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लासा फीवर: कोरोना के बाद अब नए वायरस ने दी दस्तक, जानें क्या है लासा फीवर, इसके लक्षण और इलाज

कोरोना की तरह लासा फीवर भी एक प्रकार का वायरल इन्फेक्शन है, जिसके कारण यूके में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। चूहों के माध्यम से इंसानों तक फैलने वाले इस रोग से कुछ लोगों के सवास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

दुनियाभर में कोरोना की एक के बाद एक लहर आ रही हैं और इतने में एक नए वायरस ने दस्तक दी है हाल ही में मिली खबरों के अनुसार लासा फीवर (Lassa fever) के कारण यूके में तीन मौत हो चुकी हैं। WHO के अनुसार यह संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के संपर्क में आने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से फैलता है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर समय रहते उचित बचाव न किए गए तो लासा फीवर भी एक महामारी का रूप धारण कर सकता है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि लासा फीवर क्या है, कैसे फैलता है और इसका इलाज कैसे किया जाए। चलिए इस बारे में जानकारी लेते हैं -

क्या है लासा फीवर?

लासा फीवर एक वायरल रोग (viral disease) है, जो लासा नामक वायरस के कारण होता है। यह वायरस सबसे पहले 1969 में पहली बार नाइजीरिया के लासा नामक कस्बे में पाया गया था और इस कस्बे पर ही इसका नाम पड़ा। लासा फीवर अधिकतर मामलों में चूहों के माध्यम से से इंसानों तक फैलता है। उदाहरण के लिए यदि लासा से संक्रमित चूहा अपने मल या मूत्र से खाद्य पदार्थों को दूषित कर देता है और वे खाद्य पदार्थ मनुष्य खा लेते हैं तो वे भी इस से संक्रमित हो जाते हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि लासा फीवर एयरबोर्न है और चूहे के मल से दूषित वातावरण के संपर्क में आने से भी यह बुखार हो सकता है।

लासा फीवर के लक्षण

लासा वायरस के लक्षण (Symptoms of lassa fever) उसके संपर्क में आने के 6 से 21 दिनों के भीतर शुरू हो जाते हैं। इससे होने वाले प्रमुख लक्षणों में निम्न शामिल हैं -

  • बुखार व सिर दर्द
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • सूखी या बलगम वाली खांसी
  • उल्टी या दस्त (कई बार इनके साथ खून भी आ सकता है)
  • गले या चेहरे पर सूजन आना

यदि आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं या फिर आप किसी ऐसी जगह यात्रा करके आए हैं जहां लासा फीवर फैल रहा है, तो ऐसे में जल्द से जल्द जांच करवा लेनी चाहिए।

लासा फीवर का इलाज

लासा फीवर का इलाज (Lassa fever treatment) स्थिति की गंभीरता और उससे होने रहे लक्षणों के अनुसार किया जाता है। यह एक वायरल रोग है और इसलिए इलाज में आमतौर पर अलग-अलग प्रकार की एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा कुछ प्रकार की पेनकिलर और एंटीपायरेटिक दवाएं भी दी जा सकती हैं, जिनकी मदद से लासा फीवर से होने वाले लक्षणों को कम किया जाता है। यदि लासा फीवर के कारण स्थिति गंभीर हो गई है, तो आपको अस्पताल में भर्ती करके चिकित्सकों के निरीक्षण में रखा जाता है।

लासा फीवर से बचाव कैसे करें

लासा फीवर होने से बचाव करने के लिए आप निम्न निर्देशों का पालन करें -

  • भोजन को चूहों की पहुंच से दूर रखें
  • जिन क्षेत्रों में लासा फीवर का प्रकोप है वहां यात्रा न करें
  • यदि आप वहां गए हैं तो तुरंत अपनी जांच कराएं
  • स्वस्थ जीवन शैली का पालन करें
  • संतुलित आहार लें

लासा फीवर एक वायरल रोग है और इसके बारे में पूरी जानकारी लेकर इससे बचाव करने में मदद मिल सकती है। यदि आपको लासा फीवर से संबंधित कोई भी सवाल है, तो अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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