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Written By: Atul Modi | Updated : May 19, 2021 8:52 PM IST
डॉक्टर अमोद मनोचा से जानिए कोविड-19 में होने वाले दर्द से जुड़ी कुछ खास बातें।
कोरोना वायरस (Covid-19) का नाम उस वायरस के सर्फेस से निकला है जिसे माइक्रोस्कोप के द्वारा देखा जा सकता है। 11 मार्च 2020 को WHO ने इस बीमारी को विश्व महामारी के रूप में घोषित किया था। इस वायरस को आए एक साल से भी अधिक समय हो गया है और इसके बारे में कुछ रहस्यों से पर्दा उठना अभी भी बाकी है। एक साल से मेडिकल की दुनिया में वायरस को लेकर बहुत सी नई नई दवाइयों के आविष्कार हुए। कोविड 19 एक कॉम्प्लेक्स मल्टी सिस्टम डिजीज है और यह केवल आपके फेफड़ों से ही नहीं जुड़ी हुई है।
अगर किसी व्यक्ति को कोविड हो जाता है तो इसके कुछ संभव नतीजों में एक या दो हफ्ते तक बीमार रहना, अस्पताल में भर्ती रहना और बहुत कम केसों में मृत्यु हो जाना है। कुछ लोगों के लिए कोविड 19 के लक्षण केवल 2 या 3 हफ्तों की बीमारी नहीं बल्कि लम्बे समय तक रहने वाली पीड़ा का एक संकेत होते हैं। जो लक्षण खत्म होने के बाद भी उन्हें देखने को मिलती है। इसे हम लॉन्ग कोविड के नाम से जानते हैं और इसका यह नाम मरीजों ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से रखा है। इससे हमें और भी चुनौतियां नजर आ रही हैं और यह हमारे लिए कोविड को और भी अधिक संदिग्ध बना सकता है।
लॉन्ग कोविड का सबसे मुख्य लक्षण होता है लंबे समय तक रहने वाला दर्द और थकान। आज हम कोविड 19 और उससे होने वाले दर्द के बीच के संबंध के बारे में जानेंगे और यह पता करेंगे कि यह दर्द लंबे समय तक कोविड ठीक हो जाने के बाद भी क्यों सहना पड़ता है।
कोविड संक्रमण के लक्षणों की लिस्ट में दर्द और थकान, बुखार और खांसी आदि से अलग नहीं कहा जा सकता। अगर आपको केवल माइल्ड कोविड भी है तो आपको कुछ बहुत बुरे जैसे सिर दर्द जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही आपको थकान और शरीर में बहुत अधिक दर्द भी देखने को मिल सकता है। निम्न कुछ ऐसे दर्द के लक्षण है जो लोगों द्वारा बहुत अधिक महसूस किए जा रहे हैं और यह लॉन्ग कोविड में देखने को मिल रहे हैं।
दर्द, थकान और शरीर में थोड़ी अकड़न मौसमी बुखार के साथ देखने को मिल रहा है। इस दौरान आपको कुछ ऐसा दर्द महसूस करने को मिलता है जैसे जब आप एक्सरसाइज करते हैं और अगले दिन आपके शरीर में होता है। यह दर्द शरीर के किसी एक हिस्से में नहीं होता है इसलिए इसके बारे में पता लगाने में समय लग रहा है। कुछ स्टडीज में पता लगा है कि मसल्स में आपको जोड़ों के मुकाबले अधिक दर्द होता है।
इस दर्द के बहुत सारे कारण हो सकते हैं जैसे वायरस के द्वारा उत्पन्न हुई इन्फ्लेमेशन, डायरेक्ट मसल डैमेज और मसल्स में खराब प्रकार से हुई ब्लड सप्लाई के कारण ब्लड वेसल्स का ब्लॉक हो जाना। इन कारणों का दर्द में क्या योगदान रहता है इसके बारे में अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि खराब मूड होना और स्ट्रेस आदि आपके दर्द को बढ़ाने में और अधिक योगदान दे सकते हैं।
इटली में एक स्टडी के दौरान 143 मरीजों को लिया गया जिन्हें कोविड से रिकवर होने के बाद भी बहुत लंबे समय तक दर्द का सामना करना पड़ रहा था। इनमें से अधिकतर मरीजों कोविड 19 का पहला लक्षण होने के बाद ,60 दिनों के बाद भी दर्द हो रहा था। लगभग 87.4% मरीजों को एक ही लक्षण दिख रहा था और 55% से अधिक मरीजों को इतने दिनों बाद भी 3 या इससे ज्यादा लक्षण देखने को मिल रहे थे। इन लक्षणों में थकान (53.1%), जोड़ों में होने वाला दर्द (27.3%), छाती में दर्द (21.7%) शामिल थे। 44.1% मरीजों के जीवन की स्थिति इस दौरान बहुत ही खराब थी।
एक दूसरी स्टडी के मुताबिक जो चाइना में की गई थी और इसमें 1731 मरीजों को शामिल किया गया, मरीजों को डिस्चार्ज होने के 6 महीने बाद तक लक्षण दिखाई देते रहे। 76% मरीजों को यह लक्षण देखने को मिल रहे थे और यह लक्षण थे थकान या कमजोरी, बाल झड़ना, सोने में दिक्कत होना, स्मेल और टेस्ट में बदलाव महसूस होना और लचकता की कमी महसूस होना।
यह स्टडी कोविड 19 मरीज के ठीक होने और लंबे समय के बीतने के बाद भी उनके जीवन को किस तरह प्रभावित करता है, वह दिखा रही थी। कुछ और लक्षण जो महसूस करने को मिल रहे थे वह थे ध्यान न लगा पाना, याददाश्त कमजोर हो जाना, चिंता और डिप्रेशन आदि। अगर इसके बाद भी कोई लक्षण देखने को मिलते हैं तो उन्हें पोस्ट एक्यूट कोविड 19 सिंड्रोम या लॉन्ग कोविड कहा जाता है। इसके कुछ मुख्य कारणों में इम्यून रिस्पांस की कमी, वायरस से री इंफेक्शन हो जाना और इम्यून सिस्टम में लंबे समय तक बदलाव आना, बहुत से ऑर्गन को चोट लगना और इस सारे ट्रामा के कारण स्ट्रेस होना आदि शामिल होते हैं।
कोविड 19 इंफेक्शन की वजह से हो जाने वाला गठिया और अगर इसके कारण भविष्य में अन्य लक्षण देखने को मिलते हैं तो यह एक चिंता का विषय है। अब भी ऐसी बहुत से कोविड मरीजों की रिपोर्ट सामने आ रही हैं जिन्हें ठीक होने के बाद जोड़ों में या हाथ के जोड़ों में गठिया की समस्या महसूस करने को मिल रही है। बहुत से ऐसे मरीज एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाइयों के प्रयोग से ठीक भी हो रहे हैं।
अभी के लिए ऐसा कोई उपचार नहीं है जिसका प्रयोग करके आप लॉन्ग कोविड के दौरान होने वाले लक्षणों को एकदम से ठीक कर सकते हैं। जैसे जैसे कोविड से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी तो इस बारे में एक अच्छा उत्तर दिया जा सकता है। बहुत से मरीज ठीक होने के बाद ही अपनी गतिविधियों को चालू भी कर देते हैं इसलिए उनमें अलग अलग लक्षण भी दिख सकते हैं।
ऐसे लोग अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर सकते है जैसे हेल्दी डाइट का पालन करें, अपना वजन संतुलित रखें, शराब का सेवन न करें और धूम्रपान आदि भी न करें।