
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 23, 2020 11:17 AM IST
क्या होता है कोलोन कैंसर और कब करानी चाहिए इसकी जांच? जानिए कोलोन कैंसर से जुड़ी बड़ी बातें
भले ही लोग 2020 को खूब कोसते हों लेकिन इस साल की सबसे अच्छी बात यह है कि लोग कोरोना वायरस के चलते अपनी हेल्थ को लेकर सीरियस हो गए हैं। अब अगर किसी को अपनी हेल्थ में थोड़ी भी गड़बड़ लगती है तो वह बिना लापरवाही बरते तुरंत एक्शन लेते हैं। कई आम बीमारियां जो हमें प्रभावित करती हैं उनमें से एक कोलोन कैंसर भी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, कोलोन कैंसर दुनिया भर में पुरुषों में तीसरा सबसे आम कैंसर है। भारत में, पुरुषों में कोलन कैंसर और रेक्टल कैंसर की वार्षिक घटना दर क्रमश: 4.4 और 4.1 है। महिलाओं में कोलोन कैंसर के लिए वार्षिक घटनाओं की दर 3.9 प्रति 1,00,000 है।
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों में कोलोन कैंसर से मृत्यु दर काफी अधिक है। यानि कि यह कैंसर पुरुषों में काफी आम है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी पेट के कैंसर का खतरा होता है, हालांकि पुरुष इसकी चपेट में जल्दी आते हैं।
पूट फूला हुआ महसूस होना
कब्ज या मल का कड़ा होना
मल के साथ खून आना
पेट में दर्द, ऐंठन और अपचा होना
पेट में गैस और भारीपन होना
कमजोरी या थकान
भूख की कमी
अचानक से वजन कम होना
सांसों से बदबू आना
यदि आपको अपने अंदर उपरोक्त लक्षणों में कोई भी 2 या 3 लक्षण महसूस हों तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कोलोन कैंसर की जांच के लिए डॉक्टर्स आपके मेडिकल और पारिवारिक इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त करने से शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही डॉक्टर्स आपको पूर्ण रक्त गणना (CBC), कोलोनोस्कोपी, एक्स रे और सीटी स्कैन जैसे टेस्ट करने के लिए भी कह सकते हैं।
1. बादाम खाने के कई लाभ हैं। यह हार्ट हेल्थ को दुरुस्त रखने के साथ ही कोलोन कैंसर के खतरे को भी कम करता है। बादाम मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर होते हैं जो भोजन को पचाने में मदद करते हैं।
2. राजमा या चने के सेवन से भी कोलोन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। इन्हें आप सब्जी या स्प्राउट्स के रूप में खा सकते हैं।
3. कोलोन कैंसर को कंट्रोल करने के लिए दही बहुत फायदेमंद है। दही प्रोबायोटिक्स में समृद्ध है, जो हमारी आंतों को अच्छे बैक्टीरिया देकर उन्हें स्वस्थ रखती है। दही के सेवन से पाचन शक्ति अच्छी होती है और आंतों की सूजन व कैंसर का खतरा कम होता है।
4. पालक आयरन के साथ ही मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत है जो आंतों के कैंसर के खतरे को कम करता है। ½ कप पालक में 78 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है। पालक फाइबर सहित कई अन्य पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है, जो पाचन में सुधार करता है।
5. डाइट में ज्यादा से ज्यादा फलों को शामिल कर भी आंतों के कैंसर को रोका जा सकता है। केला, आम, संतरे और पपीता फाइबर में उच्च होते हैं। फाइबर पाचन में मदद करता है और आंतों में जमा मल को आसानी से निकालता है।