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Written By: Atul Modi | Published : June 9, 2022 5:37 PM IST
ब्लाइंड पिंपल वह पिंपल होता है जो स्किन के नीचे वाली परत में उत्पन्न हो जाता है। यह दूर से नोटिस नहीं किया जा सकता है लेकिन अगर आप अपनी उंगली को स्किन पर फेरते हैं तो आपको यह महसूस होता है। अन्य पिंपल्स की तरह इस पिंपल का ऐसा हेड नहीं होता है। यह आम तौर पर व्हाइट हेड या ब्लैक हेड के नीचे देखने को मिलता है। बहुत सी होम रेमेडीज के द्वारा भी इस तरह के पिंपल्स को ठीक किया जा सकता है।
यह स्किन के सर्फेस पर नहीं होते हैं इसलिए इनकी व्हाइट हेड्स की तरह उंगलियों से नहीं फोड़ा जा सकता है। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको परमानेंट निशान हो सकता है और आपके इस पिंपल में दर्द भी हो सकता है और यह इंफेक्शन में भी बदल सकता है।
वॉर्म कंप्रेस का प्रयोग करने से ब्लाइंड पिंपल को ठीक किया जा सकता है। सबसे पहले आपको एक कपड़ा गर्म पानी में सोख लेना है। यह पानी ज्यादा गर्म भी नहीं होना चाहिए। अब उस गर्म कपड़े को 10 से 15 मिनट तक अपने ब्लाइंड पिंपल वाली जगह पर रख लें। इसे हटाने के बाद भी यह सुनिश्चित जरूर करें कि आप इस भाग को बिल्कुल साफ रखें।
यह एक छोटा सा स्टिकर होता है जो पिंपल के ऊपर चिपकाया जाता है। इस स्टिकर में सैलिसिलिक एसिड नाम का एजेंट होता है। यह स्टिकर आपकी स्किन और एक्ने से अतिरिक्त ऑयल, सिबम आदि को सोख लेता है और यह इंफ्लेमेशन को भी कम करने में भी सहायक है। इसका प्रयोग 24 घंटे से ज्यादा के लिए न करें।
टी ट्री ऑयल में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो पिंपल के कारण होने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। यह माइल्ड से मॉडरेट पिंपल को ठीक करने में लाभदायक है। इसका प्रयोग आप किसी फेशियल ऑयल में मिला कर स्किन में कर सकते हैं। इसका प्रयोग दिन में दो बार कर सकते हैं।
आप को फार्मेसी या फिर सुपर मार्केट आदि में पिंपल्स के इलाज में प्रयोग होने वाले फेस वॉश या फिर क्रीम आदि आसानी से उपलब्ध हो जायेंगे। एक्ने के लिए जो खास तरह के इंग्रेडिएंट्स होते हैं। बेंजाइल पेरोक्साइड, सैलिसिलिक एसिड, सल्फर, रीटेनॉइड आदि का प्रयोग पिंपल्स को ठीक करने के लिए किया जा सकता है।
सबसे पहले आपको माइल्ड फेस वॉश का प्रयोग करके अपने चेहरे को साफ कर लेना चाहिए। इसके बाद आपको तोलिया से फेस को पोंछ कर सुखा लेना चाहिए। अब एक प्लास्टिक बैग में बर्फ के टुकड़े डाल लें और इस बैग को प्रभावित भाग पर लगा लें। इस आइस पैक को अब 5 मिनट के लिए अपने एक्ने वाले भाग पर रखें और इसके बाद कुछ समय हटा दें। इस प्रक्रिया को एक दिन में तीन से चार बार जरूर करें।