
डॉ. अमित भूषण शर्मा
डॉ. अमित भूषण शर्मा गुरुग्राम के सबसे प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट में से एक हैं। उन्हें टाइम्स मीडिया ... Read More
Written By: Dr. Amit Bhushan Sharma | Published : May 20, 2026 2:50 PM IST
heart failure (Image-AI)
Heart Failure: आजकल हार्ट से जुड़ी बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, हाई बीपी, डायबिटीज और अनियमित खान-पान की वजह से कम उम्र में भी हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हीं गंभीर समस्याओं में से एक है हार्ट फेलियर। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता है। यह स्थिति शरीर में धीरे-धीरे विकसित होती है। इसका समय पर इलाज बहुत जरूरी होता है, वरना स्थिति गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए हार्ट फेलियर के शुरुआती संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है।
हृदय हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसलिए हृदय का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। जब हार्ट फेलियर होने लगता है, तो कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। दरअसल, हार्ट फेलियर के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं। कई लोग इन्हें सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
अगर थोड़ी-सी सीढ़ियां चढ़ने, तेज चलने या कुछ काम करने के बाद सांस फूलने लगती है तो यह हार्ट फेलियर का शुरुआती संकेत हो सकता है। कई लोगों को रात के समय सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
हार्ट फेलियर की वजह से आपको जल्दी थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। दरअसल, जब हार्ट फेलियर की स्थिति में दिल खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता । इस स्थिति में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। इसलिए हर वक्त थकान और कमजोरी जैसा लग सकता है।
पैरों और टखनों का सूजन को भूलकर भी नजरअंदाज न करें। ये हार्ट फेलियर के संकेत हो सकते हैं। हार्ट फेल होने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसकी वजह से पैरों, टखनों और पेट में सूजन दिखाई दे सकती है।
अगर लंबे समय से खांसी हो रही है, तो यह भी हार्ट फेलियर का लक्षण हो सकता है। दरअसल, कुछ मरीजों में फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को खांसी, सीने में जकड़न या घरघराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हार्ट फेलियर होने पर दिल की धड़कन भी तेज हो सकती है। शरीर में पानी जमा होने की वजह से वजन तेजी से बढ़ सकता है।
आपको बता दें कि हार्ट फेलियर किसी एक कारण से नहीं होता है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं।
हार्ट फेलियर के किसी भी संकेत की अनदेखी भारी पड़ सकती है। इसलिए कुछ मामलों में डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। जैसे-
हार्ट फेलियर एक क्रॉनिक यानी लंबे समय तक रहने वाली स्थिति है। लेकिन, सही इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
Disclaimer: हार्ट का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। हार्ट में कोई भी दिक्कत होने पर संपूर्ण जीवन प्रभावित हो सकता है। अगर हृदय से जुड़ा कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।