
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
chickenpox
चिकनपॉक्स (Chickenpox), इसे आम बोलचाल की भाषा में माता निकलना या छोटी माता कहा जाता है। यह एक बेहद संक्रामक बीमारी है। यानी यह एक से दूसरे व्यक्ति में बेहद आसानी से फैल सकती है। वैसे तो यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। लेकिन, बच्चों में इसके मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। चिकनपॉक्स में पूरे शरीर पर लाल दाने, फफोले और पपड़ी बन सकते हैं। इनके अलावा, बुखार और शरीर में तेज दर्द भी हो सकता है। CDC के अनुसार, आमतौर पर यह बीमारी 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाती है। लेकिन, अगर चिकनपॉक्स वायरस पूरी तरह से ठीक नहीं होता है, तो Varicella-Zoster वायरस शरीर की नसों में निष्क्रिय अवस्था में रह सकता है। बाद में यही वायरस शिंगल्स रोग का कारण बन सकते हैं। ज्यादातर मामलों में एक बार चिकनपॉक्स होने के बाद, शरीर में इसके खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है। लेकिन, कुछ मामलों में यह बीमारी दोबारा हो सकती है। तो आइए, आज के इस लेख में चिकनपॉक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं-
Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार, चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है और यह Varicella-Zoster Virus (VZV) के कारण होती है। यह बीमारी मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। यानी यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। खासकर, अगर किसी व्यक्ति ने चिकनपॉक्स की वैक्सीन नहीं लगवाई है और वह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है, तो उसमें चिकनपॉक्स होने की संभावना 90 फीसदी तक बढ़ सकती है। हैरानी की बात यह है कि चिकनपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति त्वचा पर दाने निकलने से 1-2 दिन पहले से ही दूसरे लोगों में संक्रमण फैला सकता है। फिर जब तक किसी व्यक्ति के फफोले और पपड़ी ठीक नहीं हो जाते, तब तक यह संक्रमण फैल सकता है।
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आपको बता दें कि चिकनपॉक्स की वजह से होने वाले दाने आमतौर पर छाती, पीठ और चेहरे पर सबसे पहले दिखाई दे सकते हैं। इसके बाद, ये दाने धीरे-धीरे पूरे शरीर पर फैल सकते हैं। चिकनपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति की त्वचा पर लगभग 500 फफोले निकल सकते हैं। इन फफोलों को पपड़ी बनने में लगभग एक सप्ताह लग सकता है। हालांकि, जिन लोगों को चिकनपॉक्स की वैक्सीन लग चुकी है, उनमें इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं और फफोले भी कम निकल सकते हैं।
NHS के अनुसार, चिकनपॉक्स होने पर दाने, फफोले और पपड़ी के साथ तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी, थकान और भूख कम लगना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
वैसे तो किसी भी व्यक्ति को चिकनपॉक्स हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में चिकनपॉक्स का खतरा ज्यादा बना रहता है। इनमें शामिल हैं-
NHS के अनुसार, अधिकतर मामलों में चिकनपॉक्स 1 से 2 सप्ताह में ठीक हो जाता है। जब सभी दानों या फफोलों पर पपड़ी बनने लगती है, तो संक्रमण फैलने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।
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CDC के अनुसार, चिकनपॉक्स से बचने का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीन लगवाना है। अगर किसी व्यक्ति को पहले कभी चिकनपॉक्स नहीं है, तो उन्हें चिकनपॉक्स वैक्सीन की 2 डोज लगवाने की सलाह दी जाती है। छोटे बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों को चिकनपॉक्स वैक्सीन की 2 डोज दी जाती है। बच्चों को दी जाने वाली चिकनपॉक्स वैक्सीन, उन्हें खसरा और रूबेला जैसे रोगों से भी सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।
चिकनपॉक्स होने पर कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। अधिकतर मामलों में चिकनपॉक्स घर पर ही ठीक हो जाता है, इसके लिए अस्पताल में भर्ती या इलाज की जरूरत नहीं पड़ती है। NHS के अनुसार, आपको कुछ dos and donts को फॉलो करना चाहिए। जैसे-
अगर चिकनपॉक्स होने पर आपको कुछ लक्षण महसूस हो तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। इनमें शामिल हैं-
Disclaimer: चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है और एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है। यह बीमारी Varicella-Zoster Virus के कारण होती है और इसकी वजह से पूरे शरीर पर लाल दाने और फफोले होने लगते हैं। यह बीमारी घर पर ही 4 से 7 दिनों में ठीक हो सकती है। लेकिन, इस दौरान व्यक्ति को बाहर निकलने से बचना चाहिए और खुद को आइसोलेट करना चाहिए। अगर चिकनपॉक्स के लक्षण गंभीर हो जाए, तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए। चिकनपॉक्स होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा बिल्कुल न लें।