क्या होती है हार्ट बाईपास सर्जरी? जिसके बारे में आज भी जागरूक नहीं भारतीय

Heart Bypass Surgery Kya Hoti Hai: बहुत कम लोग दिल से जुड़ी बीमारियों और उनके इलाज के बारे में जानते हैं। ऐसी ही एक हार्ट बाईपास सर्जरी है, जिसके बारे में हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Updated : April 15, 2026 11:50 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr Bipeenchandra Y Bhamre

Heart Bypass Surgery Kon Karwa Sakta Hai: बहुत सारे भारतीय हृदय रोग से जूझ रहे हैं। हृदय रोग से जुड़ी भ्रांतियों के कारण कई लोग समय पर इलाज नहीं करवा पाते। मरीज चुपचाप तकलीफ सहते रहते हैं और डॉक्टर की सलाह के बाद भी बाईपास सर्जरी से बचते हैं। हालांकि, मरीजों के लिए बाईपास सर्जरी करवाना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह जान बचाने के लिए बेहद अहम है।

भारत में हार्ट डिजीज मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक है। यह न केवल बुजुर्गों को, बल्कि युवाओं को भी प्रभावित करता है। इसलिए, कई कारक जैसे कि सुस्त जीवनशैली, खाने की अस्वस्थ आदतें, तनाव, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और आनुवंशिक कारक हृदय रोग की संभावना को बढ़ा सकते हैं। आइए हम सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुंबई के कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन डॉक्टर बिपीनचंद्र भामरे से बात करते हैं और जानते हैं कि बाईपास सर्जरी आखिर होती क्या है?

लोगों में दिखती है यह आम हार्ट डिजीज

डॉक्टर बताते हैं कि कुछ हार्ट से जुड़ी बीमारियां आजकल लोगों में बहुत ही आम हो गई है। जैसे कि सबसे आम हृदय रोग हैं कोरोनरी धमनी रोग (धमनियों में रुकावट), दिल का दौरा, हार्ट फेलियर और एरिथमिया जिसमें दिल की धड़कनें अनियमित हो जाती हैं। हम इन बीमारियों के शुरुआती लक्षण नहीं पहचान पाते हैं जो इस प्रकार हैं।

हार्ट डिजीज से पहले कौन से लक्षण दिखते हैं?

कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि हार्ट प्रॉब्लम के दौरान देखे जाने वाले लक्षणों में- सीने में दर्द या बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, थकान, हाथ, गर्दन, जबड़ा या पीठ में दर्द, पसीना आना, जी मिचलाना और चक्कर आना शामिल हो सकते हैं। कई लोग सीने में दर्द और सांस फूलने जैसे शुरुआती चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, इलाज में देरी करते हैं, और दिल का दौरा और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार हो जाते हैं।

हालांकि, लोग अक्सर बाईपास सर्जरी करवाने से डरते हैं। लेकिन बाईपास सर्जरी जैसे आधुनिक इलाजों के बारे में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, जो इलाज के नतीजों को बेहतर बनाने और मृत्यु दर को कम करने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि मरीजों को बाईपास सर्जरी करवानी चाहिए।

बाईपास सर्जरी क्या होती है?

बाईपास सर्जरी, जिसे कोरोनरी धमनी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) भी कहा जाता है, एक जीवन रक्षक प्रक्रिया है जो अवरुद्ध धमनियों को बाईपास करके हृदय में रक्त के प्रवाह को बहाल करने में मदद करती है। गंभीर रुकावटों के मामले में कार्डियक सर्जन द्वारा इस सर्जरी की सलाह दी जाती है, और यह बार-बार होने वाले दिल के दौरों को रोक सकती है। चिकित्सा तकनीक में हुई प्रगति के साथ, बाईपास सर्जरी अब ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो गई है, जिससे लंबे समय तक फायदे मिलते हैं। 

क्या बाईपास सर्जरी सुरक्षित है?

यह हृदय के स्वास्थ्य में सुधार करती है और मरीज आसानी से अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या फिर से शुरू कर सकता है। यह सर्जरी किसी के लिए भी जोखिम भरी नहीं है। इसलिए, इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता के बारे में चिंता न करें। इस सर्जरी के नतीजे काफी सफल होते हैं, क्योंकि उचित देखभाल, नियमित जांच और एक सक्रिय जीवन शैली अपनाकर मरीज 15-20 साल तक ज्यादा जी सकते हैं।

किन लोगों के लिए होती है बाईपास सर्जरी?

लोगों को बाईपास सर्जरी के बारे में जानकारी देना जान बचाने में मददगार हो सकता है। यह उन लोगों के लिए सुझाया जाता है जिन्हें कोरोनरी आर्टरी की बीमारी है और जिन पर दवा या स्टेंटिंग का भी कोई असर नहीं होता। जिन लोगों को डायबिटीज है और जिन्हें बार-बार दिल से जुड़ी समस्याएं होती हैं, उन्हें भी बाईपास सर्जरी करवाने की सलाह दी जा सकती है।

हार्ट हेल्थ पर ध्यान देना है बहुत जरूरी

आज दिल की सेहत को प्राथमिकता देना, एक स्वस्थ भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए, अगर डॉक्टर आपको बाईपास सर्जरी करवाने की सलाह देते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। अपने दिल की सेहत की जिम्मेदारी खुद उठाएं और किसी विशेषज्ञ से अपॉइंटमेंट लें, जो बाईपास सर्जरी से जुड़े आपके सभी सवालों और शंकाओं का जवाब देगा। मरीजों और उनके परिवार वालों को अपने दिल को सुरक्षित रखने के लिए, सेहत से जुड़े सही और सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

बाईपास सर्जरी में कितने पैसे लगते हैं?

भारत में बाईपास सर्जरी (CABG) की औसत लागत आमतौर पर ₹1.5 लाख से ₹5 लाख तक होती है। यह खर्च अस्पताल के प्रकार (प्राइवेट या सरकारी), शहर, सर्जन के अनुभव और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।

बाई पास सर्जरी कैसे की जाती है?

बाईपास सर्जरी के आपरेशन के लिए पहले सीने के बीच की हड्डी (स्टरनम) को काटकर हृदय को गम्य बनाने हेतु खोल दिया जाता है। उसके बाद उसे हार्ट-लंग मशीन से जोड़ दिया जाता है जिससे हृदय और फेफड़ों का काम यह मशीन करने लगती है।

बाईपास सर्जरी के बाद व्यक्ति कितने समय तक जीवित रहता है?

बाईपास सर्जरी (CABG) के बाद अधिकांश लोग 10-20 साल या उससे अधिक समय तक स्वस्थ जीवन जीते हैं, क्योंकि यह सर्जरी जीवन प्रत्याशा में सुधार करती है।

बाईपास सर्जरी क्या होती है?

बाईपास सर्जरी (कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग - CABG) एक प्रमुख हृदय ऑपरेशन है, जिसका उपयोग हृदय की धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज को दूर करने के लिए किया जाता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.