड सेल्स बिना किसी जरूरत के ही बढ़ने लगती हैं। ये कैंसर कोशिकाएं धीरे-धीरे शरीर में फैलती रहती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं के काम में भी बाधा डालती हैं। शरीर का इम्यून सिस्टम कई लिम्फ नोड्स से मिलकर बना है। ये नोड्स कैंसर कोशिकाओं को जन्म देते हैं, इसके फलस्वरूप कैंसर गले के दूसरे भागों में भी फैलता है। नोड्स शरीर के अधिकांश भाग में पाएं जाते हैं, लेकिन गले में लिम्फ कैंसर होने पर इन्हें गोलाकार आकृति के रूप में देखा और महसूस किया जा सकता है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गले में सूजन और दर्द लगातार रहे, तो डॉक्टर से जरूर करें संपर्क। © Shutterstock
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लक्षण
- गले में सूजन आना और गोल उभार दिखाई देना।
- गले में खराश बने रहना या कान के एक साइड में दर्द होना।
- अक्सर मुंह या होठों का सुन्न हो जाना।
- नाक या नकसीर का ब्लॉक होना।
होंठों पर भी होता है कैंसर, इन लक्षणों से करें पहचान
- जबड़ों के ऊपरी हिस्से में दर्द।
- आवाज सुनने में परेशानी होना या कान में सनसनाहट होना।
- किसी चीज को चबाने और निगलने में परेशानी होना।
- फोड़े के होने पर कई हफ्तों तक ठीक न होना।
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