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क्रायोएब्लेशन क्या है? जानें ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में कैसे असरदार है यह सर्जरी

इसमें बहुत कम तापमान का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को मारा जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतली सुई जैसी डिवाइस (क्रायोप्रोब) को ट्यूमर के अंदर डाला जाता है।

क्रायोएब्लेशन क्या है? जानें ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में कैसे असरदार है यह सर्जरी
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Jyoti Arora

Written by Anju Rawat |Updated : March 9, 2026 3:31 PM IST

Breast Cancer Treatment Cryoablation: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। भारत में हर साल लाखों महिलाएं इस बीमारी से अपनी जान गवांते हैं। लेकिन, अगर ब्रेस्ट कैंसर का समय पर जांच और इलाज किया जाए, तो इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करने के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और हार्मोन थेरेपी का उपयोग किया जाता है। लेकिन, अब कैंसर का इलाज करने के लिए कई नई तकनीकें आ गई हैं। इनमें से एक तकनीक है- क्रायोएब्लेशन (Cryoablation)। यह तकनीक शुरुआती स्टेज में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में काफी मददगार साबित हो रही है। हाल ही में Apollo Athenaa Women's Cancer Centre की तरफ से ऑर्गेनाइज हुए कॉन्क्लेव में प्रिंसिपल लीड डॉ. ज्योति अरोड़ा ने क्रायोएब्लेशन पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि क्रायोएब्लेशन कैसे काम करता है और ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में इसे कितना असरदार माना जाता है।

क्रायोएब्लेशन क्या है?

क्रायोएब्लेशन एक मेडिकल प्रक्रिया है। इसमें बहुत कम तापमान का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को मारा जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतली सुई जैसी डिवाइस (क्रायोप्रोब) को ट्यूमर के अंदर डाला जाता है। इसके जरिए बहुत ठंडी गैस छोड़ी जाती है। इसकी वजह से ट्मूयर के आसपास का तापमान गिर जाता है और कैंसर कोशिकाएं जमकर नष्ट हो जाती हैं। यह ट्रीटमेंट आमतौर पर अल्ट्रासाउंड या इमेजिंग तकनीक की मदद से होती है।

ब्रेस्ट कैंसर में क्रायोएब्लेशन कैसे काम करता है?

आपको बता दें कि ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में क्रायोएब्लेशन, टार्गेटेड थेरेपी की तरह काम करता है। इसमें पूरे ब्रेस्ट पर सर्जरी करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले इमेजिंग तकनीक की मदद से ट्यूमर की जगह का पता लगाया जाता है। इसके बाद, क्रायोप्रोब को त्वचा के जरिए ट्यूमर के अंदर डाला जाता है। फिर इस डिवाइस के अंदर से बहुत ठंडी गैस छोड़ी जाती है। इससे ट्यूमर के आस-पास बर्फ जैसा बन जाता है। यह बर्फ कैंसर कोशिकाओं को जमा देता हैं और इससे कैंसर सेल्स धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं। फिर कुछ समय बाद शरीर का इम्यून सिस्टम इन डेड सेल्स को धीरे-धीरे साफ कर देता है।

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किन मरीजों के लिए फायदेमंद है क्रायोएब्लेशन?

क्रायोएब्लेशन हर ब्रेस्ट कैंसर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता है। इसे शुरुआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर में ज्यादा प्रभावी माना जाता है। आमतौर पर इस तकनीक का उपयोग इन मरीजों के लिए किया जाता है:

  • जिनका ट्यूमर छोटा होता है
  • जब ट्यूमर शुरुआती चरण में होता है
  • उम्रदराज रोगी, जिनके लिए बड़ी सर्जरी जोखिम भरी होती है।

हालांकि, यह तकनीक किस मरीज के लिए सही है या नहीं, इसका फैसला डॉक्टर जांच के बाद ही करते हैं।

क्रायोएब्लेशन के फायदे

क्रायोएब्लेशन तकनीक की मदद से ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है। इस प्रक्रिया के कई फायदे हैं-

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  • इस प्रक्रिया में बड़ी सर्जरी या चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। सिर्फ एक छोटी-सी सुई की मदद से ही ट्यूमर को नष्ट कर दिया जाता है।
  • यह प्रक्रिया कम दर्दनाक होती है। इसे करने के लिए लोकल एनेस्थीसिया दिया जाता है।
  • क्रायोएब्लेशन के जरिए इलाज करने वाले मरीज सामान्य दिनचर्या में जल्दी लौट आते हैं।
  • इसमें चीरा नहीं लगाया जाता है और त्वचा पर निशान नहीं पड़ते हैं।
  • कई मामलों में इस तकनीक से ब्रेस्ट कैंसर का इलाजकरने के बाद मरीज उसी दिन घर लौट सकता है।

Highlights:

  • ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए क्रायोएब्लेशन का उपयोग किया जा सकता है।
  • इस तकनीक की मदद से ट्यूमर को फ्रीज करके नष्ट किया जाता है।
  • किस ब्रेस्ट कैंसर के मरीज का इलाज इस तकनीक से करना है, इसका निर्णय डॉक्टर लेते हैं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।