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Written By: Anshumala | Updated : June 6, 2020 1:19 AM IST
World Food Safety Day 2022
Home remedies for food poisoning : पूरी दुनिया में संक्रमित या दूषित खाद्य पदार्थ (Contaminated foods) खाने से लाखों लोग कई तरह के रोगों के शिकार होते हैं। सिर्फ भारत की बात करें तो यहां हर मिनट 40 से 45 लोग दूषित भोजन करने से बीमार होते हैं। संक्रमित भोजन करने से प्रत्येक वर्ष चार लाख से भी अधिक लोगों की मौत हो जाती है। लोगों को साफ और शुद्ध भोजन करने के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 7 जून को 'विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस' (World Food Safety Day 2020) मनाया जाता है। इस दिन लोगों को अपने खाने की सुरक्षा के प्रति ध्यान देने के लिए जागरूक किया जाता है।
यह बताया जाता है कि दूषित भोजन करने से फूड प्वॉइजनिंग (Food poisoning), दस्त या डायरिया, नोरोवायरस संक्रमण (Norovirus infection) आदि कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। 'विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस' के दिन तमाम देश तरह-तरह के जागरूकता प्रोग्राम भी चलाते हैं। आइए जानते हैं, 'विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस' पर फूड प्वॉइजनिंग क्या है, इसके लक्षण और इसे दूर करने के घरेलू उपाय (Home remedies for food poisoning) क्या हैं...
गर्मी के दिनों में दूषित भोजन करने से सबसे ज्यादा लोग फूड प्वॉइजनिंग (Food poisoning) से परेशान होते हैं। फूड प्वॉइजनिंग होने के कारण पेट दर्द, उल्टी, मिचली, डायरिया, अपच जैसी समस्याएं (Symptoms of Food poisoning) देखने को मिलती हैं। इस स्थिति में कुछ भी खाने से बचें। फूड प्वॉइजनिंग के कारण अधिकतर लोगों का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। दूषित भोजन करने से भी फूड प्वॉइजनिंग की समस्या होती है। भोजन में बैक्टीरिया, वायरस और अन्य विषाक्त पदार्थ होने की वजह से फूड प्वॉइजनिंग की समस्या (Home remedies for food poisoning) होती है।
हालांकि, फूड प्वॉइजनिंग की समस्या को नजरअंदाज करना सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा होगा। इसमें शरीर का पानी कम हो जाता है, इसलिए डॉक्टर फूड प्वॉइजनिंग होने पर अधिक पानी और अन्य लिक्विड लेने की सलाह देते हैं। दरअसल, पानी पीने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकाल जाते हैं। आप कुछ आसान से घरेलू उपायों को आजमाकर भी फूड प्वॉइजनिंग (Home remedies for food poisoning) की समस्या को दूर कर सकते हैं-
अदरक में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होता है जो पेट से जुड़ी कई समस्याओं को कम करता है, जिसके कारण फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण भी कम हो जाते हैं। इससे शरीर के टॉक्सिंस बाहर आ जाते हैं। खाने के बाद रोजाना अदरक वाली चाय पीने से इस समस्या से राहत मिल सकती है।
सेब का सिरका एसिडिक होता है, जिसमें एल्कलाइन इफेक्ट होता है जो शरीर को मेटाबोलाइज्ड रखता है। यह फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण को कम करता है। इसके अलावा यह पेट के बैक्टीरिया से भी लड़ने में मदद करता है। गर्म पानी में सेब के सिरका को मिलाकर पाने से फूड प्वॉइजनिंग से राहत मिलती है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवसः दूषित खाना है जानलेवा, होती हैं ये बीमारियां
तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है जो एब्डॉमिनल डिसकम्फर्ट से राहत दिलाता है। इसके अलावा इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण भी होता है जो माइक्रोऑर्गेनिज्म से लड़ता है और फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण को (Home remedies for food poisoning) कम करता है। एक चम्मच तुलसी और शहद को खाने से जल्द राहत मिलेगा।
नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आपको फूड प्वॉइजनिंग के कारण हो रही परेशानी से राहत दिलाते हैं। एक चम्मच चीनी और नींबू के रस को दिन में 3 बार पिएं। इससे आपको जल्द असर पता चलेगा।
मेथी के बीज और दही में एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो उन बैक्टीरिया और फंगस से लड़ता है, जिसके कारण फूड प्वॉइजनिंग की समस्या कम हो जाती है। एक चम्मच मेथी का बीज और दही को मिलाकर खाने से भी इस समस्या से आराम मिलता है।