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Written By: Atul Modi | Published : June 4, 2021 5:22 PM IST
कोरोनावायरस की तरह ही स्वाइन फ्लू भी एक वायरस है जो H1N1 वायरस के कारण होता है।
यदि एक फेरिटिन टेस्ट (Ferritin Test) सामान्य स्तर से अधिक दर्शाता है, तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपके पास एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण आपके शरीर में बहुत अधिक आयरन जमा हो जाता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या कोरोनावायरस रोगियों को फेरेटिन ब्लड टेस्ट कराना चाहिए? अगर आपको भी यह सवाल परेशान कर रहा है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस लेख में हम आपको इसकी पूरी जानकारी देंगे। तो क्या आप तैयार हैं? चलिए तो बिना समय बर्बाद किए आगे बढ़ते हैं।
फेरिटिन एक रक्त प्रोटीन (Blood Protein) है जिसमें आयरन होता है। एक फेरिटिन टेस्ट आपके डॉक्टर को यह समझने में मदद करता है कि आपके शरीर में कितना आयरन जमा है।
यदि एक फेरिटिन टेस्ट से पता चलता है कि आपके शरीर में यह सामान्य से कम है, तो यह इंगित करता है कि आपके शरीर में आयरन का भंडार कम हैं या आयरन की कमी है। नतीजतन, आप एनीमिक (Anemic) हो सकते हैं। ऐसे में आपको कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं जिनमें शामिल हैं:
यदि एक फेरिटिन टेस्ट सामान्य स्तर से अधिक दर्शाता है, तो यह संकेत दे सकता है कि आपके पास एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण आपके शरीर में बहुत अधिक आयरन जमा हो जाता है। यह लिवर रोग, रूमेटाइड अर्थराइटिस, हाइपरथायरायडिज्म, कुछ प्रकार के कैंसर की ओर भी इशारा कर सकता है और सबसे महत्वपूर्ण इस महामारी में, यह एक इन्फ्लेमेट्री प्रक्रिया का सुझाव भी देता है। बढ़े हुए फेरिटिन के स्तर का सबसे आम कारण मोटापा, सूजन और दैनिक शराब का सेवन है। आनुवंशिक से संबंधित ऊंचे फेरिटिन के स्तर का सबसे आम कारण हेमोक्रोमैटोसिस (hemochromatosis) की स्थिति है।
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