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living organ donation (AI generated image)
हमारे शरीर के कुछ अंदरूनी अंग जोड़े में होते हैं जैसे फेफड़े या किडनी आदि जिन्हें प्रकृति ने शायद किसी जरूरतमंद व्यक्ति के काम आने के लिए दिया जाता है। जब बाद दान करने की आती है, तो शायद खुद के शरीर का अंग दान कर देने से बड़ा कोई दान नहीं होता है। बहुत से लोग जीवित रहते-रहते किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अंगदान करके उसका जीवन बचाने का फैसला लेते हैं। हालांकि, इस दौरान कई बार लोगों के मन में एक अजीब का डर बना होता है और उन्हें लगता है कि अंगदान करने के बाद उनका स्वास्थ्य कैसा होगा। डॉ. अलका भसीन, प्रिंसिपल डायरेक्टर नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट मेडिसिन मैक्स स्मार्ट हॉस्पिटल, साकेत ने इस बारे में बताया कि किसी स्वस्थ व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से अपना अंग या अंग का एक हिस्सा दान करना निस्संदेह एक बेहद मानवीय और साहसिक निर्णय है। लेकिन अंगदान केवल भावनात्मक फैसला नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय रूप से सावधानीपूर्वक मूल्यांकन की जाने वाली प्रक्रिया है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि अंगदान कौन कर सकता है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।
सबसे पहले जीवित अंगदान के बारे में समझें, जिसका मतलब होता है कि जीवित रहते-रहते अपने शरीर का कोई अंग या उसका हिस्सा किसी दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति को देना। लिविंग ऑर्गन डोनर बनने के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि यह अंगदान कौन कर सकता है -
हालांकि, जीवित अंगदान करने वाले व्यक्ति को यह भी सलाह दी जाती है कि वह सहमति पत्र को अच्छे से पढ़ लें और उसके बाद ही उसपर अपने हस्ताक्षर करें। साथ ही अंगदान का निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में जरूर सलाह लें और इस प्रक्रिया के बारे में वह प्रक्रिया के बाद के जीवन के बारे में समझें।
organ donation eligibility (AI generated image)
एक लिविंग डोनर आमतौर पर अपने करीबी पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार को अंगदान कर सकता है और उसके लिए भी जरूरी कानूनी दिशानिर्देशों का पालन करना भी जरूरी है। हालांकि, कानूनी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए एक लिविंग ऑर्गन डोनर अपनी इच्छा किसी भी व्यक्ति को अपना अंगदान कर सकता है, जिसे वह जानता भी नहीं हो। हालांकि, अंगदान के नाम से ऑर्गन को बेचना यानी अंगदान करने के बदले पैसे लेना कानूनी रूप से गलत है और इस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
एक लिविंग ऑर्गन डोनर मुख्य रूप से दो किडनियों में से कोई एक किडनी या फिर लिवर का हिस्सा दूसरे व्यक्ति को दान कर सकता है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार या विशेष परिस्थितियों में शरीर के कुछ अन्य अंग भी हैं, जिनके कुछ हिस्से को दान किया जा सकता है या शरीर के किसी हिस्से के टिश्यू भी दान किए जा सकते हैं।
organ donation risks
हालांकि, लिविंग ऑर्गन डोनेट करना पूरी तरह से जोखिम-मुक्त नहीं माना जाता है, क्योंकि यह एक सर्जिकल प्रोसीजर है जिसके दौरान कुछ कॉम्प्लिकेशन्स हो सकती हैं। हालांकि, अगर सर्जरी से पहले डोनर की अच्छे से स्वास्थ्य जांच की जाए और अंगदान के बाद भी व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखता हो तो रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, जैसा कि अंगदान करना एक ट्रांसप्लांट सर्जिकल प्रोसीजर है, तो इस दौरा कुछ समस्याएं होने का रिस्क बढ़ सकता है जैसे -
इसके अलावा शरीर का कौनसा अंग डोनेट किया गया है और कितना किया गया है इसपर भी निर्भर करता है कि डोनर क्या सर्जिकल प्रोसीजर के बाद क्या समस्याएं हो रही हैं और वे कितने समय तक रहने वाली हैं।
यह भी इसपर काफी निर्भर करता है कि आपने शरीर का कौन सा अंग दान दिया है। इसके अलावा अधिकांश स्वस्थ और उचित रूप से चयनित दाता सामान्य जीवन जी सकते हैं। अंगदान के बाद अपने स्वास्थ्य की खास देखभाल और नियमित डॉक्टर से जांच कराते रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी उद्देश्य केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक है, जिसमें जीवित अंगदान कौन कर सकता है और इस दौरान व बाद में व्यक्ति का जीवन कैसा होता है आदि के बारे में जानकारी दी गई है। इस लेख में दी गई कोई भी जानकारी किसी भी समस्या के इलाज के लिए नहीं है और Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।