Low-Grade Fever: क्या होता है लो-ग्रेड फीवर? जानें, इसके कारण, लक्षण और इलाज

जब आप अंदर से बुखार की तरह महसूस करते हैं, तो इसे "लो-ग्रेड फीवर" (Low-Grade Fever) के रूप में जाना जाता है। आइए जानते हैं, किन कारणों से होता है लो-ग्रेड फीवर और कब करना चाहिए डॉक्टर से संपर्क...

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Written By: Anshumala | Updated : February 5, 2021 3:25 PM IST

Low-Grade Fever in Hindi: कई छोटी-छोटी बीमारियां बुखार का कारण बन सकती हैं। बुखार (Fever) तब होता है, जब शरीर का तापमान 100.4° F से अधिक बढ़ जाता है। कुछ मामले या शारीरिक समस्याएं ऐसी भी होती हैं, जिसमें, आपके शरीर का तापमान अधिक तो लगता है, लेकिन वह बुखार की तरह अधिक नहीं होता। जब आप अंदर से बुखार की तरह महसूस करते हैं, तो इसे "लो-ग्रेड फीवर" या निम्न श्रेणी का बुखार (Low-Grade Fever) के रूप में जाना जाता है। हालांकि, इसे पूरी तरह से बुखार कहना गलत होगा।

अधिकतर मामलों में निम्न-श्रेणी का बुखार (Low-grade fever in hindi) चिंता की बात नहीं होती है। हर दिन होने वाली कोई भी हल्की-फुल्की, छोटी बीमारियां लो ग्रेड फीवर का कारण बन सकती हैं, उदाहरण के लिए कान में संक्रमण, पेट में कीड़ा होना, सर्दी-जुकाम आदि। कुछ दुर्लभ मामलों में, आपको अधिक गंभीर संक्रमण के साथ निम्न-श्रेणी का बुखार हो सकता है। जानें, लो-ग्रेड बुखार के कारण, लक्षण और इलाज करने के बारे में विस्तार से इस आलेख में...

क्या है लो-ग्रेड फीवर (What is Low-Grade Fever?)

लो-ग्रेड फीवर यानी निम्न श्रेणी बुखार शरीर का तापमान है, जो शरीर के नॉर्मल तापमान 99 और 100.5°F के बीच रहता है। हालांकि, शरीर के तापमान (body temperature) के बारे में अब भी चिकित्सकों और विशेषज्ञों के बीच कुछ मतभेद और बहस है, जिसे बुखार (Fever) माना जाता है। वहीं, निम्न-श्रेणी के बुखार (लो-ग्रेड फीवर) के बारे में कहा जाता है कि नॉर्मल बॉडी टेम्परेचर और 100.4° F के बीच होने वाला बुखार लो-ग्रेड बुखार है। वहीं, कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि शरीर का तापमान 100.4° F से ऊपर होना ही बुखार कहलाता है।

अक्सर शरीर का तापमान आपकी उम्र, दिन का समय जैसे कारकों के आधार पर बदलता रहता है। हालांकि, सामान्य रूप से एक नॉर्मल टेम्परेचर 97 और 99° F के बीच ही होता है। जब कोई व्यक्ति बीमार होता है, तो शरीर पहले गर्म होता है और फिर बुखार उत्पन्न होता है, ताकि कोई भी रोग से संबंधित कोशिकाएं शरीर में जीवित ना रह पाएं। एक लो-ग्रेड फीवर (Low-Grade Fever in Hindi) शरीर में शुरू होने वाले संक्रमण का संकेत भी हो सकता है।

लो-ग्रेड फीवर होने के कारण (Causes of low-grade fever?)

कोई भी बुखार इंफेक्शन के कारण होता है। यही इंफेक्शन लो-ग्रेड फीवर का भी कारण बन सकता है। खासकर तब, जब यह बुखार इंफेक्शन के शुरुआती दौर में हो। कुछ इंफेक्शन जो लो-ग्रेड फीवर का कारण (Causes of low-grade fever) बन सकते हैं, निम्न हैं-

  • फ्लू
  • निमोनिया
  • पेट से संबंधित वायरस
  • फूड प्व़ॉयजनिंग
  • साइनस इंफेक्शन
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
  • कॉमन कोल्ड वायरस

यदि किसी को गंभीर संक्रमण जैसे मेनिन्जाइटिस हुआ हो, तो इस स्थिति में आपका बुखार (Fever in hindi) अधिक दिनों तक लो-ग्रेड फीवर की तरह नहीं बना रह सकता है। कुछ गंभीर इंफेक्शन में बुखार लो-ग्रेड से होते हुए 100.5 डिग्री फेरनहाइट पर कुछ ही दिनों में पहुंच जाता है। इंफेक्शन के अलावा इन कारणों से भी आपको निम्न-श्रेणी का बुखार हो सकता है-

  • आप बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करते हों
  • आप गर्मी में बाहर हों या बहुत अधिक कपड़े पहने हुए हों
  • आपको ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जैसे रूमटॉयड अर्थराइटिस
  • आपने फ्लू वैक्सीन लिया हो
  • स्ट्रेस महसूस करना

कम या लो-ग्रेड बुखार (low-grade fever) होने पर आपको कई बार पसीना आ सकता है, ठंड महसूस हो सकती है, सिरदर्द हो सकता है आदि।

लो-ग्रेड फीवर का इलाज (Treatment of low-grade fever)

इस श्रेणी में आने वाला बुखार शरीर को कई बार नुकसान नहीं पहुंचाता है। यह अधिक चिंता करने वाली बात नहीं होती है। हालांकि, इसमें भी कई लक्षण (Symptoms of low-grade Fever in hindi) नजर आ सकते हैं, जिसका इलाज करवाना जरूरी है। गले में खराश, बदन दर्द, फ्लू, कोल्ड जैसी समस्याएं नजर आएं, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए। आप 100 डिग्री से अधिक शरीर का तापमान जाए, तो दवाओं का सेवन कर सकते हैं। लगातार अपने शरीर का तापमान मापते रहें। 100 से अधिक होने पर इसे नजरअंदाज ना करें, क्योंकि 100 डिग्री से अधिक को बुखार की कैटेगरी में रखा जाता है। शरीर का तापमान जब 103 डिग्री से भी ऊपर चला जाए, तो डॉक्टर से जरूर दिखाएं।

अगर 3 महीने के शिशु को 100.4°F है, तो डॉक्टर के पास ले जाएं। बहुत कम ही केसेज ऐसे होते हैं, जिसमें लो-ग्रेड फीवर दो सप्ताह या एक-दो महीने तक नजर आए। यदि आपको भी ऐसा होता है, तो इस लक्षण को बिना नजरअंदाज किए डॉक्टर से दिखाएं, क्योंकि यह लिम्फोमा कैंसर (lymphoma cancer) का भी संकेत हो सकता है। कई दिनों से शरीर का तापमान बहुत अधिक हो और लगातार वजन कम होने के साथ अत्यधिक थकान भी महसूस हो रही हो, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं।

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