
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : June 20, 2022 12:40 PM IST
हमारा शरीर कई अलग-अलग प्रणाली चलती हैं, जिससे हम जीवित रह पाते हैं। इनमें से श्वसन प्रणाली, पाचन प्रणाली और प्रतिरक्षा प्रणाली आदि को आमतौर पर जाना जाता है। प्रतिरक्षा प्रणाली को रोग प्रतिरोधक क्षमता और इम्यून सिस्टम भी कहा जाता है, जो शरीर की महत्वपूर्ण प्रणालियों में से एक है। इम्यून सिस्टम हमारे शरीर के बाहर के बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सभी प्रकार के रोगाणुओं से बचाने का काम करता है। इसके साथ-साथ अगर शरीर के अंदर कोई अन्य बाहरी चीज मौजूद है, जैसो कोई कण, फंगस या अन्य पदार्थ आदि, तो उसके प्रति भी इम्यून सिस्टम शरीर को बचाता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कोई भी व्यक्ति इम्यून सिस्टम के बिना जीवित नहीं रह सकता है, क्योंकि उसके शरीर में मौजूद बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ सकता है और आप बीमार पड़ सकते हैं। चलिए जानते हैं क्या है इम्यून सिस्टम और किस प्रकार यह हमे रोगों से बचाती है।
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया है इम्यून सिस्टम हमारे शरीर की एक प्रणाली यानी एक सिस्टम है, जिसका काम शरीर को रोगों से बचाना है। यह हमारे शरीर के कई अंगों, कोशिकाओं और अलग-अलग प्रकार के प्रोटीन का एक बड़ा नेटवर्क है, जो हमारे शरीर के लगभग सभी हिस्सों में फैला होता है और शरीर को बीमारियों से बचाता है। एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को बैक्टीरिया, पैरासाइट, वायरस और साथ ही साथ कैंसर की कोशिकाओं से बचाती है व साथ ही साथ स्वस्थ ऊतकों की रक्षा करती है।
हमारे शरीर में आमतौर पर दो प्रकार के इम्यून सिस्टम होते हैं, जिन्हें निम्न के रूप में जाना जाता है -
सफेद रक्त कोशिकाएं इम्यून सिस्मट के सबसे प्रमुख भागों में से एक है और इन्हें ल्यूकोसाइट्स भी कहा जाता है। ल्यूकोसाइट रक्त और ऊतकों के माध्यम से पूरे शरीर में चक्कर लगाते रहते हैं और बाहरी पदार्थों, रोगाणुओं और विषाक्त पदार्थों को ढूंढते रहते हैं। जब भी कोई बाहरी चीज या रोगाणु मिलता है, तो वे इम्यून सिस्टम को आक्रमण का संकेत दे देती हैं।
ल्यूकोसाइट्स आमतौर पर दो प्रकार की होती हैं, जिन्हें फेगोसाइट्स और लिम्फोसाइट्स कहा जाता है। लिम्फोसाइट्स आगे दो प्रकार की होती हैं, जिन्हें जिन्हें बी लिम्फोसाइटिस (बी सेल्स) और टी लिम्फोसाइटिस (टी-सेल्स) कहा जाता है।
कोई भी चीज जो इम्यून सिस्टम को ट्रिगर (उत्तेजित) करती है, उसे एंटीजन कहा जाता है। इनमें आमतौर पर बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट, अन्य कोई सूक्षमजीव, केमिकल, विषाक्त पदार्थ या वातावरण में मौजूद अन्य कोई चीज, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली उत्तेजित हो जाती है, उसे एंटीजन कहा जाता है।
जब एंटीजन शरीर के अंदर आ जाता है, तो बी सेल्स उसकी पहचान कर लेती हैं और एंटीबॉडीज जारी कर देती हैं। ये एंजीबॉडीज जाकर एंटीजन से जुड़ जाती हैं, जिससे इम्यून सिस्टम को संकेत मिल जाता है और वे एंटीजन को नष्ट कर देती हैं।
हालांकि, कुछ प्रकार के वायरस व अन्य रोगाणु व्यक्ति के शरीर में अपने आप को बदलने की क्षमता रखते हैं और इसलिए हर बार प्रतिरक्षा प्रणाली को उनकी पहचान करनी पड़ती हैं और यही कारण है कि हर साल फ्लू व अन्य कई संक्रमणों के टीके लगवाने की सलाह दी जाती है।