
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : August 19, 2025 12:54 PM IST
Medically Verified By: Dr. Alok Joshi
What is Diabetes in Hindi: डायबिटीज क्या होता है? आपको बता दें कि डायबिटीज एक मेटाबॉलिक रोग है, जिससे आजकल अधिकतर लोग जूझ रहे हैं। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो इस स्थिति को डायबिटीज यानी मधुमेह कहा जाता है। आमतौर पर ज्यादातर लोग टाइप 2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं। यानी यह डायबिटीज का सबसे आम प्रकार है। डायबिटीज तब होता है, जब शरीर में इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पाता है। या शरीर, इंसुलिन का उस तरीके से उपयोग नहीं कर पाता है, जिस तरह से करना चाहिए। विश्व संगठन के अनुसार, डायबिटीज रोग हार्ट हेल्थ, ब्लड वेसल्स, आंखों, किडनी और नसों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए डायबिटीज का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है। आइए, मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग में डायबिटीज एंड मेटाबॉलिक डिजीज डिपार्टमेंट में सीनियर डायरेक्टर डॉ. आलोक जोशी से जानते हैं डायबिटीज और इसके प्रकार-
यह एक प्रकार का डायबिटीज है। इस प्रकार के डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का उत्पादन बिल्कुल नहीं करता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में जब इंसुलिन का उत्पादन नहीं हो पाता है तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। इस स्थिति में टाइप 1 डायबिटीज विकसित होता है। सेंट्रल ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित लगभग 5-10 फीसदी लोगों में टाइप 1 होता है।
टाइप 2 डायबिटीज, टाइप 1 डायबिटीज की तुलना में ज्यादा आम है। ज्यादातर लोगों में टाइप 2 डायबिटीज देखने को मिलता है। जब शरीर इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं करती है, तो इस स्थिति में टाइप 2 डायबिटीज रोग होता है। इसे इंसुलिन प्रतिरोध भी कहा जाता है। डायबिटीज के 90 फीसदी से ज्यादा मामले टाइप 2 डायबिटीज के दर्ज होते हैं। यानी टाइप 2 डायबिटीज लोगों में ज्यादा तेजी से विकसित हो रहा है।
गेस्टेशनल डायबिटीज यानी गर्भावस्था के दौरान होने वाला डायबिटीज। यह डायबिटीज प्रेग्नेंसी के दौरान होता है। ज्यादातर मामलों में इस प्रकार का डायबिटीज, बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाता है। लेकिन, कई महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान टाइप 2 डायबिटीज का खतरा अधिक बना रहता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
डायबिटीज में इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज रोग हो सकता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो अग्न्याशय द्वारा बनाया जाता है।
डायबिटीज का इलाज दवाइयों के किया जाता है। इसके साथ रेगुलर एक्सरसाइज करें। साथ ही, तनाव कम करें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान दें।
डायबिटीज की वजह से हृदय और किडनी रोगों का जोखिम बढ़ता है। इस स्थिति में आंखों की रोशनी कम हो सकती है। नसों में भी कमजोरी आने लगती हैं।
बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, धुंधली दृष्टि और घावों का धीरे-धीरे भरना आदि डायबिटीज के लक्षण हैं।