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Medically Verified By: Dr. Deepak Agrawal
angioplasty
What Is Angioplasty: दिल की बीमारियां आज भी दुनियाभर में मृत्यु और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का बड़ा कारण हैं। इन्हीं बीमारियों के इलाज में एंजियोप्लास्टी एक मुख्य रूप से अपनाई जाने वाली प्रक्रिया है। यह एक कम जटिल (मिनिमली इनवेसिव) उपचार है, जिसमें हृदय की संकीर्ण या अवरुद्ध धमनियों को खोला जा सकता है। इससे रक्त प्रवाह सामान्य होता है, सीने के दर्द जैसे लक्षणों में राहत मिल सकती है और दिल के दौरे का खतरा कम हो सकता है। आइए, डॉ दीपक अग्रवाल, कंसल्टेंट - कार्डियोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर से जानते हैं एंजियोप्लास्टी क्या होती है और कब पड़ती है इसकी जरूरत?
एंजियोप्लास्टी को चिकित्सकीय भाषा में पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन (PCI) कहा जाता है। यह हृदय की उन धमनियों को खोलने की प्रक्रिया है, जिनमें चर्बी या प्लाक जमा होने से रुकावट आ गई हो। आपको बता दें कि धमनियों में प्लाक जमा होने और उनके संकरा होने की स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) कहा जाता है।
एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया में एक पतली नली (कैथेटर) को हाथ की कलाई या जांघ की धमनी से हृदय की संकरी धमनी तक पहुंचाया जाता है। फिर कैथेटर की नोक पर लगे छोटे गुब्बारे (बलून) को फुलाया जाता है, जिससे प्लाक धमनियों की दीवार से चिपक जाता है और रक्त प्रवाह के लिए रास्ता साफ हो जाता है। ज्यादातर मामलों में, धमनी को लंबे समय तक खुला रखने के लिए स्टेंट डाला जाता है।
हालांकि, किसी भी चिकित्सा प्रक्रिया की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं। इनमें कैथेटर डालने की जगह पर खून निकलना, रक्त वाहिका को चोट लगना, प्रक्रिया में उपयोग होने वाले डाई से एलर्जी, या स्टेंट में थक्का बनने का खतरा शामिल हैं।
डॉक्टर कुछ परिस्थितियों में एंजियोप्लास्टी की सलाह दे सकते हैं। जैसे-
एंजियोप्लास्टी बहुत प्रभावी है, लेकिन यह एकमात्र उपचार नहीं है। इसके अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं, जैसे-
Disclaimer: एंजियोप्लास्टी न केवल लक्षणों में तुरंत राहत देती है बल्कि कई परिस्थितियों में जीवन भी बचा सकती है। फिर भी, यह हर मरीज के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं मानी जाती है। इसलिए डॉक्टर मरीज की स्थिति, ब्लॉकेज की गंभीरता और अन्य विकल्पों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं।