
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : April 27, 2026 2:30 PM IST
Medically Verified By: Dr. Aparna Govil Bhasker
बैरियाट्रिक सर्जरी
Wajan Ghane Ke Liye Kya Kare: बीते कुछ समय में लोगों में वजन घटाने का क्रेज बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है। पहला तो इसका कारण जीरो साइज फिगर है और दूसरा यह कि अधिक मोटापे की वजह से बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में वेट लॉस करने के लिए कुछ लोग दवाइयां खाते हैं तो कुछ लोग फास्टिंग और एक्सरसाइज करना शुरू कर देते हैं। लेकिन कैसा हो अगर हम कहें कि आपको यह सब करने की जरूरत नहीं है, सिर्फ एक सर्जरी ही आपके लिए काफी है तो?
दरअसल हमने मेटाहील क्लिनिक, मुंबई की कंसल्टेंट बेरियाट्रिक, हर्निया और लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर अपर्णा गोविल भास्कर से बात की। उन्होंने बताया कि ‘पिछले कुछ सालों में वजन कम करने की नई दवाएं, खासकर GLP-1 ग्रुप की दवाएं जैसे सेमाग्लूटाइड और टिर्जेपाटाइड, मोटापे के इलाज में काफी मददगार साबित हुई हैं। लेकिन यह समझना बहुत जरूरी है कि ये दवाएं हर व्यक्ति के लिए नहीं हैं। कुछ लोगों में बेरियाट्रिक सर्जरी करना काफी जरूरी होता हैं। सिर्फ दवाईओं से वजन कम नही किया जा सकता।’ आइए विस्तार से जानते हैं इस सर्जरी के बारे में।
डॉक्टर बताती हैं कि दवाइयां शरीर का लगभग 15–21% वजन कम करती हैं। लेकिन कई बार कुछ लोगों को दवाइयां सूट भी नहीं करती हैं। इसकी तुलना में बेरियाट्रिक सर्जरी से 25–40% तक वजन कम किया जा सकता है, और यह असर लंबे समय तक बना रहता है। इसलिए जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा है, उनके लिए दवाएं लेना उचित पर्याय नही हैं।
बैरियाट्रिक सर्जरी क्या है?
इसके अलावा डॉ. अपर्णा जानकारी देती हैं कि जिन लोगों का BMI यानी कि बॉडी मास इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है यानी कि 35-40 या उससे अधिक, उनमें सर्जरी से बेहतर रिजल्ट मिलते हैं। इससे न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी दूसरी बीमारियों में भी सुधार होता है। लंबे समय तक वजन कंट्रोल में रखने के लिए भी सर्जरी ज्यादा असरदार मानी जाती है। वरना जिन्हें अन्य कोई बीमारी है तो उनके लिए फास्टिंग करना भी मुश्किल होता है और वह कुछ भी नहीं खा सकते हैं।
अक्सर कुछ लोगों पर दवाओं का असर नहीं होता। देखा गया है कि जैसे ही लोग दवाएं बंद करते हैं, वैसे ही उनका वजन वापस से बढ़ने लगता है। लेकिन डॉक्टर बताती हैं कि बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद वजन नहीं बढता हैं। इसे आज भी वजन कम करने का सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है। कई स्टडीज में पाया गया है कि सर्जरी के 10 साल बाद भी कई लोगों का वजन कम ही रहता हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, दिल की बीमारी या अन्य गंभीर समस्याएं हैं, उनके लिए सर्जरी ज्यादा फायदे देती है। इससे टाइप 2 डायबिटीज कंट्रोल में आ सकती है या कई मामलों में खत्म भी हो सकती है। दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम होता है। कई मरीज सर्जरी के बाद अपनी दवाएं कम कर देते हैं या बंद भी कर देते हैं। जबकि GLP-1 आधारित दवाओं के फायदे दवा जारी रखने पर ही बने रहते हैं।
बेरियाट्रिक सर्जरी के प्रकार क्या हैं?
देखें दवाओं के साथ खर्च और नियमित रूप से लेने की समस्या होती है। GLP-1 दवाओं को लंबे समय या जीवन भर लेना पड़ सकता है। इनके लंबे समय के डेटा भी सीमित हैं और कई मरीज इन्हें बीच में छोड़ देते हैं। दवा बंद करने पर इसके फायदे भी खत्म हो जाते हैं। वहीं अगर हम सर्जरी की बात करें तो इसकी शुरुआती लागत अधिक हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह अधिक किफायती साबित हो सकती है और स्थायी परिणाम देती है।
यह समझना जरूरी है कि, दवाएं और सर्जरी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि दोनों मिलकर बेहतर काम कर सकती हैं। सर्जरी से पहले दवाएं देकर मरीज को तैयार किया जा सकता है, और सर्जरी के बाद अगर वजन बढ़ने लगे तो दवाओं से उसे कंट्रोल किया जा सकता है। यह सच है कि वजन कम करने की दवाओं ने इलाज को आसान बनाया है, लेकिन यह हर किसी के लिए एक जैसा समाधान नहीं है। मुख्य बात यह है कि दवाओं और सर्जरी में से किसी एक को चुनना नहीं, बल्कि सही मरीज के लिए सही समय पर सही इलाज चुनना जरूरी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों, मोटापा एक जटिल समस्या है, इसलिए इसका इलाज हर व्यक्ति के हिसाब से तय करना चाहिए। जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा है, जिन पर दवाओं का असर नहीं होता, या जिन्हें गंभीर बीमारियां हैं, उनके लिए बेरियाट्रिक सर्जरी ज्यादा असरदार और लंबे समय तक काम करने वाला विकल्प है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।
जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, दिल की बीमारी या अन्य गंभीर समस्याएं हैं, उनके लिए सर्जरी ज्यादा फायदे देती है।
बेरिएट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से लैप्रोस्कोपिक विधि से की जाती है, जिसमें पेट में छोटे चीरे लगाकर पेट के आकार को छोटा या आंतों को रीरूट किया जाता है।
भारत में बेरिएट्रिक सर्जरी का कुल खर्च आमतौर पर ₹2,00,000 से ₹6,00,000 के बीच होता है, जिसकी औसत लागत लगभग ₹3,50,000 है।
बेरियाट्रिक सर्जरी उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बहुत ही अधिक मोटापे का शिकार हैं। यह एक वजन घटाने की सर्जरी है, जो पाचन तंत्र में बदलाव करके की जाती है।