Happy Hypoxia: क्या है हाइपोक्सिया और हैप्पी हाइपोक्सिया में अंतर, जानें, हाइपोक्सिया के लक्षण, कारण, इलाज सबकुछ

हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह पूरे शरीर या फिर शरीर के एक खास हिस्से को प्रभावित करता है। हाइपोक्सिया (Hypoxia) कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। जानें, इसके कारण, लक्षण और इलाज के बारे में यहां....

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Written By: Anshumala | Published : May 19, 2021 8:07 AM IST

Happy Hypoxia in Hindi: कोविड-19 की दूसरी लहर में कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने वाले अधिकतर मरीजों में ऑक्सीन लेवल (Low Oxygen Level) कम होने से सांस की तकलीफ (Breathing Problem) हो रही है। देश में कई मरीजों में हैप्पी हाइपोक्सिया (Happy Hypoxia) दिखा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 प्रतिशत से भी अधिक मरीज हैप्पी हाइपोक्सिया का शिकार हुए हैं। इसके लक्षण शुरुआत में बेहद ही सामान्य (Symptoms of Happy Hypoxia) होते हैं, लेकिन अंतिम क्षण में गंभीर हो जाते हैं। कई एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है बड़ी संख्या में मरीज हैप्पी हाइपोक्सिया से ग्रस्त हो रहे हैं। देश में कोरोना को लेकर आलम ये है कि समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर और हॉस्पिटल में बेड ना मिलने से लोगों की जान जा रही है।

शरीर में जब ऑक्सीजन लेवल कम (Low Oxygen Level) होने लगता है, तो यह आपके कई महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है। इन अंगों में मुख्य रूप से मस्तिष्क, फेफड़े, हार्ट, किडनी के अलावा अत्यधिक सिरदर्द होता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि यह इंफेक्शन आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करता है। इसमें आपके फेफड़े और ब्लड वेसल्स या रक्त वाहिकाएं शामिल होती हैं। ब्वड वेसल्स में इंफ्लेमेशन होने के कारण ब्लड क्लॉटिंग की समस्या भी होने लगती है। आइए जानते हैं, क्या है हाइपोक्सिया और हैप्पी हाइपोक्सिया (Happy Hypoxia in Hindi) के लक्षण, कारण और इलाज?

क्या है हाइपोक्सिया? (What is Hypoxia in Hindi?)

हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह पूरे शरीर या फिर शरीर के एक खास हिस्से को प्रभावित करता है। हाइपोक्सिया (Hypoxia) कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और घातक जटिलताओं को जन्म दे सकता है। हाइपोक्सिमिया (Hypoxemia) रक्त में ऑक्सीजन की कमी है। हाइपोक्सिमिया से हाइपोक्सिया (Hypoxia) हो सकता है।

हैप्पी हाइपोक्सिया क्या है? (What is Happy Hypoxia?)

कई कोरोना के मरीज ऐसे होते हैं, जिनके लक्षण बेहद कॉमन होते हैं। उनमें सिर्फ खांसी, बुखार होता है। वे आराम से चल-फिर सकते हैं। लोगों से बातें कर सकते हैं। शरीर के तापमान से लेकर ब्ल़ड प्रेशर तक सभी नॉर्मल होता है, लेकिन जब ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल की जांच की जाती है, तो वह 90 से भी काफी कम आता है। ऐसी स्थिति को ही 'हैप्पी हाइपोक्सिया' कहते हैं। इसमें मरीज को देखकर लगता नहीं कि उसका ऑक्सीजन लेवल इतना डाउन हो गया है और ना ही खुद मरीज को पता चल पाता है।

हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षण (Symptoms of Happy Hypoxia)

कोरोनावायरस के आम लक्षणों में गले में खराश, सूखी खांसी, बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द आदि शामिल हैं, लेकिन हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षणों को पहचानने के लिए बारीकी से जांच करने की जरूरत पड़ती है। जब आपके शरीर में निम्न लक्षण दिखें तो अलर्ट हो जाएं-

  • होठों का रंग नीला पड़ जाना
  • त्वचा का रंग लाल या बैंगनी टोन में नजर आना
  • बिना किसी हेवी एक्सरसाइज किए ही अत्यधिक पसीना आना

हाइपोक्सिया के कारण (Causes of Hypoxia)

फेफड़ों में इंफेक्शन, फेफड़ों में फ्लूइड का जमा होना, फेफड़ों का क्षतिग्रस्त होना या काम ना करना, रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस, एनेस्थीसिया, रक्त का अत्यधिक बहाव, एनीमिया, अस्थमा, हार्ट फेलियर, सीओपीडी, ट्यूमर या बाहरी पदार्थ जाने से एयरवेज में बाधा आना,

हाइपोक्सिया के संकेत (Sign of Hypoxia)

  • कंफ्यूजन
  • बेचैनी
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • कफ, हृदय गति का तेज होना
  • त्वचा और होठों के रंग में बदलाव नजर आना
  • हृदय गति का कम हो जाना
  • पसीना आना
  • धड़कनों का बढ़ना या घटना

हाइपोक्सिया का इलाज (Treatment of Hypoxia)

  • जितनी जल्दी हो सके ऑक्सीजन थेरेपी शुरू कर देना।
  • एंटीबायोटिक्स या स्टेरॉएड के जरिए मुख्य समस्या का इलाज करना।

ऑक्सीजन लेवल कितना नीचे जाना होता है खतरनाक?

यदि किसी कोरोना पीड़ित मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन 94 प्रतिशत से भी नीचे चला जाए, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूरी है। एक्सपर्ट्स ने सुझाया है कि होम आइसोलेशन कोविड पेशेंट को ऐसी स्थिति में प्रोनिंग (Proning) का अभ्यास जरूर करना चाहिए। यदि व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल 90 प्रतिशत से भी नीचे जाता है, तो उसे तुरंत ही ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटिलेटर की जरूरत है। इसके लिए पीड़ित को हॉस्पिटल में एडमिशन की जरूरत होती है। आज इस कोरोना महामारी में ऑक्सीमीटर हर घर में मुख्य मेडिकल आइटम बन गया है, जो मुख्य रूप से शरीर में लो ऑक्सीजन लेवल का पता आसानी से लगा देता है।

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