डिजिटल Eye Strain क्या है? डॉक्टर से जानिए बड़ों से लेकर बच्चों में भी क्यों बढ़ रही है ये समस्या

आज जब सबकुछ डिजिटल हो रहा है तब टेक्नोलॉजी का असर लोगों की हेल्थ पर भी पड़ रहा है। जैसे डिजिटल गैजेट्स का इस्तेमाल करने से आंखों में भी कई तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 7, 2025 7:05 PM IST

What is digital eye strain-कम्प्यूटर्स, स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट आज लोगों की जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बन गए हैं। ना केवल ऑफिस का काम बल्कि, स्टडीज से लेकर डॉक्टर की अपॉइंटमेंट भी ऑनलाइन होने लगी है। ऐसे में लाजमी है कि लोग दिन में बहुत सारा समय स्क्रीन के सामने बिताते हैं। ऑनलाइन रहकर अपने काम करना आपके लिए भले ही सुविधाजनक हो लेकिन, यह आपकी आंखों के लिए ठीक नहीं। गैजेट्स का बहुत अधिक इस्तेमाल करने से आपको डिजिटल आई स्ट्रेन (Digital Eye Strain) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पहले यह समस्या केवल उन वयस्कों में देखी जाती थी जो कम्प्यूटर का इस्तेमाल करते थे। लेकिन, अब युवाओं और बच्चों में भी डिजिटल आई स्ट्रेन की परेशानी बढ़ रही है। आई हेल्थ एक्सपर्ट और सीनियर ओफ्थल्मोलॉजिस्ट डॉ. विद्या राय चौधरी (Dr. Vidya Nair Chaudhry, Senior Consultant, Ophthalmology, Aakash Healthcare, Dwarka, Delhi ) बता रही हैं कि लोगों में डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या बढ़ रही है। साथ ही जानतें हैं कि इस परेशानी से बचने के उपाय और जरूरी सावधानियां।

डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण क्या हैं?

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से  लोगों की आंखों को नुकसान हो सकता है। जिससे इस तरह की समस्याएं दिख सकती हैं-

एक्सपर्ट का कहना है कि यह समस्या अब सिर्फ ऑफिस कर्मचारियों तक सीमित नहीं, बल्कि स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है।

बच्चों और युवाओं में डिजिटल आई स्ट्रेन का खतरा क्यों बढ़ रहा है?

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन क्लास, गेमिंग और सोशल मीडिया के कारण 6-18 साल की उम्र के बच्चों में डिजिटल आई स्ट्रेन के मामले बढ़े हैं। लगातार स्क्रीन पर देखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे पास की वस्तु देखने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।

डॉ. विद्या राय चौधरी के अनुसार,  "बच्चों की आंखें बचपन कमजोर होती है क्योंकि वे विकसित होने की अवस्था में होती हैं। ज्यादा समय स्क्रीन पर बिताने से न केवल आंखों में तनाव बढ़ता है बल्कि मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का खतरा भी बढ़ जाता है।"

आंखों को स्क्रीन के नुकसान से बचाने  के उपाय क्या हैं?

विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि डिजिटल आई स्ट्रेन से बचने के लिए20-20-20 नियम अपनाना जरूरी है। हर 20 मिनट बाद, 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें। इसी तरह इन बातों का भी ख्याल रखें-

  • स्क्रीन का ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट कमरे की रोशनी के अनुसार रखें।
  • डिवाइस को आंखों के स्तर से थोड़ा नीचे रखें।
  • स्क्रीन से कम से कम 18-24 इंच की दूरी बनाए रखें।
  • पर्याप्त नींद लें और आंखों को आराम दें।

ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए सुझाव

  • काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें।
  • स्क्रीन फिल्टर या एंटी-ग्लेयर चश्मे का इस्तेमाल करें।
  • लेंस और चश्मे को साफ रखें।
  • स्क्रीन पर नीली रोशनी (Blue Light) कम करने के लिए नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टर ऑन करें।

बच्चों की आंखों को स्वस्थ रखने के लिए टिप्स

माता-पिता को चाहिए कि बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखें और उन्हें घर के बाहर जाकर पार्क और खुली जगहों पर खेलने और आउटडोर एक्टिविटीज में हिस्सा लेने के लिए मोटिवेट करें।  डॉक्टर सलाह देती हैं कि, "बच्चों को दिन में कम से कम 1-2 घंटे बाहर  प्राकृतिक रोशनी में खेलने दें। इससे उनकी आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और नजदीक की नजर कमजोर होने का रिस्क भी कम होता है।"

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण क्या हैं?

डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या  में ये आमतौर पर  आंखों में थकान, सिरदर्द, आंखों में सूखापन और आंखों में  धुंधलापन और गर्दन में दर्द जैसे लक्षण दिखायी दे सकते हैं।  

लैपटॉप और मोबाइल के इस्तेमाल के नुकसान क्या हैं?

टीवी और मोबाइल जैसे गैजेट्स का इस्तेमाल  लंबे समय तक देखने से  आंखों को नुकसान हो सकता है और डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या हो सकती है।  

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