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नसों का 'शॉर्ट सर्किट' है CRPS; अर्चना पूरण सिंह की बीमारी से समझें फ्रैक्चर के बाद के दर्द का खतरा

Complex Regional Pain Syndrome: कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम एक बेहद गंभीर और दर्द का कारण बनने वाली कंडीशन है, जो आमतौर पर फ्रैक्चर या किसी सर्जिकल प्रोसीजर के बाद ज्यादा देखी जाती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 13, 2026 3:26 PM IST

CRPS Kya Hai: नेटफ्लिक्स के “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” की जज अर्चना पूरन सिंह को कौन नहीं जानता, पूरा भारत उनके ठहाकों का फैन है। लेकिन उनके जोर-जोर से ठहाकों के पीछे जो दर्द छिपा है, उसके बारे में शायद बहुत ही कम लोग जानते हैं। दरअसल अर्चना पूरन सिंह को हुई बीमारी CRPS (कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम) कोई आम बीमारी नहीं है, बल्कि एक बेहद दर्दनाक और परेशान कर देने वाली हेल्थ कंडीशन है। यह एक तंत्रिंकाओं से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी है यानी एक रेयर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें होने वाला दर्द बेहद ज्यादा होता है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, क्योकि शरीर के किसी हिस्से में फ्रैक्चर के बाद इसके होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। लेकिन बहुत ही कम लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है और इस लेख में हम आपको इस न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के बारे में कुछ खास जानकारियां देने वाले हैं।

क्या है सीआरपीएस

कॉम्प्लेक्स रिजनल पेन सिंड्रोम एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो आमतौर पर बांह, टांग, हाथ या पैर में होता है। यह एक क्रोनिक पेन कंडीशन है यानी ऐसी बीमारी है, जिसमें लंबे समय तक दर्द रहता है लेकिन ज्यादातर क्रोनिक डिजीज की तरह इसका दर्द कम नहीं बल्कि ज्यादा होता है। इस बीमारी का प्रमुख लक्षण दर्द होता है, जिसमें लंबे समय तक मरीज को तेज और चुभन वाला दर्द रहता है और कई बार आम दर्द की दवाओं से भी यह ठीक नहीं हो पाता है।

क्यों होता है सीआपीएस

हालांकि, इस पेन डिसऑर्डर के सटीक कारण का पता नहीं लग पाया है और अभी तक भी इस पर रिसर्च चल रहे हैं। हालांकि, रिसर्च से मिली जानकारी के अनुसार किसी चोट, सर्जरी, गांठ या फोड़े आदि के कारण अगर सेंट्रल और पेरिफेरल नर्व सिस्टम आपस में गलत तरीके से इंटरएक्ट करते हैं, तो उससे दर्द शुरु हो जाता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि क्योंकि गलत इंटरएक्शन के दौरान या तो नर्व ओवरएक्टिव हो जाती है या फिर पेन सिग्नल किसी कारण से बढ़ जाता है।

सीआरपीएस के लक्षण

इस समस्या की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में और किसी भी कारण से हो सकता है। लेकिन शरीर के किसी अंग (खासतौर पर हाथ, पैर, बांह या टांग) में चोट लगने, सर्जरी होने, गांठ या फोड़ा बनने के बाद दर्द हो रहा है और दर्द बहुत तेज व चुभन वाला है तो यह इसका संकेत हो सकता है। लेकिन दर्द की गंभीरता चोट की गंभीरता पर भी निर्भर करती है और दर्द आमतौर पर किसी अन्य समस्या के कारण भी तेज हो सकता है। ऐसे में आपको देखना होगा कि अगर तेज दर्द लंबे समय से हो रहा है और पेनकिलर दवाएं भी ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं, तो यह सीआरपीएस का संकेत हो सकता है।

सीआरपीएस का इलाज

यह एक ऐसी पेन कंडीशन है, जिसका कोई एक सटीक इलाज नहीं होता है। दर्द कितना गंभीर है और किस हिस्से में दर्द हो रहा है, इस पर निर्भर करता है। इस समस्या का इलाज करने के लिए आमतौर पर अलग-अलग पेन कंट्रोल थेरेपी जैसे फिजिकल थेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी आदि का इस्तेमाल किया जाता है। पेन किलर दवाएं दी जाती है और उसके साथ-साथ एंटीडिप्रेसांट्स और एंटीकन्वलसांट्स दवाओं आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा भी इसके इलाज के लिए काफी अलग-अलग विकल्प अपनाए जाते हैं, जो स्थिति के अनुसार ही निर्धारित किए जाते हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।