
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 25, 2022 3:17 PM IST
बीएमआई या बॉडी मास इंडेक्स (Body Mass Index) एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में आपने भी सुना ही होगा। वेट लॉस के लिए सबसे पहले लोगों को उनके बॉडी मास इंडेक्स के बारे में पता करने की सलाह दी जाती है। इसी तरह वेट लॉस या एक्सरसाइज प्लान तैयार करने से पहले एक्सपर्ट्स लोगों का बीएमआई पूछते हैं। लेकिन, अगर आपके मन में भी बॉडी मास इंडेक्स या बीएमआई के बारे में कोई कन्फ्यूजन है और आप नहीं समझ पा रहे है कि बीएमआई इंडेक्स की जानकारी रखना हेल्दी लाइफ के लिए क्यों महत्वपूर्ण है, तो इस लेख में आप पढ़ सकते हैं बीएमआई से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां।
बीएमआई क्या है?, हेल्दी बीएमआई इंडेक्स क्या होता है? और बीएमआई अधिक या कम होने के नुकसान क्या हैं? इन सभी सवालों के जवाब दिए बेरिएट्रिक सर्जन डॉ.अपर्णा गोविल भास्कर ( Dr. Aparna Govil Bhasker, Bariatric and Laparoscopic Surgeon, Saifee Hospital, Mumbai) ने जो मुंबई के सैफी हॉस्पिटल, नमो हॉस्पिटल और अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल से जुड़ी हुई हैं।
डॉ.अपर्णा गोविल भास्कर कहती हैं कि, बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई किसी इंसान का मोटापा नापने का पैमाना है। बीएमआई इंडेक्स में शरीर का वजन और हाइट के आंकड़ों के आधार पर कैल्कुलेशन की जाती है। बीएमआई इंडेक्स का पता लगाना इसलिए महत्वपूर्ण है कि क्योंकि बीएमआई की मदद से यह समझा जा सकता है कि किसी व्यक्ति का वजन कम है या ज्यादा है। गौरतलब है कि हेल्दी वेट मेंटेन करना हेल्दी बॉडी पाने और बीमारियों का रिस्क कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। सही बीएमआई इंडेक्स का पता होने से लोगों को अपना वजन नियंत्रित रखने (ways to control High BMI Levels) में भी मदद होती है। डॉ.अपर्णा से सुने बीएमआई के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां-
एक्सपर्ट के अनुसार बीएमआई कैल्कुलेशन के लिए किसी व्यक्ति का वजन और उसकी ऊंचाई या हाइट के नंबर्स का अनुपात निकाला जाता है। बीएमआई का लेवल चेक कर यह समझने में मदद हो सकती है कि कोई व्यक्ति हेल्दी वेट के पॉइंट के कितना आसपास है। दूसरे शब्दों में कहें तो किसी व्यक्ति का वजन अधिक है या वह मोटापे के बिंदु तक पहुंच चुका है या नहीं, इसकी जानकारी बीएमआई इंडेक्स के आधार पर मिल सकती है ।

डॉ.अपर्णा के अनुसार, नॉर्मल बीएमआई कितना होना चाहिए इस सवाल के जवाब अलग-अलग हो सकते हैं। उनके अनुसार,लोगों की भौगौलिक स्थिति या निवास की जगह के आधार पर उनके लिए नॉर्मल बीएमआई या आदर्श बीएमआई का स्तर भिन्न हो सकता है। (What is An Ideal BMI) उदाहरण के लिए डॉक्टर अपर्णा कहती हैं कि अमेरिका और भारत के लोगों के लिए नॉर्मल बीएमआई के आंकड़े एक नहीं हो सकते हैं। जैसा कि भारतीय लोगोंके शरीर में बॉडी फैट स्टोर करने की क्षमता अलग है इसीलिए, यहां नॉर्मल बॉडी इंडेक्स भी अमेरिका के लोगों के बीएमआई से अलग है। डॉक्टर अपर्णा गोविल भास्कर के मुताबिक बीएमआई के विभिन्न इंडेक्स इस तरह हो सकते हैं-
हाई बीएमआई का अर्थ है मोटापा और अधिक वजन। जैसा कि विभिन्न स्टडीज में मोटापे को कई लाइफस्टाइल डिज़िज़ेज़ और क्रोनिक बीमारियों के खतरे के साथ जोड़कर देखा जाता है। डॉ. अपर्णा भी कहती हैं कि, बीएमआई के बढ़ने के साथ मोटापे से जुड़ी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ता है। हाई बीएमआई से डायबिटीज (Diabetes), हार्ट डिज़िज़ेज (Hearth Diseases), और हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) जैसी आजीवन रहने वाली बीमारियों की संभावना भी बढ़ती है। इसीलिए, अपने बढ़े हुए बॉडी मास इंडेक्स को कम करने के प्रयास करना चाहिए।
बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए लाइफस्टाइल, दिनचर्या और डाइट में बदलाव करने की सलाह एक्सपर्ट्स द्वारा दी जाती है। वेट लॉस करने और लोअर बीएमआई मेंटेंन करने के कुछ उपाय इस प्रकार हैं-