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क्या होती है हाइपर एसिडिटी? जानिए इसके लक्षण और कारण और बचाव के तरीके

हाइपर एसिडिटी (Hyper Acidity) एक ऐसी प्रॉब्लम है जिसकी चपेट में आजकल कई लोग है। यह समस्या इतनी कॉमन हो गई है कि बच्चे से लेकर बड़े हर कोई इस समस्या का सामना कर रहा है। इस स्वास्थ्य समस्या में पेट के उपरी हिस्से यानि कि एसोफेगस में दर्द के साथ जलन भी होती है।

क्या होती है हाइपर एसिडिटी? जानिए इसके लक्षण और कारण और बचाव के तरीके
क्या होती है हाइपर एसिडिटी? जानिए इसके लक्षण और कारण और बचाव के तरीके

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : November 18, 2020 4:01 PM IST

हाइपर एसिडिटी (Hyper Acidity) एक ऐसी प्रॉब्लम है जिसकी चपेट में आजकल कई लोग है। यह समस्या इतनी कॉमन हो गई है कि बच्चे से लेकर बड़े हर कोई इस समस्या का सामना कर रहा है। इस स्वास्थ्य समस्या में पेट के उपरी हिस्से यानि कि एसोफेगस में दर्द के साथ जलन भी होती है। इसीलिए, सही समय पर इसके लक्षणों को समझकर इलाज किया जाना चाहिए। आज हम आपको हाइपर एसिडिटी के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके बता रहे हैं।

हाइपर एसिडिटी के लक्षण

  • एसोफेगस में दर्द और जलन होना

    पेट का फूलना यानि कि ब्लोटिंग होना

    भोजन को पचाने में दिक्कत होना

    अक्सर थकान रहना

    कड़वी या खट्टी डकार आना

    शरीर में भारीपन महसूस होना

    कभी-कभी उल्टी आना

    ज्यादा देर तक खड़े होने में परेशानी होना

    मिचली होना और मुंह से खट्टा पानी आना

    आंखों में जलन

हाइपर एसिडिटी के कारण

हाइपर एसिडिटी खराब लाइफस्टाइल के कारण होती हैं। खानपान की गलत आदतें और गलत दिनचर्या को फॉलो करना हाइपर एसिडिटी का कारण बनता है। इसके अलावा नशील पदार्थों का सेवन, अधिक मिर्च मसाले या तीखी चीजें का सेवन, अत्यधि‍क खट्टी चीजें खाना, देर से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन और नींद की कमी आदि हाइपर एसडिटी का कारण बनती हैं।

हाइपर एसिडिटी से बचने के तरीके

1. सबसे पहले तो ये ध्‍यान रखें कि आप संतुलित भोजन लें. भोजन में फाइबर खूब हो. रेशेदार आहार हो। हरी सब्जियां हों, दाल, दही आदि हो।

2. जैसे हरी सब्जियां स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी हैं, वैसे ही फलों का सेवन भी बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि मौसमी फलों का अवश्‍य सेवन करें।

3. रात को सोने से पहले 10 से 12 मुनक्का खाने की आदत डालें। इससे कब्ज में काफी राहत मिलती है।

4. किशमिश या अंजीर को कुछ देर तक पानी में भिगो दें। अब इसका सेवन करें। ऐसा रोज करें. कब्‍ज में काफी फायदा होगा।

5. रोज रात में हरड़ का चूर्ण या त्रिफला चूर्ण, गुनगुने पानी के साथ पीएं। फिर सो जाएं। ये कब्‍ज की रामबाण औषधि है।

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6. नियमित रूप से व्यायाम या योगासन करें।