
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
कोरोना पॉजीटिव लेकिन लक्षण न दिखने पर फेफड़े हो सकते हैं अचानक डैमेज
Lockdown Fatigue: भारत में लॉकडाउन के अब 4 महीने पूरे होने वाले हैं। इन 4 महीनों में प्रशासन लोगों को उनके घर में रहने के आदेश दिए गए और लोगों ने ऐसा किया भी। इस दौरान लोगों ने अपने घर के काम बिना किसी नौकर की मदद के किए। साथ ही दफ्तर का काम भी घर से ही किया। वर्क फ्रॉम होम और बाहर ना जा पाने, सोशल डिस्टेंसिंग जैसी कई नयी चीज़ें अब सभी की ज़िंदगी का आम हिस्सा बन गयी हैं। लेकिन, अब धीरे-धीरे एक और चीज़ लोगों की ज़िंदगी में जगह बना रही है। यह एक नयी समस्या है जो मानसिक सेहत से जुड़ी हुई है। यह समस्या लॉकडाउन फटीग (Lockdown Fatigue) के नाम से जानी जाती है।
जैसा कि, घरबंदी के कारण लोगों की फिज़िकल एक्टिविटी कम हो गयी है। जिससे, वे कम एक्टिव और सुस्त बनते जा रहे हैं। साथ ही घर में होने वाले कामों से लोगों को तनाव भी महसूस हो रहा है। इन सबका असर उनकी मानसिक सेहत पर पड़ रहा है। जिससे, उनकी थकान और उदासी बढ़ती जा रही है। इस समस्या का हर उम्र के लोगों पर दिखायी पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, लॉकडाउन फटीग की वजह शारीरिक और मानसिक स्तर की थकान को बताया जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि, मेंटल और फिजिकल लेवल पर अपनी थकान को कम करके ही इस समस्या से बचा जा सकता है।