... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 22, 2018 5:29 PM IST
यह संक्रमण बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है।
डिप्थीरिया एक संक्रामक जीवाणु रोग है जो गले और श्वांस नली को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया के इंफेक्शन से एक जहर भी पैदा हो सकता हे जो अन्य अंगों को प्रभावित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार यह बीमारी 5-10% मामलों में जानलेवा होती है। डिफ्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है, यह संक्रमण से फैलती है, इसकी चपेट में ज्यादातर बच्चे आते हैं। इंफेक्शन से फैलने वाली यह बीमारी किसी भी आयुवर्ग को हो सकती है।
डिफ्थीरिया क्या है
डिफ्थीरिया को गलघोंटू नाम से भी जाना जाता है। यह कॉरीनेबैक्टेरियम डिफ्थीरिया बैक्टीरिया के इंफेक्शन से होता है। इसके बैक्टीरिया टांसिल व श्वास नली को संक्रमित करता है। संक्रमण के कारण एक ऐसी झिल्ली बन जाती है, जिसके कारण सांस लेने में रुकावट पैदा होती है और कुछ मामलों में तो मौत भी हो जाती है। यह बीमारी बड़े लोगों की तुलना में बच्चों को अधिक होती है। इस बीमारी के होने पर गला सूखने लगता है, आवाज बदल जाती है, गले में जाल पड़ने के बाद सांस लेने में दिक्कत होती है। इलाज न कराने पर शरीर के अन्य अंगों में संक्रमण फैल जाता है। यदि इसके जीवाणु हृदय तक पहुंच जाये तो जान भी जा सकती है। डिफ्थीरिया से संक्रमित बच्चे के संपर्क में आने पर अन्य बच्चों को भी इस बीमारी के होने का खतरा रहता है।
ये भी पढ़ेंः अंगूठा चूसने वाले बच्चों को होते हैं ये पांच साइड-इफेक्ट्स।
डिफ्थीरिया के लक्षण
डिफ्थीरिया के कारण
ये भी पढ़ेंः गर्मी में बच्चों को अंडा खिलाना ठीक है या नहीं ?
डिफ्थीरिया का उपचार