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ऑटो इम्यून बीमारी के लक्षण जान लें, कहीं आप भी तो नहीं हो रहे शिकार.
ऑटो इम्यून की बीमारी के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी होती है. कुछ लोगों में ऑटो इम्यून बीमारी कई सालों से रहती है और लोग जान ही नहीं पाते हैं. ऑटो इम्यून बीमारी शरीर के अंदर ही कोशिकाओं में बदलाव और पहचान के संकट को कहा जाता है. कई बार ऑटो इम्यून बीमारी की वजह से शरीर की कोशिकाओं में एक दूसरे के प्रति विरोध देखने को मिलता है. ज्यादातर ऑटो इम्यून बीमारियों में दर्द का लक्षण सबसे खास होता है.
ऑटो इम्यून बीमारी में शरीर अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली और शरीर की स्वस्थ्य कोशिकाओं पर ही हमला करने लगती है. इस बीमारी में शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. ऑटो इम्यून बीमारी में शरीर की कोशिकाओं का नष्ट होना भी पाया जाता है.
अगर ऑटो इम्यून बीमारी के लक्षण के बारे में बात करें तो यह बहुत ही सामान्य होता है. इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि इसका पता लोगों को बहुत दिनों के बाद लग पाता है. कुछ लोगों में ऑटो इम्यून बीमारी के लक्षण के तौर पर दर्द सबसे प्रमुख होता है. जोड़ों में दर्द के साथ पाचन तंत्र में परेशानी और शरीर के किसी आंतररिक भाग में सूजन के साथ बुखार होना भी प्रमुख लक्षण माना जाता है.
जैसा की आप जान ही गये हैं कि ऑटो इम्यून बीमारी एक तरह से दर्द के लक्षण लिए हुए होती है. उसी तरह इसकी बीमारियों में भी आप थकान, दर्द और सुजन वाली बीमारियों को देख सकते हैं. ऑटो इम्यून बीमारी के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं.
ल्यूपस
रूमेटाइड अर्थराइटिस
सीलिएक रोग
पोलिमायलजिया रियुमैटिका
टाइप 1 मधुमेह
स्पॉट बाल्डनेस
वाहिकाशोथ (खून की नसों में सूजन)
सामान्यतया ऑटो इम्यून बीमारी उन लोगों में होती है जो मोटापा, खराब जीवनशैली और गलत खान-पान करते हैं. मोटापा की वजह से टाइप 1 डाइबिटीज के साथ अर्थराइटिस की परेशानी होती है. रूमेटाइड अर्थराइटिस की बीमारी बहुत दर्द देने वाली होती है. ऑटो इम्यून बीमारियों में खास बात यह भी होती है कि इनका पूरी तरह से इलाज करना संभव नहीं है.
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