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अमेरिका में बढ़ रहे Cyclospora के मामले, जानें सतर्क रहना क्यों है जरूरी

अमेरिका में साइक्लोस्पोरा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन 843 कन्फर्म्ड केस वाली इस बीमारी के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 14, 2026 4:02 PM IST

एक ओर जहां मध्य अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और इसके पड़ोसी देश युगांडा में इबोला बीमारी का फैलाव बढ़ रहा है। वहीं अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण (Cyclosporiasis) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइक्लोस्पोरा छोटी आंत को संक्रमित करता है। बता दें कि अमेरिका में साइक्लोस्पोरा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश के 31 राज्यों में इसके मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2026 तक 31 राज्यों में संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं।

भले ही यह संक्रमण अमेरिका में फैल रहा हो, लेकिन भारत में भी समय रहते सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। इससे पहले हमें पता होना चाहिए साइक्लोस्पोरा क्या है, कैसे फैलता है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है? आज हम आपको इस विषय पर थोड़ा विस्तार से बताने वाले हैं। आइए उससे पहले हम साइक्लोस्पोरा के अमेरिका में आए आंकड़ों के बारे में जानते हैं।

अमेरिका में क्यों बढ़ रही है चिंता?

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) ने 9 जुलाई तक के आंकड़े दिए हैं। इसमें 843 लैब-कन्फर्म्ड केस हैं और अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 86 है। CDC का कहना है कि राज्यों में साइक्लोस्पोरियासिस के मामले CDC के डेटा में दिखाए गए आंकड़ों से ज्यादा हो सकते हैं। जैसे-जैसे और मामलों की पुष्टि हो रही है, CDC आंकड़ों को अपडेट करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

साइक्लोस्पोरा क्या है?

सीडीसी की Clinical Overview of Cyclosporiasis रिपोर्ट के अनुसार साइक्लोस्पोरियासिस आंतों की एक बीमारी है जो साइक्लोस्पोरा कैयटेनेन्सिस नाम के बहुत ही छोटे माइक्रोस्कोपिक जीव होता है। इसे साइक्लोस्पोरा भी कहा जाता है। लोग इस पैरासाइट वाले खाने या पानी के सेवन से संक्रमित हो सकते हैं। साइक्लोस्पोरियासिस आमतौर पर जानलेवा नहीं होती है। यह दूषित ताजे फल, पत्तेदार हरी सब्जियां और सलाद के जरिए तेजी से लोगों को बीमार कर रहा है।

साइक्लोस्पोरा के क्या लक्षण हैं?

साइक्लोस्पोरा छोटी आंत को संक्रमित करता है और आमतौर पर इससे पानी की तरह दस्त होता है, जिसमें बार-बार और कभी-कभी तेजी से मल त्याग भी करना पड़ता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति में ये लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। जैसे-

  • भूख न लगना
  • वजन कम होना
  • पेट में ऐंठन/पेट फूलना
  • गैस ज्यादा बनना
  • जी मिचलाना
  • लंबे समय तक थकान महसूस होना
  • उल्टी
  • शरीर में दर्द
  • हल्का बुखार
  • फ्लू जैसे अन्य लक्षण

अगर इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी कुछ दिनों से लेकर एक महीने या उससे ज्यादा समय तक रह सकती है और इसमें लक्षण कभी ठीक हो सकते हैं तो कभी वापस आ सकते हैं।

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

वैसे तो यह संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन फिर भी कुछ लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। जैसे-

  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग
  • गर्भवती महिलाएं
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
  • कैंसर या अंग प्रत्यारोपण के मरीज
  • HIV/AIDS से पीड़ित व्यक्ति

इन लोगों में लगातार दस्त के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ सकता है।

कैसे करें बचाव?

संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि ऐसे खाने या पानी का सेवन न किया जाए जो मल से दूषित हो सकता है। सुरक्षित रूप से खाना बनाने और उसे स्टोर करने के लिए खाद्य सुरक्षा संबंधी सुझावों का पालन करें। यदि ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें या दस्त लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि फिलहाल यह स्थिति अमेरिका तक सीमित है, लेकिन दूषित भोजन और पानी से फैलने वाले संक्रमणों से बचाव के लिए हर देश में खाद्य स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल का ध्यान रखना जरूरी है। यदि लगातार दस्त, पेट दर्द या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।