
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : March 6, 2026 4:43 PM IST
Medically Verified By: Dr. Shobha Gupta
What is IVF: आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन... यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जो उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आती है, जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ हैं। आईवीएफ ने कई ऐसे परिवारों का सपना पूरा किया है, जो बच्चे की चाह में दर-दर ठोकरें खा रहे थे। यह एक प्रक्रिया है, जिसमें अंडे और शुक्राणु को फर्टिलाइज करके गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। आईवीएफ के बारे में आजकल ज्यादातर लोग जागरूक हैं। लेकिन, आज भी कई लोग आईवीएफ की बारीकियों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। ऐसे में हमने सोचा कि आपको IVF से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी से आपको रूबा-रूह करवाया जाए, जिससे आईवीएफ करवाने से पहले लोग डरे न और वे जरूरत पड़ने पर बिना किसी डर के इस तकनीक को अपना सके।
मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर, नई दिल्ली की मेडिकल डायरेक्टर और आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं इसकी पूरी ABCD-

सवाल: IVF की जरूरत कब पड़ती है?
जवाब: आईवीएफ की जरूरत कई मामलों में पड़ सकती है। जैसे-
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "अगर सही समय पर आईवीएफ की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, तो सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। IVF सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं है, यह उन दंपतियों के लिए उम्मीद, धैर्य और विश्वास की यात्रा है जो माता-पिता बनने का सपना देखते हैं। सही जानकारी, समय पर इलाज और सकारात्मक सोच के साथ आज IVF ने अनगिनत परिवारों को खुशियां दी हैं। जरूरी है कि कपल डर और भ्रम से दूर रहकर विशेषज्ञ की सलाह लें, क्योंकि हर सफर अलग होता है और हर कोशिश मायने रखती है।”
सवाल: क्या IVF दर्दनाक होता है?
जवाब: आईवीएफ प्रक्रिया में ज्यादा दर्द नहीं होता है। सिर्फ इंजेक्शन और एग रिट्रीवल के दौरान थोड़ी असहजता हो सकती है। हालांकि, इसे दवाइयों की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है। कई लोग दर्द और डर की वजह से आईवीएफ नहीं करवा पाते हैं, जबकि यह दर्दनाक प्रक्रिया बिल्कुल नहीं है। इसमें भ्रूण ट्रांसफर प्रक्रिया भी बेहद सरल है। अगर आपको आईवीएफ लेने में डर महसूस हो रहा है, तो सही कांसलिंग से आपकी चिंता कम हो सकती है।

सवाल: IVF किन कपल्स के लिए होता है?
जवाब: आईवीएफ उन कपल्स के लिए वरदान साबित होता है, जो नेचुरल तरीके से माता-पिता बनने का सुख प्राप्त नहीं कर पाते हैं। जब प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण में मु्श्किल आती है, तो आईवीएफ ट्रीटमेंट लिया जा सकता है। अधिक उम्र, देर से शादी और पहले फेल हो चुके ट्रीटमेंट या इनफर्टिलिटी आदि स्थितियों में कपल को आईवीएफ ट्रीटमेंट लेने की सलाह दी जाती है। हर कपल का केस अलग होता है, इसलिए आईवीएफ शुरू करने से पहले कुछ जांचें कराना जरूरी है।
सवाल: IVF का प्रोसेस क्या होता है?
जवाब: आईवीएफ की प्रक्रिया बेहद सरल है। इसके स्टेप्स इस प्रकार हैं-

सवाल: IVF में कितना टाइम लगता है?
जवाब: एक आईवीएफ साइकल लगभग 4 से 6 सप्ताह का होता है। इसमें सबसे पहले कपल की जांच की जाती है। इसके बाद इंजेक्शन, एग रिट्रीवल, भ्रूण ट्रांसफर आदि किया जाता है। कुछ मामलों में एक ही बार आईवीएफ सफल हो जाता है। वहीं, कुछ मामलों में एक से अधिक साइकल की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए आईवीएफ के दौरान आपको धैर्य और पॉजिटिव सोच रखना बहुत जरूरी है। अगर आप आईवीएफ ले रहे हैं, तो इस दौरान स्ट्रेस से पूरी तरह बचना जरूरी है।
सवाल: IVF में कौन-से इंजेक्शन लगते हैं?
जवाब: आईवीएफ प्रक्रिया शुरू होने से पहले महिला को हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं। ये अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, महिला को ओव्यूलेशन और प्रेग्नेंसी सपोर्ट के लिए भी कुछ दवाइयां दी जाती हैं। ये सभी इंजेक्शन और दवाइयां डॉक्टर की निगरानी में ही दी जाती है।
सवाल: IVF का सेक्सेस रेट क्या है?
जवाब: आईवीएफ का सेक्सेस रेट कई चीजों पर निर्भर करता है। आईवीएफ की सफलता काफी हद तक उम्र, एग की क्वालिटी, स्पर्म की गुणवत्ता और कपल की लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। 35 साल से कम उम्र की महिलाओं में आईवीएफ का सेक्सेस रेट ज्यादा देखने को मिलता है। अब नई टेक्नोलॉजी की मदद से आईवीएफ का सेक्सेस रेट पहले से काफी बेहतर हुआ है। हालांकि, आईवीएफ की सफलता दर 100 फीसदी नहीं है।

