
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : April 8, 2025 10:10 AM IST
Cushing Syndrome In Hindi: मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी को बचपन से ही कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां है, जिसमें कुशिंग सिंड्रोम भी शामिल है। कुशिंग सिंड्रोम एक हार्मोनल विकार होता है, जो आमतौर पर शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के अधिक होने के कारण होता है। आपको बता दें कि कुशिंग सिंड्रोम के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 8 अप्रैल को 'कुशिंग सिंड्रोम डे' भी मनाया जाता है। यह सिंड्रोम उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जो अधिक दवाइयों का सेवन करते हैं या विशेष रूप से अत्यधिक कमजोर होते हैं। इस बीमारी से सबसे ज्यादा बच्चे, युवा और वयस्क प्रभावित होते हैं। यह एक दुर्लभ बीमारी है, इसलिए इससे बचाव भी बेहद जरूरी है। आज इस लेख में हम आपको कुशिंग सिंड्रोम के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में बताने जा रहे हैं।
कुशिंग सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जब आपके शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर अधिक बढ़ जाता है। इसे हाइपरकोर्टिसोलिज्म भी कहा जाता है। कोर्टिसोल हार्मोन आपके शरीर में तनाव अधिक बढ़ाता है, जिससे आपकी हृदय की गति और रक्तचाप बढ़ने लगता है। साथ ही, मांसपेशियों में तनाव भी बढ़ने लगता है। इस बीमारी से लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं और 30 प्रतिशत पुरुष प्रभावित होते हैं।
कुशिंग सिंड्रोम के लक्षणों में चेहरे का बहुत ज्यादा गोल होना, मोटा कूबड़, घाव का ठीक न होना, त्वचा पर गुलाबी या बैंगनी रंग के स्ट्रेच मार्क्स, कमजोरी और थकान महसूस होना, कमजोर मांसपेशियां और पतले हाथ और पैर जैसे लक्षण रोगी में दिखाई देते हैं। कुशिंग सिंड्रोम के कारण हाई ब्लड प्रेशर या टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
जैसा कि हम लेख में ऊपर बता चुके हैं कि यह बीमारी शरीर में अत्यधिक कोर्टिसोल होने के कारण होता है। इस बीमारी का मुख्य कारण अत्यधिक ग्लूकोकॉर्टिकॉइड दवाइयों का सेवन करने से हो सकता है। ये दवाएं अक्सर शरीर में सूजन को कम करने, अस्थमा, एलर्जी और कुछ त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इसके अलावा, कुशिंग सिंड्रोम पिट्यूटरी या एड्रिनल ग्रंथि में वृद्धि के कारण भी हो सकता है। एड्रेनल कॉर्टिकल ट्यूमर सहित कुछ अन्य प्रकार के ट्यूमर के कारण भी ये बीमारी हो सकती है।
कुशिंग सिंड्रोम के इलाज का सबसे मुख्य स्टेप हाई कॉर्टिसोल के स्तर को कम करना होता है। यदि आप अत्यधिक स्टेरॉयड दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर दवाइयों की डोज को कम कर सकते हैं या बंद कर सकते हैं। यदि किसी ट्यूमर के कारण कुशिंग सिंड्रोम है, तो डॉक्टर ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी और अत्यधिक कॉर्टिसोल को रोकने के लिए दवा का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिंकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।