लंग कैंसर क्या है और यह फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

Lung Cancer: फेफड़ों का कैंसर जानलेवा हो सकता है। इसलिए इसके संकेतों को नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज बहुत जरूरी है।

WrittenBy

Written By: Anju Rawat | Published : April 21, 2026 8:04 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Neetu Jain

Lung Cancer: क्या आपको लंबे समय से खांसी हो रही है? बलगम के साथ खून निकलता है या सांस लेने में तकलीफ होती है? अगर आपके ये लक्षण नजर आ रहे हैं, तो एक मिनट भी इंतजार न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें। ये फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकते हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। दरअसल, लंग कैंसर दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है। इसलिए लंग कैंसर का समय पर पहचान और इलाज करवाना बहुत जरूरी है। यह बीमारी तब होती है, जब फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बना लेती हैं। लंग कैंसर को जानलेवा इसलिए माना जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है और सांस लेना मुश्किल बना देता है। आइए, PSRI हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट- पल्मोनोलॉजी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन डॉ. नीतू जैन से जानते हैं कि लंग कैसे डैमेज होते हैं?

लंग कैंसर के प्रमुख कारण क्या हैं?

लंग कैंसर के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • धूम्रपान को लंग कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
  • वायु प्रदूषण भी फेफड़ों के कैंसर को न्यौता दे सकता है। यही वजह है कि बड़े शहरों में इसके ज्यादा मामले सामने आते हैं।
  • पारिवारिक इतिहास भी लंग कैंसर का कारण बन सकता है।
  • पैसिव स्मोकिंग से भी लंग कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

कैंसर से फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचता है?

लंग कैंसर, फेफड़ों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है और इसकी कार्यप्रणाली को खराब कर देता है। दरअसल, कैंसर फेफड़ों के ऊतकों को नष्ट करता है और वायुमार्ग को अवरुद्ध करके, स्वस्थ कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदल देता है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता कम होने लगती है। कैंसर की वजह से शरीर को ऑक्सीजन मिलने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

  • कैंसर युक्त ट्यूमर सांस की नलियों को ब्लॉक कर देता है। इससे ऑक्सीजन का प्रवाह कम होता है और सांस लेने में दिक्कत होती है।
  • कैंसर सेल्स, फेफड़ों के हेल्दी टिश्यू को नष्ट कर देते हैं। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
  • लंग कैंसर की वजह से रोगी को लंबे समय तक खांसी हो सकती है। कुछ मामलों में बलगम के साथ खून निकल सकता है।
  • अगर इसकी समय पर इलाज न किया जाए तो यह हड्डियों, दिमाग और लिवर तक फैल सकता है।

लंग कैंसर से बचाव कैसे करें?

  • लंग कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है।
  • फेफड़ों के कैंसर से बचने के लिए मास्क का उपयोग जरूर करें।
  • हेल्दी डाइट लें, अपनी डाइट में विटामिन सी जरूर शामिल करें।
  • रोज सुबह प्राणायाम और योगासन जरूर करें।

लंग कैंसर का इलाज कैसे होता है?

  • कुछ मामलों में सर्जरी की मदद से कैंसर सेल्स को रिमूव कर दिया है।
  • वहीं, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और टारगेटेड थेरेपी से इसका इलाज किया जाता है।

Highlights:

  • लंग कैंसर एक जानलेवा बीमारी हो सकती है।
  • इसका समय पर निदान और इलाज बहुत जरूरी है।
  • फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाएं।

फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है। लेकिन, अगर समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है और जान बचाई जा सकती है। इसलिए इसके संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। अगर लंग कैंसर का कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.