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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 22, 2020 7:57 PM IST
Congenital Heart Disease : भारत में हर साल 10% बच्चों की इस बीमारी से हो जाती है मौत, जानें क्या है ये रोग और इसकी वजह
Congenital Heart Disease : देश में लगातार तेजी से हृदय विकार का खतरा बढ़ता जा रहा है। भारत में हर साल 17 लाख लोगों की हृदय रोग से मौत हो जाती है। एक रिसर्च के मुताबिक, 1000 में से 10 बच्चे जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित होते हैं। चलिए आज जानते हैं बच्चों में होने वाला जन्मजात हृदय रोग क्या है और कैसे इस बीमारी से बचा (Prevention of Congenital Heart Disease) जा सकता है।
दिल के आकार में परिवर्तन या दिल में छेद की समस्या को जन्मजात हृदय विकार (Congenital Heart Disease) कहा जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, जन्मजात हृदय विकार (Congenital Heart Disease) बच्चों में जन्म से ही होता है। इस बीमारी में बच्चों के हृदय और उसकी प्रमुख नलिकाओं की संरचना में विकृति हो जाती है। सही उपचार ना होने के कारण भारत में लगभग 10% बच्चे इस विकार से अपनी जान गवां देते हैं।
अमेरिका जैसे देशों में पांच साल की उम्र में ही इस हर्ट डिजीज से पीड़ित बच्चों की सर्जरी कर दी जाती है। भारत में इसकी सर्जरी ज्यादातर मामलों में देरी से होती है। इसकी सर्जरी एंजियोग्राफी के जरिए अंब्रेला डिवाइस से की जाती है। इस डिवाइस के जरिए दिल का छेद बंद किया जाता है। दिल में एक से ज्यादा समस्याएं होती हैं, तो ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है। अगर समस्या मामूली सी होती है, जो दवाई से भी इसका इलाज किया जाता है।
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