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Written By: Jitendra Gupta | Updated : January 14, 2021 6:01 PM IST
ल्यूप्स होने पर शरीर के इन 5 अंगों में आते हैं ये गंभीर बदलाव, जानें कौन सा अंग देता है इस बीमारी का संकेत
ल्यूप्स, इम्यून सिस्टम से जुड़ा एक जीवनभर रहने वाला विकार है। इस स्वास्थ्य स्थिति (what is lupus) में इम्यून सेल शरीर के अपने ही हेल्दी टिश्यू को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसमें इंफ्लेमेशन और टिश्यू डैमेज भी शामिल है। इसके लक्षण सिर्फ स्किन तक सीमित नहीं है बल्कि ये आपके अंदरूनी अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं जैसे ज्वाइंट पैन। गंभीर मामलों में ये आपके दिल, किडनी और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है लेकिन समय रहते उपचार कर खतरे (what is lupus) को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस बीमारी से जुड़े खास लक्षण।
जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द ल्यूप्स (what is lupus) का अक्सर पहला संकेत होता है। ये दर्द अक्सर एक ही वक्त पर शरीर के दोनों हिस्सों में होता है विशेष रूप से कलाईयों, हाथों, उंगलियों और घुटनों में। आपके जोड़ों में दर्द जलन हो सकती है और छूने पर गर्म महसूस हो सकता है। ल्यूप्स रूमेटाइड अर्थराइटिस की तरह आमतौर पर जोड़ों को स्थायी रूप से नुकसान नहीं पहुंचाता है।
ल्यूप्स (what is lupus) का सबसे आम संकेत है चेहरे पर नाक और गले पर तितली के आकार के रैशेज होना। अन्य स्किन संबंधी लक्षण हैं सूरज की रोशनी में जाते ही खुजली होना, लाल चकत्ते हो जाना या फिर रैशेज, जिसमें तेज खुजली होती हो। ये शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकते हैं, जिसमें फेस, गर्दन और हाथ शामिल हैं। कुछ लोगों के मुंह में छाले भी हो जाते हैं।
ल्यूप्स के कारण आपके नाखून टूट सकते है या फिर अपनेआप गिर सकते हैं। इनका रंग भी नीला या फिर इनपर लाल-लाल धब्बे पड़ सकते हैं। ये स्पॉट अक्सर नाखून के तले पर होते हैं, जो कि छोटी रक्त वाहिकाओं में सूजन के परिणास्वरूप होता है। नाखून के तले की स्किन के आस-पास सूजन के कारण नाखून लाल और सूजे हुए दिखाई दे सकते हैं।
बहुत से लोग, जो इस बीमारी का शिकार हैं उन्हें बहुत ज्यादा थकान रहती है। कुछ मामलों में ये इतना गंभीर हो जाता है कि आपको अपनी रोजाना की गतिविधियों को करने में मुश्किल हो सकती है। बहुत से रोगों को समय-समय पर बुखार आता रहता है। बेवजह का बुखार कुछ लोगों में एक चेतावनी भरा संकेत हो सकता है।
बहुत से लोगों को सूरज की रोशनी से परेशानी होती है और वह खुद को यूवी किरणों के संपर्क में आने पर झुलसा हुआ महसूस कर सकते हैं। बीच पर एक दिन गुजारने से आपकी स्किन पर रैशेज हो सकते हैं और ल्यूप्स के अन्य लक्षण बिगड़ सकते हैं। कुछ दवाएं भी ल्यूप्स रोगियों में यूवी रोशनी के प्रति उन्हें अधिक संवेदनशील बना सकती है।