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Eczema Ko Lekar WHO Ki Report Kya Kehti Hai: त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं जिनका हम कभी न कभी सामना जरूर करते हैं, इन्हें में से एक है एक्जिमा। यह दिखने में ऐसा लगता है जैसे आम हो, क्योंकि इस दौरान स्किन पर बहुत खुजली होती है और त्वचा लाल हो जाती है। आप कहेंगे कि ऐसा तो सबके साथ होता है, भला स्किन रब करने पर तो लाल होगी ही। लेकिन नहीं, जब आपको ज्यादा व तेज खुजली हो, स्किन पर रेड, ब्राउन, ग्रे या बैंगनी कलर के चकत्ते हो जाएं और खुजली करने पर स्किन का वह हिस्सा उभरा हुआ और छिला हुआ नजर आए तो इसे एक्जिमा कहते हैं।
इस विषय पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन्स फॉर प्राइमरी हेल्थ केयर की एक रिपोर्ट निकाली और उसमें एक्जिमा को परिभाषित करते हुए बताया कि 'एक्जिमा त्वचा की एक लंबे समय तक रहने वाली (क्रॉनिक) बीमारी है। यह आमतौर पर एलर्जी से संबंधित होता है और रोगी को त्वचाशोथ, अस्थमा या हे फीवर का पारिवारिक इतिहास हो सकता है।स्टेफिलोकोकस से द्वितीयक संक्रमण एक्जिमा के किसी भी रूप के साथ हो सकता है।' आइए हम इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
WHO की रिपोर्ट एक्जिमा कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण हो सकता है, जैसे कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस और सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस यानी डैंड्रफ। इनमें से कई मामलों का संबंध एलर्जी से होता है और ऐसे मरीजों के परिवार में पहले से डर्मेटाइटिस, अस्थमा या हे फीवर (एलर्जिक राइनाइटिस) की समस्या हो सकती है। एक्जिमा के किसी भी प्रकार में स्टैफिलोकोकस बैक्टीरिया से सेकेंडरी इंफेक्शन भी हो सकता है।
एक्जिमा में त्वचा पर लाल धब्बे, छोटे उभरे दाने और पानी भरे छोटे फफोले दिखाई दे सकते हैं। ये आपस में मिलकर बड़े पैच या मोटे चकत्तों का रूप ले सकते हैं, जिनकी सीमाएं साफ-साफ नहीं होतीं। इस बीमारी में खुजली सबसे प्रमुख लक्षण होती है। एक्यूट एक्जिमा में त्वचा से पानी या तरल निकल सकता है। क्रोनिक एक्जिमा में त्वचा रूखी और पपड़ीदार हो जाती है।बचपन और किशोरावस्था में यह समस्या आमतौर पर कोहनी और घुटनों के अंदरूनी हिस्सों तथा गर्दन की सिलवटों में दिखाई देती है।
एक्जिमा पहचान आमतौर पर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच के आधार पर की जाती है। इसमें पहले से मौजूद किसी भी त्वचा रोग को पहचानकर उसका इलाज करना और खुजली को कंट्रोल करना ताकि मरीज त्वचा को बार-बार खुजलाने से बच सके। इस उद्देश्य से एक्जिमा का इलाज किया जाता है ताकि समस्या अधिक गंभीर न हो।
WHO की रिपोर्ट कहती है कि मरीज को सलाह दी जाती है कि वह कॉटन, लिनेन और दूसरे नेचुरल फैब्रिक के कपड़े पहने, ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे और ज्यादा गर्मी न लगे। साथ ही आप अपने नाखून छोटे रखें, त्वचा को खुजलाने से बचें, प्रभावित हिस्सों को धूप में थोड़ा एक्सपोज करें और साबुन से बचें, क्योंकि इससे त्वचा और ड्राई हो सकती है। इसकी जगह मॉइस्चराइजिंग बॉडी वॉश इस्तेमाल करें नहाने का समय कम रखें और नहाने के तुरंत बाद त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं।
साथ ही-
अगर 3 दिन के अंदर जिंक ऑइंटमेंट से फायदा न हो या एक्जिमा ज्यादा गंभीर हो तो-
अगर इससे फायदा हो जाए-
अगर 7 दिन में भी हाइड्रोकोर्टिसोन से फायदा न हो या एक्जिमा ज्यादा गंभीर हो तो-
ध्यान दें कि यह दवा हेल्थ पोस्ट स्तर पर इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। इसे चेहरे, गर्दन और त्वचा की सिलवटों पर न लगाएं। अगर आपको इससे फायदा होता है तो धीरे-धीरे बेटामेथासोन ऑइंटमेंट कम करें और इलाज को कैलामाइन ऑइंटमेंट से जारी रखें। ज्यादा खुजली होने पर क्लोरफेनिरामाइन (Chlorpheniramine) मुंह से लेने वाली दवा दी जा सकती है (4mg टैबलेट; 2 mg/5 mL सस्पेंशन)
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।