ABI टेस्ट क्या है? डॉक्टर बता रहे हैं क्या है हार्ट हेल्थ का यह आसान स्क्रीनिंग तरीका

हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारी का पता लगाने में ABI टेस्ट (Ankle-Brachial Index Test) आपकी मदद कर सकता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं क्या है ये टेस्ट और कैसे हार्ट की बीमारी का पता लगाने में फायदेमंद होता है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : May 4, 2026 5:10 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Kapil Khanna

गलत खानपान, डेस्क जॉब और एक्सरसाइज की कमी के कारण इन दिनों हार्ट से मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पबमेड सेंट्रल की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में 3 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोनरी हार्ट डिजीज से पीड़ित हैं। 2021 में भारत में लगभग 28.7 लाख लोगों की मौत हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण हुई थी। भारत में जब हार्ट से जुड़ी बीमारियों की बात आती है तो अक्सर लोग हार्ट चेकअप के नाम पर सिर्फ ईसीजी या ब्लड टेस्ट कराते हैं, लेकिन एक ऐसा टेस्ट भी है जो बिना किसी मुश्किल प्रक्रिया के हार्ट और ब्लड सेल्स की सेहत की जानकारी दे सकता है। इस टेस्ट का नाम है ABI टेस्ट। गाजियाबाद स्थित यशोदा मेडिसिटी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कपिल खन्ना के अनुसार,

ABI टेस्ट उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है, जिन्हें पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या धमनियों में ब्लॉकेज की परेशानी है।

ABI टेस्ट क्या होता है?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, ABI यानी Ankle-Brachial Index एक सरल और नॉन-इनवेसिव (बिना चीरे या सर्जरी) टेस्ट है। इसमें मरीज के पैर और बांह के ब्लड प्रेशर की तुलना करके हार्ट की बीमारी का पता लगाने की कोशिश की जाती है। ABI टेस्ट का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि आपकी धमनियों में कहीं किसी प्रकार की रुकावट तो नहीं है। खासकर पैरों की धमनियों में। पैरों की धमनियों में होने वाली रुकावट Peripheral Artery Disease (PAD) का संकेत होती है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है।

Ankle Brachial Index Test यह टेस्ट धमनियों में ब्लॉकेज की जानकारी देता है।

ABI टेस्ट कैसे किया जाता है?

डॉ. कपिल खन्ना की मानें को ABI टेस्ट बेहद आसानी से 10 से 15 मिनट में ही पूरा कर लिया जाता है। खास बात यह है कि इस टेस्ट को करने में किसी प्रकार का दर्द या असहजता नहीं होती है।

  1. ABI टेस्ट को करने के लिए सबसे पहले मरीज को आराम से बेड पर लिटाया जाता है।
  2. इसके बाद डॉक्टर या तकनीशियन आपकी बांह और टखने पर ब्लड प्रेशर कफ लगाते हैं।
  3. एक डॉप्लर डिवाइस की मदद से ब्लड फ्लो मापा जाता है।
  4. दोनों जगह के ब्लड प्रेशर का अनुपात निकाला जाता है।
  5. इसी अनुपात को मेडिकल भाषा में ABI स्कोर कहा जाता है।

ABI स्कोर का क्या मतलब होता है?

ABI टेस्ट का रिजल्ट एक नंबर में आता है, जिससे धमनियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जाता है।

  1. 1.0 - 1.4 सामान्य
  2. 0.9 - 1.0 सीमा पर
  3. 0.9 से कम धमनियों में ब्लॉकेज
  4. 0.4 से कम गंभीर ब्लॉकेज का संकेत

डॉ. कपिल खन्ना का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में अगर मरीज का ABI स्कोर कम आता है, तो इसका मतलब है कि पैरों तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच रहा है, जो हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है।

Ankle Brachial Index Test स्मोकिंग करने वालों के लिए ABI टेस्ट जरूरी है।

ABI टेस्ट हार्ट हेल्थ के बारे में कैसे जानकारी देता है?

  1. रिसर्च बताती है कि ABI टेस्ट सीधे तौर पर हार्ट को नहीं मापता है,  बल्कि यह पूरे शरीर की धमनियों की सेहत का संकेत देता है।
  2. इस टेस्ट के जरिए धमनियां संकरी या ब्लॉक का पता चलता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर का ब्लड फ्लो कम हो जाता है और किन्हीं कारणों से हार्ट तक भी ब्लड सप्लाई को धीमी हो जाती है या फिर रुक जाती है।
  3. कम ABI स्कोर वाले लोगों में हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा पाया जाता है। यह स्थिति भविष्य में और भी गंभीर हो सकती है।
  4. डॉक्टर के अनुसार, कई बार मरीज में हार्ट की बीमारी का कोई लक्षण नहीं होता है, लेकिन ABI टेस्ट से छीपी हुई बीमारी का पता आसानी से लगाया जा सकता है।
  5. जो लोग लंबे समय से डायबिटीज के मरीज हैं या अपनी रोजमर्रा की लाइफ में बड़ी मात्रा में स्मोकिंग करते हैं, उनमें धमनियों के नुकसान कितना हो चुका है, इसका पता ABI टेस्ट से चल सकता है।

ABI टेस्ट कब और कितनी बार कराना चाहिए?

  1. जो मरीज हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं, उन्हें साल में 1 बार ABI टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
  2. 65 साल से ऊपर के लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए।
  3. जिन लोगों को डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें भी यह टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
  4. स्मोकिंग करने वाले लोगों को भी ABI टेस्ट साल में 1 बार जरूर करवाना चाहिए।

Disclaimer: ABI टेस्ट एक छोटा सा टेस्ट है। यह मुख्य रूप से आपकी धमनियों में ब्लॉकेज कितना है इसकी जानाकरी देता है। इस टेस्ट के जरिए हार्ट हेल्थ की असल स्थिति क्या है, इसका पता आसानी से लगाया जा सकता है। अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या स्मोकिंग करते हैं, तो साल में एक बार डॉक्टर की सलाह पर ABI टेस्ट जरूर करवाएं। ध्यान रहे कि ABI टेस्ट सिर्फ हार्ट हेल्थ और धमनियों में ब्लॉकेज की जानकारी देता है। इस टेस्ट के जरिए हार्ट अटैक को रोकना संभव नहीं है।

FAQs

हार्ट हेल्थ के लिए सबसे जरूरी क्या है?

संतुलित आहार, व्यायाम, तनाव नियंत्रण और नियमित जांच सबसे जरूरी होता है।

हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद जीवन कैसा होता है?

हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद छाती में चलगे चीरे के कारण दर्द और सूजन की परेशानी होती है। डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद इस प्रकार की समस्या 4 से 6 सप्ताह तक रहती थी। इसके बाद जीवन लगभग सामान्य ही हो जाता है।

क्या मोटापे से हार्ट डिजिज का रिस्क बढ़ता है?

जी हां, मोटापा हार्ट डिजिज का एक रिस्क फैक्टर होता है।

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