दिमाग में भी होती है टीबी, जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार
क्या आपको मालूम है कि टीबी सिर्फ फेफड़े और हड्डियों में ही नहीं होती, बल्कि आपके दिमाग में भी टीबी हो सकती है। ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने, एचआईवी एड्स, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और डायबिटीज मेलिटस ब्रेन टीबी के प्रमुख रिस्क फैक्टर्स हैं। जानें, क्या है ये।
आज पूरी दुनिया में 'वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे 2021' मनाया जाता है। टीबी को क्षय रोग, तपेदिक भी कहते हैं। प्रत्येक वर्ष भारत में टीबी (Tuberculosis) के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिलते हैं। वर्ष 2016 में डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2.79 मिलियन लोगों में ये बीमारी देखने को मिली थी। हर वर्ष ''विश्व तपेदिक दिवस'' के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए कई कार्यक्रम, कैंपेन आदि देश-दुनिया में आयोजित किए जाते हैं। हर वर्ष 'वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे 2021' को एक खास थीम (World Tuberculosis Day 2021 theme) के तहत सेलिब्रेट किया जाता है और इस बार थीम है द क्लॉक इज टिकिंग’ (The Clock is Ticking)।
क्या है ब्रेन टीबी (What is Tuberculosis in Brain Hindi)
टीबी (TB) एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो कि सामान्यतः हमारे फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसे नजरअंदाज करने आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। अधिकतर लोगों को लगता है कि टीबी सिर्फ फेफड़े या हड्डियों में ही होती है, पर ऐसा नहीं है। यह सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं हमारे दिमाग (Brain TB) को भी प्रभावित कर सकती है। जी हां, टीबी दिमाग (Brain tuberculosis in Hindi) में भी होती है। इसमें दिमाग के ऊतकों में सूजन आ जाती है, जिसे मेनिनजाइटिस ट्यूबरक्लोसिस, मेनिनजाइटिस या ब्रेन टीबी भी कहा जा सकता है। दिमागी टीबी बड़ों से लेकर बच्चों की भी हो सकती है। डाक्टर्स का कहना है कि भारत में टीबी के हर 70 मामलों में से बीस मरीज ब्रेन टीबी के होते हैं। जानें, ब्रेन टीबी के कारण, लक्षण और उसके उपचार (Brain tuberculosis causes, symptoms and treatment) के बारे में...
ब्रेन टीबी के कारण (Causes of Brain TB)
ज्यादा मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने, एचआईवी एड्स, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और डायबिटीज मेलिटस ब्रेन टीबी के प्रमुख रिस्क फैक्टर्स हैं।
इसके लक्षण (Symptoms of Brain TB)
ब्रेन टीबी के लक्षण शरीर में धीरे-धीरे उबरते हैं। शुरुआत में
-थकान
-कम तीव्रता का बुखार,
-हमेशा बीमार बने रहना
-मिचली
-उल्टी
-चिड़चिडापन और आलस जैसी समस्याएं सामने आती हैं। दिन-ब-दिन ये लक्षण और भी खतरनाक होते जाते हैं। ऐसे में इसकी सही समय पर पहचान करके इलाज करवाना जरूरी है।
सही डाइट से इलाज
सही डाइट से ब्रेन टीबी (Brain tuberculosis in hindi) से बचा जा सकता है। इसे रोकने में डाइट भी अहम भूमिका निभा सकती है। इसके लिए रोगी को अपने डाइट में ताजे फल, सब्जियां और काफी मात्रा में प्रोटीन आदि पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें। इनसे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और बीमारी से लड़ने में मदद मिलती है।
डाइट में इन्हें भी करें शामिल
ताजे रसदार फल जैसे- अंगूर, सेब, संतरे, तरबूज और अनानास को अपने डाइट में शामिल करें। दूध में कैल्शियम भरपूर होता है। ऐसे में ब्रेन टीबी से बचने के लिए यह बेहतरीन विकल्प हो सकता है। स्ट्रॉन्ग चाय या काफी के सेवन से भी परहेज करें। इसके अलावा शुगर और डिब्बाबंद फूड्स से परहेज करने की कोशिश करें।