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Written By: Anshumala | Updated : January 4, 2021 5:55 PM IST
Disease X: कोरोना से भी खतरनाक डिजीज के होने का बढ़ा खतरा, इबोला की खोज करने वाले वैज्ञानिक ने किया खुलासा
What is Disease X: कोरोनावायरस (Coronavirus) का वैक्सीन (Vaccine) बनने के बाद सबको लगने लगा था कि अब इस खतरनाक वायरस से पीछा छूटने वाला है, क्योंकि पिछले एक साल में इस महामारी ने दुनिया भर में लाखों लोगों की जान ली है और करोड़ों को संक्रमित किया है। दुनिया भर में बने विभिन्न टीकों के आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई है और टीकाकरण रोलआउट की योजना भी बनाई जा रही है। लेकिन, इन अच्छी खबरों के बावजूद भी लगता है जैसे दुनिया से खतरनाक वायरस और बीमारियों के होने का खतरा कभी नहीं टलेगा। भविष्य में करोनो से भी अधिक खतरनाक बीमारी के होने का खतरा मंडरा रहा है। इस बात की चेतावनी इबोला की खोज करने वाले वैज्ञानिक ने दी है। इस डेडली वायरस को ''डिजीज एक्स'' (Disease X in Hindi) टर्म दिया है। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, बहुत जल्द दुनिया इस डेडली वायरस की मार झेल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है यह जानलेवा वायरस या ''डिजीज एक्स'' कोरोना से भी तेजी से फैलता है और इबोला वायरस (Ebola Virus) की ही तरह खतरनाक है। इस बात का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि उस साइंटिस्ट ने किया है, जिसने 1976 में इबोला वायरस की खोज की थी। साइंटिस्ट का नाम है Jean-Jacques Muyembe-Tamfum। उनके अनुसार, हर किसी को सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि निकट भविष्य में अधिक घातक बीमारियों की खोज होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 'रोग एक्स' काल्पनिक है, लेकिन घातक हो सकता है और दुनिया भर में कहर बरपाते हुए एक और महामारी का कारण बन सकता है। टैमफम ने यह भी कहा कि अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों (Africa's tropical rainforests) से नए और संभावित घातक वायरस उभर रहे हैं।
कई रोग ऐसे हैं, जो जानवरों से मनुष्यों में फैल सकते हैं और ये सभी जीवन को खतरे में डालने की क्षमता रखते हैं। अतीत में हुई ऐसी घटनाओं के बारे में बात करते हुए टैमफम ने कहा, यलो फीवर (Yellow fever), इन्फ्लूएंजा, रेबीज और यहां तक कि COVID-19 जैसी बीमारियां जानवरों से मनुष्यों में आई हैं और महामारी का कारण बनीं हैं। लेकिन, भविष्य की महामारी कोविड-19 (COVID-19) से भी बदतर हो सकती है।
डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक मरीज में रक्तस्रावी बुखार (Hemorrhagic Fever) के शुरुआती लक्षण दिखाई दिए थे। मरीज का इबोला टेस्ट किया गया, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि यह 'डिजीज एक्स' का लक्षण हो सकता है। एक बार इस बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ा, तो कोविड महामारी से भी अधिक दुनिया भर में परेशानी का कारण बन सकता है। वैसे, उस मरीज का इबोला टेस्ट भी नेगेटिव आया और रिपोर्ट से पता चलता है कि यह नया पैथोजेन (pathogen) कोरोना (COVID-19) की तरह ही तेजी से फैल सकता है।
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