सवाल: IVF कराने में कितना खर्चा आता है?
जवाब: आईवीएफ कराने में कितना खर्चा आता है, यह अलग-अलग जगह और स्थितियों पर निर्भर करता है। आईवीएफ की तकनीक पर भी इसका खर्चा डिपेंड करता है। लेकिन, आमतौर पर आईलीएफ के एक साइकल का खर्च 1.5 से 3 लाख रुपये तक हो सकता है। डॉक्टर आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले ही खर्चें की जानकारी दे देते हैं, ताकि कपल मानसिक और आर्थिक रूप से तैयार रहें और आईवीएफ साइकल के दौरान कोई मुश्किल खड़ी न हो। आपको बता दें कि हेल्थ इंश्योरेंस अभी IVF को कवर नहीं करते हैं।
सवाल: IVF के साइड इफेक्ट्स क्या होते हैं?
जवाब: आईवीएफ ट्रीटमेंट कई कपल्स के लिए वरदान साबित होता है। वैसे तो यह पूरी तरह से सुरक्षित प्रक्रिया है। लेकिन, आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल: क्या IVF में जेंडर का चयन कर सकते हैं?
जवाब: भारत में कानूनी रूप से IVF के जरिए बच्चे का लिंग चुनना पूरी तरह अवैध है। डॉ. शोभा गुप्ता साफ़ तौर पर कहती हैं कि मेडिकल एथिक्स और कानून का पालन करना हर डॉक्टर और कपल की ज़िम्मेदारी है।
सवाल: IVF फेल होने के क्या कारण हो सकते हैं?
जवाब: IVF फेल होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
सवाल: क्या IVF का बेबी नॉर्मल होता है?
जवाब: हां, आईवीएफ से जन्मा बच्चा पूरी तरह से नॉर्मल होता है। उसकी शारीरिक और मानसिक विकास प्रक्रिया वैसे ही होती है, जैसे प्राकृतिक तरीके से जन्मे बच्चे की होती है। आईवीएफ सिर्फ गर्भधारण का एक तरीका है। इसका बच्चे की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है।
सवाल: क्या IVF में जुड़वा बच्चे होते हैं?
जवाब: पहले आईवीएफ में जुड़वा बच्चों की संभावना ज्यादा होती थी। पहले महिला के गर्भ में एक से ज्यादा एम्ब्रियो ट्रांसफर कर दिए जाते थे। लेकिन, अब सिंगल एम्ब्रियो ट्रांसफर को प्राथमिकता दी जाती है। यह मां और बच्चा, दोनों की सेहत के लिए सुरक्षित होता है।

सवाल: IVF में नॉर्मल डिलीवरी होती है या सी-सेक्शन?
जवाब: आईवीएफ प्रेग्नेंसी में, डिलीवरी का तरीका मां और बच्चे की स्थिति पर ही निर्भर करता है। कई महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी होती है, तो कई महिलाओं की सी-सेक्शन डिलीवरी भी होती है। आईवीएफ का मतलब हमेशा सी-सेक्शन बिल्कुल नहीं होता है।
सवाल:IVF के लिए ऐज लिमिट क्या होती है?
जवाब: IVF की सफलता में महिला की उम्र अहम भूमिका निभाती है। दरअसल, बढ़ती उम्र में एग की क्वालिटी खराब होने गती है। वहीं, ज्यादा उम्र में पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी भी प्रभावित होती है।
सवाल: IVF कितनी बार करवा सकते हैं?
जवाब: आईवीएफ कितनी बार करवा सकते हैं, इसकी कोई सीमा निर्धारित नहीं है। यह आमतौर पर महिला की उम्र और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। कई महिलाएं आईवीएफ फेल होने पर इसे 3 से 4 बार भी करवाती हैं।