Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

क्या है रेयर डिजीज हाइपोफॉस्फेटेमिया और इसके लक्षण? जानिए बीमारी का पूरा इलाज

कई रेयर डिजीज ऐसी होती हैं, जिनके लक्षण इतने गंभीर नहीं होते लेकिन ये अगर इन्हें इग्नोर किया जाए तो बाद में इससे कई गंभीर व जानलेवा जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। हाइपोफॉस्फेटेमिया भी ऐसा ही एक रोग है।

क्या है रेयर डिजीज हाइपोफॉस्फेटेमिया और इसके लक्षण? जानिए बीमारी का पूरा इलाज

Written by Mukesh Sharma |Updated : January 15, 2024 6:31 PM IST

हर व्यक्ति के शरीर में किसी कोई न कोई स्वास्थ्य समस्या जरूर होती है। बहुत ही कम लोग ऐसे देखने को मिलते हैं, जिनके शरीर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो। जबकि कुछ लोग तो क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित ही होते हैं, जिनका कोई इलाज नहीं होता है और सिर्फ दवाओं की मदद से इनके लक्षणों को कंट्रोल रखना जाता है। वहीं कुछ ऐसी बीमारियां भी होती हैं, जो दुर्लभ होती हैं, यानी ऐसी बीमारियां जिसके मामले काफी कम देखने को मिलते हैं और ज्यादातर मामलों में इन बीमारियों का कोई इलाज नहीं होता है। हालांकि, कुछ बीमारियां समय के साथ अपने आप भी ठीक हो जाती हैं, तो कुछ दुर्लभ बीमारियां ऐसी भी हैं, जिनके कारण जीवन भर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं।

क्या है हाइपोफॉस्फेटेमिया

हाइपोफॉस्फेटेमिया के नाम से ही आप जान गए होंगे कि यह शरीर में फॉस्फेट के लेवल से जुड़ी ही कोई बीमारी है। दरअसल जब हमारे खून में फॉस्फेट का लेवल कम हो जाता है, तो इस स्थिति को हाइपोफॉस्फेटेमिया कहा जाता है। हाइपोफॉस्फेटेमिया कई बार ज्यादा गंभीर न होकर सामान्य ही होता है, जबकि कुछ लोगों में इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं और इससे कई जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

हाइपोफॉस्फेटेमिया के लक्षण

कई बार हाइपोफॉस्फेटेमिया से होने वाली लक्षणों गंभीर नहीं होता हैं और इस कारण से कई बार लोग इन्हें इग्नोर कर देते हैं। जबकि कई बार जब शरीर में फॉस्फेट की कमी हो जाती है, तो इसके कारण निम्न लक्षण पैदा हो सकते हैं -

Also Read

More News

  • मांसपेशियों में दर्द या जकड़न रहना
  • हड्डियों और जोड़ों में दर्द व जकड़न रहना
  • मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित रहना उलझन व चिड़चिड़ापन
  • मिर्गी के दौरे पड़ना जो कई बार गंभीर भी हो सकते हैं

इसके अलावा भी हाइपोफॉस्फेटेमिया के कारण कई लक्षण पैदा हो सकते हैं और ये लक्षण हर व्यक्ति के शरीर के अनुसार अलग-अलग तरीके से ही होते हैं।

हाइपोफॉस्फेटेमिया के कारण

कई ऐसी स्थितियां हैं, जो हाइपोफॉस्फेटेमिया का कारण बन सकती हैं जैसे

  • पैराथायराइड ग्रंथि के हार्मोन बढ़ना
  • लंबे समय से हार्मोन असंतुलन
  • लंबे समय से शरीर में विटामिन डी की कमी
  • काफी दिनों में डाइयूरेटिक दवाएं लेना

इसके अलावा इटिंग डिसऑर्डर, मालन्यूट्रिशन या मालबसोर्पशन जैसे डिसऑर्डर हैं, जिनके कारण हाइपोफॉस्फेटेमिया जैसी बीमारियां होने लगती हैं और इन्हें इस बीमारी का सबसे कोमन कारण भी माना जाता है।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

हाइपोफॉस्फेटेमिया का इलाज

सबसे पहले सही तरीके से निदान करके हाइपोफॉस्फेटेमिया की पुष्टि की जाती है और उसके बाद इसका इलाज शुरू किया जाता है। हाइपोफॉस्फेटेमिया का इलाज उसकी गंभीरता के अनुसार ही किया जाता है, उदाहरण के रूप में यदि स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं है, तो डॉक्टर आमतौर पर कुछ समय के लिए खाने की दवाएं देते हैं। वहीं अगर स्थिति गंभीर होती जा रही है, तो मरीज को अस्पताल में ही भर्ती किया जाता है और आईवी की मदद से फॉस्फेट रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जाती है।